Thursday, July 23

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सिम ट्रे की जगह माइक में डाल दी पिन, क्या खराब हो जाएगा फोन? जानें क्या करें
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सिम ट्रे की जगह माइक में डाल दी पिन, क्या खराब हो जाएगा फोन? जानें क्या करें

कई बार फोन की सिम ट्रे निकालते समय यूजर्स गलती से सिम-इजेक्टर पिन को सिम ट्रे के छेद की बजाय पास वाले माइक के छेद में डाल देते हैं। ऐसे में अक्सर लोगों के मन में डर उठता है कि क्या इससे फोन या उसका माइक खराब हो जाएगा। फोन या माइक को नुकसान नहीं स्मार्टफोन निर्माता कंपनियां इस बात का ध्यान रखती हैं कि यूजर्स गलती से पिन को माइक के छेद में डाल दें। इसलिए सिम ट्रे के पास वाले माइक की पोजीशन इस तरह से रखी जाती है कि पिन सीधे माइक तक नहीं पहुँचता और नुकसान का खतरा लगभग नहीं होता। क्या करें अगर पिन माइक में चला जाए फोन कॉल करके चेक करें: पिन गलती से माइक में चला गया हो तो पहले किसी को कॉल करके माइक की कार्यक्षमता चेक करें। आवाज रिकॉर्ड करें: कॉल करने का मौका न हो तो फोन की रिकॉर्डिंग ऐप खोलकर आवाज रिकॉर्ड करें। अगर रिकॉर्ड की गई आवाज सामान्य और स्पष्ट है, तो माइक ठीक काम कर रहा है। ...
चीन-रूस से मदद? ईरान ने ‘किल स्विच’ से जाम किया एलन मस्क का स्टारलिंक इंटरनेट
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चीन-रूस से मदद? ईरान ने ‘किल स्विच’ से जाम किया एलन मस्क का स्टारलिंक इंटरनेट

ईरान में जारी सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बीच इंटरनेट सेवा पर पूर्ण पाबंदी लगा दी गई है। हाल ही में यह खबर सामने आई है कि ईरानी सरकार ने एलन मस्क की सैटेलाइट इंटरनेट सेवा स्टारलिंक के सिग्नलों को भी जाम कर दिया है। टेक विशेषज्ञों के अनुसार यह पहली बार है जब स्टारलिंक नेटवर्क में इस प्रकार का आउटेज देखा गया है। रिपोर्टों के मुताबिक, ईरान ने ‘किल स्विच’ तकनीक का इस्तेमाल किया है। इस तकनीक का सामान्य उपयोग मिलिट्री में किया जाता है और माना जा रहा है कि ईरान के पास यह तकनीक स्वयं नहीं थी। विशेषज्ञों का अनुमान है कि संभवतः इसे रूस या चीन से मदद लेकर ईरान में लागू किया गया। क्या है मामला? 8 जनवरी को ईरान में इंटरनेट बंद कर दिया गया था। इसके बाद जनता ने वैकल्पिक रूप से स्टारलिंक का इस्तेमाल शुरू किया। हालांकि, वीपीएन जैसी अन्य सेवाएं भी बंद पड़ीं। क्लाउडफ्लेयर रडार ने बताया कि ईरान में इंटरनेट ट...
कंप्यूटर ऑन नहीं हो रहा? टेक्नीशियन के पास जाने से पहले आजमाएं ये तरीके
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कंप्यूटर ऑन नहीं हो रहा? टेक्नीशियन के पास जाने से पहले आजमाएं ये तरीके

