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सलमान से मोहम्मद उमर तक: कैसे आई20 कार बनी लाल किले धमाके का साधन

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फरीदाबाद‑दिल्ली कड़ी में लापरवाही या सोची-समझी साजिश? जांच में खुली कार ट्रांसफर की पूरी कहानी।

नई दिल्ली: दिल्ली के लाल किले के पास सोमवार, 10 नवंबर, 2025 को हुए धमाके में इस्तेमाल हुंडई आई20 (HR26CE7674) कार कई हाथों से गुजरती हुई आखिरकार फिदायीन हमलावर और मास्टरमाइंड डॉ मोहम्मद उमर के पास पहुंची। दिल्ली पुलिस अब इस पूरी कड़ी की तहकीकात कर रही है कि कार असली मालिक से लेकर आतंकी वारदात तक कैसे पहुंची।

सलमान से कार की शुरुआत
इंटेलिजेंस सूत्रों के अनुसार, कार का असली मालिक मोहम्मद सलमान था। सलमान ने इसे पहले नदीम नाम के व्यक्ति को बेचा। इसके बाद नदीम ने कार को फरीदाबाद के यूज्ड कार डीलर ‘रॉयल कार जोन’ को सौंप दिया।

आमिर और तारिक के हाथों से डॉ उमर तक
रॉयल कार जोन से यह कार आमिर नाम के शख्स के पास पहुंची। आमिर से कार पुलवामा के तारिक के हाथों में गई, जो कथित तौर पर फरीदाबाद आतंकी मॉड्यूल का सदस्य है। अंततः यह कार जैश ए मोहम्मद के संदिग्ध और लाल किले धमाके के फिदायीन हमलावर डॉ मोहम्मद उमर के पास पहुंची।

सुरक्षा एजेंसियों को शक है कि डॉ उमर ने फरीदाबाद मॉड्यूल में गिरफ्तारी के डर से यह आतंकी हमला अंजाम दिया। आमिर और तारिक दोनों से दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और क्राइम ब्रांच पूछताछ कर रही है।

कार अभी भी सलमान के नाम पर
जांच में यह भी पता चला है कि कार का रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC) अभी भी सलमान के नाम पर है। रिकॉर्ड के अनुसार, 20 सितंबर, 2025 को फरीदाबाद में इसी कार पर गलत पार्किंग का चालान भी काटा गया था। जांचकर्ताओं को संदेह है कि कार के मालिकाना हक की कड़ी छिपाने के लिए फर्जी दस्तावेज़ या अनौपचारिक लेन-देन किए गए।

जांच और फोरेंसिक तफ्तीश जारी
चांदनी चौक के पास धमाके वाली जगह फिलहाल सील है। फोरेंसिक टीम क्षेत्र में जांच कर रही है। धमाका उस समय हुआ जब कार धीरे-धीरे बढ़कर रेड लाइट पर रुकी थी। धमाके से आसपास की गाड़ियां क्षतिग्रस्त हुईं और दुकानों के शीशे टूट गए, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।

सवाल उठ रहे हैं:
बिना आधिकारिक ट्रांसफर के कार कैसे आगे बढ़ी? क्या यह लापरवाही थी या सोची-समझी साजिश? सुरक्षा एजेंसियां इन सभी सवालों का जवाब खोजने में जुटी हैं।

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