Wednesday, July 22

Bihar

जूली को भूल, 72 की उम्र में फिर धड़कने लगा ‘लव गुरु’ का दिल: मटुकनाथ ने बताई नई ‘इश्क’ की कहानी
Bihar, State

जूली को भूल, 72 की उम्र में फिर धड़कने लगा ‘लव गुरु’ का दिल: मटुकनाथ ने बताई नई ‘इश्क’ की कहानी

पटना: बिहार के चर्चित 'लव गुरु' मटुकनाथ चौधरी एक बार फिर चर्चा में हैं। 2006 में पटना यूनिवर्सिटी के अधेड़ प्रोफेसर और उनकी छात्रा जूली की प्रेम कहानी ने देशभर में सुर्खियां बटोरी थीं। अब 72 साल की उम्र में मटुकनाथ की जिंदगी में जूली नहीं, बल्कि एक रहस्यमयी महिला 'जानू' ने जगह बनाई है। ‘जानू’ के साथ अनोखा संवाद मटुकनाथ ने फेसबुक पोस्ट में लिखा कि यह महिला उनसे प्यार करती है, लेकिन प्यार की शर्त अनोखी थी—वह चाहती थी कि मटुकनाथ उसकी रचनाओं को पढ़ें और टिप्पणी करें। प्रोफेसर ने सवाल उठाया:"क्या यह प्रेम है या ड्यूटी? प्रेम में कोई सौदा नहीं होता।" महिला ने जवाब दिया:"आप किस लायक हैं कि मैं आपको प्यार के बदले प्यार दूँ? आप जिस लायक हैं, वही काम आपसे लूंगी—पढ़ो और लिखो।" महिला ने आगे कहा:"तुम केवल प्यास जगा सकते हो, बुझा नहीं सकते।" ‘जानू’ ने बदल दी कहानी महिला की बातें सुनकर मटुकनाथ हार...
बिहार विधानसभा स्पीकर प्रेम कुमार समेत 42 विधायकों को हाईकोर्ट का नोटिस
Bihar, Politics, State

बिहार विधानसभा स्पीकर प्रेम कुमार समेत 42 विधायकों को हाईकोर्ट का नोटिस

पटना: बिहार के सियासी गलियारे से गुरुवार को बड़ी खबर आई है। पटना हाईकोर्ट ने बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार समेत कुल 42 विधायकों को नोटिस जारी किया है और उनका जवाब मांगा है। किन विधायकों को नोटिस मिला? बिहार विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ऊर्जा मंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव पूर्व मंत्री और जाले से बीजेपी के जीवेश मिश्रा नबीनगर से जदयू के चेतन आनंद गोह से राजद के अमरेंद्र कुमार सत्ताधारी और विपक्ष दोनों दलों के विधायकों को नोटिस जारी किया गया है। नोटिस का कारण हाईकोर्ट ने यह नोटिस चुनावी हलफनामे में कथित गलत जानकारी और अनियमितताओं के आरोप वाली याचिका पर जारी किया है। याचिकाकर्ता आरोप लगा रहे हैं कि इन विधायकों ने चुनावी एफिडेविट (हलफनामे) में अपने नॉमिनेशन के दौरान महत्वपूर्ण तथ्यों को छिपाया और कुछ मामलों में वोटिंग प्रक्रिया में गड़बड़ी की। ...
बिहार में नक्सलवाद का अंत: सुरेश कोड़ा के आत्मसमर्पण के साथ ‘लाल आतंक’ की आखिरी दास्तान
Bihar, State

बिहार में नक्सलवाद का अंत: सुरेश कोड़ा के आत्मसमर्पण के साथ ‘लाल आतंक’ की आखिरी दास्तान

