Thursday, May 21

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नितिन नबीन के बाद कौन? नीतीश कैबिनेट में नए बीजेपी मंत्री को लेकर मंथन तेज

भारतीय जनता पार्टी द्वारा बिहार सरकार के मंत्री और पांच बार के विधायक नितिन नबीन को पार्टी का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किए जाने के बाद राज्य की राजनीति में नई हलचल तेज हो गई है। बीजेपी के “एक व्यक्ति, एक पद” के सिद्धांत के चलते अब यह लगभग तय माना जा रहा है कि नितिन नबीन को नीतीश कुमार कैबिनेट में सड़क निर्माण मंत्री का पद छोड़ना पड़ सकता है। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि उनकी जगह नीतीश कैबिनेट में बीजेपी का नया चेहरा कौन होगा?

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सूत्रों के मुताबिक, इस पद के लिए पार्टी के भीतर मंथन शुरू हो चुका है और तीन वरिष्ठ नेताओं के नाम सबसे आगे चल रहे हैं। पार्टी नेतृत्व जातीय संतुलन, संगठनात्मक अनुभव और क्षेत्रीय समीकरणों को ध्यान में रखकर फैसला कर सकती है।

‘एक व्यक्ति, एक पद’ फॉर्मूले ने बढ़ाई हलचल

बीजेपी लंबे समय से संगठन और सरकार में जिम्मेदारियों के पृथक्करण की नीति अपनाती रही है। इसी नीति के तहत राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाए गए 45 वर्षीय नितिन नबीन पर भी यह नियम लागू होगा। संगठन में अहम जिम्मेदारी मिलने के बाद उनके मंत्री पद छोड़ने की संभावना ने नए चेहरे की तलाश को तेज कर दिया है।

इन तीन नामों पर हो रहा है सबसे ज्यादा मंथन

1. संजय मयूख
कायस्थ समाज से आने वाले डॉ. संजय मयूख बिहार विधान परिषद के सदस्य हैं। संगठन में अनुशासित और जमीन से जुड़े नेता के रूप में उनकी पहचान है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं के करीबी माने जाते हैं। मीडिया से दूरी और संगठनात्मक काम में सक्रियता उनकी सबसे बड़ी ताकत मानी जा रही है।

2. संजीव चौरसिया
वैश्य समाज से आने वाले संजीव चौरसिया बिहार बीजेपी के प्रमुख चेहरों में शामिल हैं। दीघा विधानसभा क्षेत्र से विधायक और प्रदेश महामंत्री के तौर पर वे संगठन में मजबूत पकड़ रखते हैं। जातीय और क्षेत्रीय संतुलन के लिहाज से उन्हें मंत्री बनाए जाने की संभावना को भी अहम माना जा रहा है।

3. अरुण सिन्हा
पटना की कुम्हरार विधानसभा सीट से विधायक रह चुके अरुण सिन्हा भी रेस में बताए जा रहे हैं। कायस्थ समाज के प्रतिनिधि के तौर पर उन्हें कैबिनेट में शामिल कर बीजेपी अपना सामाजिक संतुलन बनाए रख सकती है। हालांकि उन्होंने पिछला चुनाव नहीं लड़ा था, लेकिन सम्राट चौधरी की खाली हुई विधान परिषद सीट से उन्हें एमएलसी बनाकर मंत्री बनाए जाने का विकल्प भी पार्टी के पास मौजूद है।

जल्द हो सकता है फैसला

पार्टी सूत्रों का कहना है कि केंद्रीय नेतृत्व और प्रदेश संगठन के बीच लगातार बातचीत चल रही है। नितिन नबीन के औपचारिक रूप से मंत्री पद छोड़ने के बाद नीतीश कैबिनेट में बीजेपी के नए मंत्री के नाम की घोषणा कभी भी हो सकती है।

अब सभी की निगाहें बीजेपी के अंतिम फैसले पर टिकी हैं, जो न सिर्फ कैबिनेट बल्कि बिहार की आगामी राजनीतिक रणनीति को भी नई दिशा दे सकता है।

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