कई बार ऐसा होता है कि आप कंप्यूटर स्टार्ट करते हैं, लेकिन वह चालू नहीं होता। इसके पीछे पावर सप्लाई की समस्या, USB डिवाइस, या सॉफ़्टवेयर संबंधी कारण हो सकते हैं। यदि आपका कंप्यूटर या लैपटॉप ठीक से ऑन नहीं हो रहा है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। सर्विस सेंटर जाने से पहले आप खुद कुछ आसान तरीके आजमा सकते हैं, जिनसे आपकी समस्या हल हो सकती है। पावर सप्लाई जांचें सबसे पहले यह सुनिश्चित करें कि कंप्यूटर को सही पावर मिल रही है या नहीं। यदि लैपटॉप या पीसी बिल्कुल चालू नहीं हो रहा, पंखे की आवाज नहीं आ रही या स्क्रीन ब्लैंक है, तो पावर सप्लाई की समस्या सबसे आम कारण होती है। ऐसे में कंप्यूटर को किसी अन्य पावर सॉकेट में लगाकर देखें। अगर फिर भी चालू नहीं होता, तो संभव है कि पावर सप्लाई में तकनीकी दिक्कत हो। मॉनिटर की जांच करें कभी-कभी कंप्यूटर चालू हो जाता है लेकिन स्क्रीन पर कुछ दिखाई नहीं देता...
10Gbps की रफ्तार वाला Wi-Fi 7 राउटर लॉन्च, बड़े घरों में मिलेगा फुल नेटवर्क कवरेज
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10Gbps की रफ्तार वाला Wi-Fi 7 राउटर लॉन्च, बड़े घरों में मिलेगा फुल नेटवर्क कवरेज

इंटरनेट की तेज़ रफ्तार चाहने वालों के लिए बड़ी खबर है। नेटवर्किंग डिवाइस बनाने वाली दिग्गज कंपनी TP-Link ने अपना नया Wi-Fi 7 राउटर Archer BE670 पेश किया है, जो लेन केबल के ज़रिए 10Gbps तक की इंटरनेट स्पीड देने में सक्षम है। कंपनी का दावा है कि यह राउटर बड़े घरों, खासतौर पर तीन बेडरूम वाले मकानों के लिए बेहतरीन नेटवर्क कवरेज प्रदान करेगा। लेटेस्ट Wi-Fi 7 टेक्नोलॉजी से लैस TP-Link Archer BE670 कंपनी का नया Wi-Fi 7 राउटर है, जो 6GHz, 5GHz और 2.4GHz तीनों बैंड को सपोर्ट करता है। 6GHz बैंड पर यह राउटर अधिकतम 5765 Mbps की वायरलेस स्पीड ऑफर करता है। वहीं 5GHz बैंड पर भी लगभग इतनी ही स्पीड मिलती है, जबकि 2.4GHz कनेक्शन पर अधिकतम 688 Mbps तक की रफ्तार हासिल की जा सकती है। LAN के ज़रिए मिलेगी 10Gbps की स्पीड इस राउटर की सबसे बड़ी खासियत इसका 10Gbps WAN/LAN पोर्ट है। यदि इसे हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड कने...
मुसीबत में जीवन रक्षक बन सकता है ‘इमरजेंसी लोकेशन सर्विस’ जानिए क्या है यह फीचर, कैसे करें फोन में सक्रिय और क्या हैं इसके फायदे
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मुसीबत में जीवन रक्षक बन सकता है ‘इमरजेंसी लोकेशन सर्विस’ जानिए क्या है यह फीचर, कैसे करें फोन में सक्रिय और क्या हैं इसके फायदे

आज के दौर में स्मार्टफोन केवल बातचीत या मनोरंजन का साधन नहीं रह गया है, बल्कि सही जानकारी होने पर यही फोन आपकी जान भी बचा सकता है। ऐसा ही एक बेहद ज़रूरी और जीवन रक्षक फीचर है ‘इमरजेंसी लोकेशन सर्विस’, जिसे गूगल ने एंड्रॉयड यूज़र्स के लिए उपलब्ध कराया है। अगर यह फीचर आपके फोन में सक्रिय है और आप किसी आपात स्थिति में 112 इमरजेंसी नंबर पर कॉल करते हैं, तो आपकी सटीक लोकेशन स्वतः ही पुलिस और अन्य आपात सेवाओं तक पहुंच जाती है। इससे संकट के समय आपको अपनी लोकेशन समझाने की ज़रूरत नहीं पड़ती और मदद कहीं ज़्यादा तेज़ी से मिल सकती है।   क्या है इमरजेंसी लोकेशन सर्विस? इमरजेंसी लोकेशन सर्विस गूगल द्वारा एंड्रॉयड स्मार्टफोन्स के लिए शुरू किया गया एक सुरक्षा फीचर है। यह फीचर 112 पर कॉल करते ही सक्रिय हो जाता है और GPS, वाई-फाई तथा मोबाइल नेटवर्क की मदद से कॉल करने वाले व्यक्ति की लोकेशन का पता ल...
सरकार ने दी सफाई: स्मार्टफोन कंपनियों से सोर्स कोड मांगने का कोई प्रस्ताव नहीं
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सरकार ने दी सफाई: स्मार्टफोन कंपनियों से सोर्स कोड मांगने का कोई प्रस्ताव नहीं