पटना: एक समय बिहार में नक्सलवाद ने राज्य के एक तिहाई हिस्से पर अपनी पैठ जमा रखी थी। जहानाबाद, भोजपुर, गया और जमुई जैसे जिलों में शाम ढलते ही सन्नाटा छा जाता था और पुलिस भी नक्सल प्रभावित इलाकों में कदम रखने से कतराती थी। लेकिन अब साल 2026 में बिहार पूरी तरह नक्सल मुक्त हो चुका है। नक्सलवाद की शुरुआत बिहार में नक्सलवाद की शुरुआत 1967 में पश्चिम बंगाल में शुरू हुई सशस्त्र क्रांति की चिंगारी से हुई। भोजपुर जिले में भाकपा माले ने पहला आंदोलन खड़ा किया। 80 और 90 के दशक तक एमसीसी (माओवादी कम्युनिस्ट सेंटर) ने जहानाबाद, औरंगाबाद और गया जिलों को अपना गढ़ बना लिया। 21 सितंबर 2004 को पीपुल्स वार और एमसीसी के विलय के बाद भाकपा (माओवादी) का गठन हुआ और नक्सलियों की ताकत चरम पर पहुँच गई। नक्सलियों का प्रभाव धीरे-धीरे कम हुआ 2013 में बिहार के 22 जिले नक्सल प्रभावित घोषित थे। सरकार की पुनर...
हथियार लहराने पर प्रशासन का बड़ा एक्शन, पूर्व मंत्री के भतीजे समेत दो रसूखदारों का आर्म्स लाइसेंस रद्द
Bihar, State

हथियार लहराने पर प्रशासन का बड़ा एक्शन, पूर्व मंत्री के भतीजे समेत दो रसूखदारों का आर्म्स लाइसेंस रद्द

सीतामढ़ी। जिले में हथियार का प्रदर्शन और उसे स्टेटस सिंबल के रूप में दिखाने की बढ़ती प्रवृत्ति पर प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। सीतामढ़ी के जिलाधिकारी (डीएम) रिची पांडेय ने लाइसेंसी हथियार का दुरुपयोग करने के आरोप में जिले के दो रसूखदार व्यक्तियों के शस्त्र लाइसेंस रद्द कर दिए हैं। इस कार्रवाई में शामिल एक व्यक्ति पूर्व कैबिनेट मंत्री दिवंगत शाहिद अली खां के भतीजे शादाब अहमद खान हैं, जबकि दूसरा व्यक्ति निशित सिंह है, जिसकी छवि आपराधिक प्रवृत्ति वाले व्यक्ति के रूप में बताई जा रही है। डीएम द्वारा एक साथ दो लोगों के हथियार लाइसेंस रद्द किए जाने का फैसला जिले में चर्चा का विषय बन गया है। एसपी की रिपोर्ट पर हुई कार्रवाई जानकारी के अनुसार यह कार्रवाई एसपी अमित रंजन द्वारा भेजी गई रिपोर्ट के आधार पर की गई है। रिपोर्ट में दोनों व्यक्तियों द्वारा लाइसेंसी हथियार का प्रदर्श...
कांग्रेस ने छत्रपति यादव और आनंद माधव को 6 साल के लिए पार्टी से निकाला, बिहार कांग्रेस में सियासी भूचाल
Bihar, State

कांग्रेस ने छत्रपति यादव और आनंद माधव को 6 साल के लिए पार्टी से निकाला, बिहार कांग्रेस में सियासी भूचाल

पटना। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में करारी हार के बाद कांग्रेस के अंदर चल रहा घमासान अब खुलकर सामने आने लगा है। पार्टी नेतृत्व के खिलाफ लगातार बयानबाजी और अनुशासनहीन गतिविधियों के आरोप में बिहार कांग्रेस ने अपने दो वरिष्ठ नेताओं छत्रपति यादव और आनंद माधव को बड़ा झटका देते हुए पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से छह वर्षों के लिए निष्कासित कर दिया है। इस कार्रवाई के बाद बिहार कांग्रेस की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। राजेश राठौड़ ने निष्कासन की पुष्टि बिहार कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष राजेश राठौड़ ने बुधवार को इस निष्कासन की पुष्टि करते हुए कहा कि राज्य अनुशासन समिति ने यह फैसला दोनों नेताओं के लगातार दिए जा रहे “अवांछनीय और पार्टी विरोधी” बयानों को देखते हुए लिया है। राठौड़ ने कहा कि छत्रपति यादव और आनंद माधव लंबे समय से पार्टी नेतृत्व के खिलाफ नियमित अंतराल पर प्रेस बयान जारी कर रहे थे। ...
बिहार बोर्ड मैट्रिक परीक्षा में सॉल्वर गैंग का खुलासा, 10 हजार में गणित पास कराने का सौदा, दो ‘इंजन’ गिरफ्तार
Bihar, State

