ताजे पानी के बहाव से भारत की एकमात्र उल्कापिंड झील को गंभीर खतरा, लोनार लेक का जलस्तर 20 फीट बढ़ा
पुणे: महाराष्ट्र की ऐतिहासिक और वैज्ञानिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण लोनार झील आज गंभीर पर्यावरणीय संकट का सामना कर रही है। लगभग 50 हजार वर्ष पहले उल्कापिंड के टकराव से बनी यह झील न केवल भूगर्भीय दृष्टि से अद्वितीय है, बल्कि मंगल ग्रह की सतह के अध्ययन के लिए पृथ्वी पर मौजूद सबसे महत्वपूर्ण प्राकृतिक उदाहरणों में से एक भी मानी जाती है।
हाल ही में झील में अत्यधिक मीठे पानी के प्रवेश से इसके पारिस्थितिकी तंत्र में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। लंबे समय तक झील की उच्च क्षारीय प्रकृति (पीएच स्तर लगभग 11.5) के कारण केवल विशिष्ट सूक्ष्मजीव और जैव विविधता ही जीवित रह पाती थी, लेकिन अब पहली बार यहां मछलियों की मौजूदगी दर्ज की गई है।
हाईकोर्ट ने लिया संज्ञान
जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर पीठ ने मामले में स्वतः संज्ञान लेते हुए राज्य स...