नई दिल्ली: भारत सरकार ने रॉयटर्स की उस रिपोर्ट को गलत बताया है, जिसमें कहा गया था कि सरकार स्मार्टफोन कंपनियों से सोर्स कोड साझा करना अनिवार्य करने पर विचार कर रही है। PIB फैक्ट चेक के एक्स (पहले ट्विटर) अकाउंट से जारी स्पष्टीकरण में सरकार ने स्पष्ट किया कि फिलहाल ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं है और यह खबर भ्रामक है। सरकार ने बताया कि इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) मोबाइल सुरक्षा को लेकर रूटीन कंसल्टेशन प्रोसेस कर रहा है। इसका उद्देश्य उद्योग के स्टेकहोल्डर्स के साथ बातचीत कर सुरक्षा और सेफ्टी स्टैंडर्ड्स को अपडेट करना है। अधिकारियों ने जोर दिया कि अभी तक कोई फाइनल नियम नहीं बनाए गए हैं और भविष्य में कोई भी सुरक्षा फ्रेमवर्क डिटेल में बातचीत के बाद ही लागू किया जाएगा। रॉयटर्स की रिपोर्ट में दावा किया गया था कि भारत सरकार स्मार्टफोन की सुरक्षा बढ़ाने के लिए कई नए नियम लाने ...
नींद बताएगी भविष्य में होने वाली 130 बीमारियों का खतरा, वैज्ञानिकों ने बनाया ‘SleepFM’
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नींद बताएगी भविष्य में होने वाली 130 बीमारियों का खतरा, वैज्ञानिकों ने बनाया ‘SleepFM’

नई दिल्ली: अब नींद सिर्फ थकान मिटाने का काम नहीं करेगी, बल्कि आपके भविष्य में होने वाली बीमारियों का संकेत भी दे सकती है। अमेरिका की स्टैनफॉर्ड यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने एक खास AI मॉडल तैयार किया है, जिसका नाम है SleepFM। यह मॉडल इंसान की नींद के दौरान शरीर में होने वाली गतिविधियों का विश्लेषण करके 130 बीमारियों का अनुमान लगा सकता है। रिसर्च के अनुसार, SleepFM मॉडल ने 75% तक सटीक भविष्यवाणी की। उदाहरण के लिए, हार्ट अटैक के मामलों में 10 में 8, डिमेंशिया में 8.5, किडनी रोग में करीब 8, स्ट्रोक में 7.8 और ब्रेस्ट कैंसर में 10 में से 9 मामलों का सही अनुमान लगाया। इस अध्ययन में लगभग 65 हजार लोगों की नींद डेटा का उपयोग किया गया, जो 5 लाख 85 हजार घंटे की नींद से जुड़ा था। नींद में क्या होता है खास नींद के दौरान हमारा दिमाग, दिल, सांस और मांसपेशियां लगातार काम करती रहती हैं। दिमाग की तरंगें ...
जून 2026 तक हर गांव में पहुंचेगा 4G, ग्रामीणों को मिलेगा हाई-स्पीड इंटरनेट
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जून 2026 तक हर गांव में पहुंचेगा 4G, ग्रामीणों को मिलेगा हाई-स्पीड इंटरनेट