बिहार बोर्ड मैट्रिक परीक्षा में सॉल्वर गैंग का खुलासा, 10 हजार में गणित पास कराने का सौदा, दो ‘इंजन’ गिरफ्तार

बांका। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) की ओर से आयोजित मैट्रिक (10वीं) परीक्षा के दौरान बांका जिले में सॉल्वर गैंग का मामला सामने आया है। परीक्षा के दूसरे दिन जांच के दौरान दो फर्जी परीक्षार्थियों को पकड़ा गया, जो असली छात्रों की जगह परीक्षा दे रहे थे। इन फर्जी परीक्षार्थियों को स्थानीय भाषा में ‘इंजन’ कहा जाता है। जानकारी के अनुसार, यह मामला तब उजागर हुआ जब परीक्षा केंद्रों पर कड़ी जांच के दौरान एडमिट कार्ड और पहचान पत्र का मिलान किया गया। जांच में सामने आया कि कुछ छात्रों ने खुद ही अपने लिए सॉल्वर की व्यवस्था कर ली थी और परीक्षा में अपनी जगह दूसरे व्यक्ति को बैठा दिया था। आरएमके इंटर स्कूल में पकड़ा गया फर्जी परीक्षार्थीपहला मामला बांका टाउन स्थित आरएमके इंटर स्कूल परीक्षा केंद्र का है। यहां मैट्रिक परीक्षार्थी ओम कुमार की जगह बादल कुमार नामक युवक परीक्षा देने पहुंचा था। लेकिन वीक्...
बिहार में राज्यसभा चुनाव 2026: पांचवीं सीट का समीकरण दिलचस्प, ओवैसी बन सकते हैं निर्णायक
Bihar, Politics, State

बिहार में राज्यसभा चुनाव 2026: पांचवीं सीट का समीकरण दिलचस्प, ओवैसी बन सकते हैं निर्णायक

पटना: चुनाव आयोग ने बिहार की पांच राज्यसभा सीटों पर चुनाव का शेड्यूल घोषित कर दिया है। इस घोषणा के साथ ही सियासी हलचल तेज हो गई है। वर्तमान में पांच में से तीन सीटें एनडीए के पास हैं, जबकि दो सीटें राजद के पास हैं। माना जा रहा है कि एनडीए चार सीटों पर आसानी से कब्जा जमा सकती है, लेकिन एक सीट का समीकरण बेहद जटिल है। जेडीयू की दो पक्की सीटें खाली हो रही पांच सीटों में से दो सीटें जेडीयू की हैं। मौजूदा सांसद रामनाथ ठाकुर और उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह लगातार दूसरे कार्यकाल में हैं। हालांकि नीतीश कुमार की नीति के अनुसार किसी भी नेता को लगातार दो से अधिक कार्यकाल के लिए राज्यसभा नहीं भेजा जाता, इसलिए इस बार अपवाद किया जाएगा या नहीं, यह अनिश्चित है। एनडीए की तीसरी सीट – उपेंद्र कुशवाहा एनडीए की तीसरी खाली सीट उपेंद्र कुशवाहा की है। उनके पास विधानसभा में सिर्फ चार विधायक हैं और उन्हें जीतने क...
खुद का ऐप बनाकर लोगों को ठगने वाला गिरफ्तार, ‘अग्नि’ ऐप से खाते में लगाता था आग
Bihar, State

