
कुछ करने की ठान लें तो मुश्किलें भी रास्ते नहीं रोक सकतीं। बिहार की बेटी ब्यूटी झा ने यही साबित किया। जब उनके पिता का काम छूट गया, तो परिवार आर्थिक तंगी में फंस गया। लेकिन ब्यूटी ने हिम्मत नहीं हारी। दिन में मॉमोज बेचकर परिवार का सहारा बनी और रात में पढ़ाई करके NEET 2023 क्रैक कर MBBS में एडमिशन हासिल किया।
संघर्ष से सफलता तक
मधुबनी, बिहार से दिल्ली आए परिवार में ब्यूटी के पिता फैक्ट्री में माली थे। 2020 में नौकरी छूटने के बाद परिवार की आर्थिक स्थिति बिगड़ गई। ब्यूटी और उनकी मां ने मिलकर मोमोज का ठेला लगाया। खाली समय में ब्यूटी किताबें पढ़कर अपने सपनों की ओर बढ़ती रहीं।
उनका लक्ष्य हमेशा से सफेद कोट पहनकर डॉक्टर बनना था। दिनभर ठेले पर काम, शाम को घर लौटकर पढ़ाई – यही उनका दिनचर्या था। कोचिंग और सुविधाओं के बिना ही ब्यूटी ने NEET में 4809वीं रैंक हासिल की और लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज में MBBS की पढ़ाई शुरू की।
भविष्य का लक्ष्य
ब्यूटी का सपना सिर्फ डॉक्टर बनना नहीं है, बल्कि गरीबों का मुफ्त या कम कीमत पर इलाज करना भी है। उनकी कहानी साबित करती है कि सच्ची मेहनत और लगन से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
मिसाल बन चुकी सफलता
ब्यूटी झा की यह संघर्ष और सफलता की कहानी न सिर्फ उनके परिवार के लिए गर्व की बात है, बल्कि लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा भी है। कम संसाधनों में भी बड़े सपने देखना और उन्हें पूरा करना संभव है।
(सभी फोटो क्रेडिट: IG/beautyjha_34)