नई दिल्ली: भारत के गांव-गांव में अब जल्दी ही 4G नेटवर्क की सुविधा उपलब्ध हो जाएगी। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने शुक्रवार को शिवपुरी जिले में आयोजित एक कार्यक्रम में घोषणा की कि जून 2026 तक पूरे देश के हर गांव में 4G नेटवर्क पहुँच जाएगा। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में उच्च गति का इंटरनेट और बेहतर कॉल कनेक्टिविटी सुनिश्चित होगी। सिंधिया ने बताया कि इस कार्यक्रम में गुना के बदरवास इलाके में एक सब-पोस्ट ऑफिस का उद्घाटन भी किया गया। उन्होंने कहा कि भारत पोस्ट विभाग ने कृषि और किसान कल्याण विभाग के साथ दो समझौते किए हैं, जो ग्रामीण महिलाओं और किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में मदद करेंगे। एक समझौता उर्वरक वितरण में पारदर्शिता लाने के लिए है, जबकि दूसरा महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए लाभकारी है। डिजिटल इंडिया को मिलेगा बल सिंधिया ने कहा कि देश में अब तक 120 करोड़ लोग मोबाइल का...
महाराष्ट्र में बांग्लादेशी और रोहिंग्या अप्रवासियों की पहचान अब AI से
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महाराष्ट्र में बांग्लादेशी और रोहिंग्या अप्रवासियों की पहचान अब AI से

मुंबई: महाराष्ट्र सरकार ने अवैध बांग्लादेशी और रोहिंग्या अप्रवासियों की पहचान के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) टूल लाने की तैयारी शुरू कर दी है। यह टूल IIT बॉम्बे के सहयोग से विकसित किया जा रहा है। फिलहाल इसकी सटीकता 60 प्रतिशत है, लेकिन उम्मीद है कि अगले चार महीनों में यह 100 प्रतिशत तक पहुँच जाएगी। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने NDTV को जानकारी देते हुए बताया कि यह तकनीक अवैध अप्रवासियों की पहचान करने में मदद करेगी। फडणवीस ने कहा कि प्रवासी पहले पश्चिम बंगाल से आते हैं, फिर नकली कागजात बनाकर देश के विभिन्न हिस्सों में जाकर सरकारी योजनाओं का लाभ उठाते हैं। इस समस्या से निपटने के लिए AI टूल एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। कैसे काम करेगा AI टूल? AI टूल एक कंप्यूटर प्रोग्राम है, जो इंसानों की तरह सोचकर काम कर सकता है। यह फोन और अन्य जानकारी का विश्लेषण करके लोगों की पहचान करेगा। फिलहाल यह ...
घर बैठे फ्री कानूनी सलाह! सरकार ने शुरू की WhatsApp सेवा ‘न्याय सेतु’
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घर बैठे फ्री कानूनी सलाह! सरकार ने शुरू की WhatsApp सेवा ‘न्याय सेतु’

नई दिल्ली: अब घर बैठे ही कानूनी मदद पाना आसान हो गया है। भारत सरकार ने अपनी डिजिटल पहल ‘न्याय सेतु’ को WhatsApp पर उपलब्ध करवा दिया है। इसके जरिए आम नागरिक बिना किसी झंझट के मुफ्त में कानूनी सलाह, जानकारी और सहायता प्राप्त कर सकते हैं। इस सुविधा का इस्तेमाल करने के लिए आपको किसी ऐप को डाउनलोड करने या वेबसाइट पर जाने की आवश्यकता नहीं है। बस WhatsApp पर 7217711814 नंबर पर Hi या Hello मैसेज भेजना होगा। इसके बाद आपको तीन विकल्प दिखाई देंगे – कानूनी सलाह, कानूनी जानकारी और कानूनी सहायता। अपनी जरूरत के अनुसार कोई भी विकल्प चुनकर आप घर बैठे फ्री कानूनी सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं। ‘न्याय सेतु’ अगस्त 2024 में शुरू की गई थी और अब WhatsApp के जरिए इसे और भी आसान बनाया गया है। कानून और न्याय मंत्रालय ने ट्वीट के माध्यम से बताया कि इस नई सुविधा से हर नागरिक को सुरक्षित और प्रोफेशनल कानूनी सहायता जल्द...