खुद का ऐप बनाकर लोगों को ठगने वाला गिरफ्तार, ‘अग्नि’ ऐप से खाते में लगाता था आग

मोतिहारी (बिहार): बिहार के मोतिहारी जिले की पुलिस ने हरियाणा के फरीदाबाद से एक ऐसे शख्स को गिरफ्तार किया है, जिसने ठगी के लिए खुद का एंड्रॉइड ऐप ‘अग्नि’ बनवाया था। इसके जरिए वह लोगों को ऑफर और आकर्षक इनाम का लालच देकर बड़ी संख्या में ठगी करता था। पुलिस ने बताया कि: मुख्य आरोपी संगम कुमार, पाली गांव, फरीदाबाद का रहने वाला है और अग्नि ऐप के जरिए एक करोड़ रुपये से अधिक की ठगी करने का मास्टरमाइंड है। मोतिहारी साइबर के पुलिस उपाधीक्षक अभिनव परासर ने बताया कि गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान की जा रही है और उन्हें भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। ‘अग्नि ऐप’ की ठगी की रणनीति रक्सौल क्षेत्र के निवासी अभिषेक शर्मा ने पिछले वर्ष साइबर थाने में मामला दर्ज कराया था। शिकायत में बताया गया कि अग्नि ऐप युवाओं को मोबाइल रिचार्ज, बिजली बिल भुगतान, विज्ञापन आदि पर अत्यधिक रिटर्न का लालच देता था। इसके अलावा, अधि...
बिहार विधान परिषद में डिग्री विवाद: अशोक चौधरी और सुनील कुमार के बीच संग्राम
Bihar, State

बिहार विधान परिषद में डिग्री विवाद: अशोक चौधरी और सुनील कुमार के बीच संग्राम

पटना: बिहार की राजनीति में डिग्री और व्यक्तिगत छींटाकशी का मुद्दा अब चरम पर है। नीतीश सरकार के कद्दावर मंत्री अशोक चौधरी और राजद के विधान पार्षद सुनील कुमार सिंह के बीच विवाद ने विधान परिषद में नई उग्रता पकड़ ली। बुधवार को विधानसभा की कार्यवाही में सुनील कुमार ने मंत्री अशोक चौधरी की डिग्री को लेकर सवाल उठाए। इसके जवाब में अशोक चौधरी ने चुनौती दी कि यदि कोई उनकी डिग्री को गलत साबित कर सके, तो वे इस्तीफा देंगे। विवाद व्यक्तिगत टिप्पणियों तक बढ़ गया, जिसे देखते हुए सभापति ने दोनों पक्षों को शांत रहने की सलाह दी और विवादित टिप्पणियों को सदन की कार्यवाही से हटाने का निर्देश दिया। मामला इस बार धान खरीद से शुरू हुआ। विपक्ष ने कहा कि पैक्स नमी के बहाने किसानों का धान नहीं खरीद रहे हैं। इस सवाल के जवाब में मंत्री अशोक चौधरी ने राजद पर तंज कसते हुए उनके शासनकाल का उल्लेख किया। इसी बहाने सुनील कुम...
बिहार में फर्जी डिग्री का नया विवाद: अशोक चौधरी नहीं हैं अकेले
Bihar, State

बिहार में फर्जी डिग्री का नया विवाद: अशोक चौधरी नहीं हैं अकेले

बिहार की राजनीति में एक बार फिर से फर्जी डिग्री का मुद्दा गरमाया है। इस बार विवाद का केंद्र हैं ग्रामीण कार्य मंत्री अशोक चौधरी, जिन पर राजद ने उनकी डिग्री को फर्जी बताने के आरोप लगाए हैं। बिहार विधान परिषद की हालिया कार्यवाही के दौरान राजद एमएलसी सुनील सिंह ने मंत्री अशोक चौधरी की शैक्षणिक योग्यता पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनकी डिग्री नकली है। इस पर मंत्री अशोक चौधरी ने चुनौती दी कि इसे प्रमाण सहित नकली साबित करें, अन्यथा आरोप लगाने वाले सदस्य को एमएलसी पद से इस्तीफा देना चाहिए। विवाद के बाद परिषद ने दोनों के बीच हुई बहस को कार्यवाही से हटाने का निर्देश दिया। अशोक चौधरी अकेले नहीं बिहार में अशोक चौधरी पहले मंत्री नहीं हैं जिन पर फर्जी डिग्री का आरोप लगा। इससे पहले भी कई मंत्री और विधायक इस विवाद में आए हैं। सम्राट चौधरी की डिग्री भी रही विवादितजदयू के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने जून 2...