तैमारा घाटी का ‘टाइम ट्रैवल’ रहस्य: रांची की पहाड़ियों और पत्थरों में छिपा भविष्य का रास्ता
रांची। टाटा मार्ग पर स्थित तैमारा घाटी एक रहस्यमय स्थल के रूप में उभरकर सामने आ रही है। ऐसा प्रतीत होता है जैसे यह घाटी किसी 'टाइम ट्रैवल' कहानी की तरह काम कर रही हो। यह मामला 6 जनवरी 2026 का है, जब भूविज्ञानी डॉ. नितीश प्रियदर्शी के कॉलेज के छात्रों का दल शोध कार्य के लिए घाटी पहुंचा। जैसे ही छात्र घाटी के एक विशेष बिंदु पर पहुंचे, उनके मोबाइल फोन की घड़ी एक साल आगे बढ़कर 6 जनवरी 2027 दिखाने लगी।
वैज्ञानिक कारण: भू-चुंबकीय विसंगतियाँ
डॉ. नितीश प्रियदर्शी के अनुसार, घाटी की चट्टानें समय और दिशा को प्रभावित कर रही हैं। इस क्षेत्र में मैग्नेटाइट और ग्रेनाइट चट्टानों की मौजूदगी से एक स्थानीय चुंबकीय क्षेत्र बन जाता है, जो कंपास और स्मार्टफोन के सेंसर्स को भ्रमित कर सकता है। मोबाइल फोन का समय गलत दिखना तकनीकी रूप से तब होता है जब नेटवर्क टाइम प्रोटोकॉल (NTP) या GPS सि...










