Thursday, July 23

Politics

हर भारतीय के फोन में ‘संचार साथी’ ऐप: कांग्रेस ने उठाए निजता के सवाल
Natioanal, Politics

हर भारतीय के फोन में ‘संचार साथी’ ऐप: कांग्रेस ने उठाए निजता के सवाल

नई दिल्ली: भारत सरकार ने सभी स्मार्टफोन निर्माताओं को निर्देश दिया है कि वे अपने डिवाइस में ‘संचार साथी’ ऐप को प्री-इंस्टॉल करें। यह आदेश 21 नवंबर को जारी हुआ और कंपनियों को इसे लागू करने के लिए 90 दिन का समय दिया गया है। सरकार का तर्क है कि यह कदम साइबर सुरक्षा मजबूत करने और IMEI नंबर में छेड़छाड़ रोकने के लिए है। कांग्रेस का विरोध:कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद केसी वेणुगोपाल ने इसे असंवैधानिक करार दिया। उनका कहना है कि यह ऐप निजता के अधिकार का उल्लंघन है और हर भारतीय की हर गतिविधि, बातचीत और निर्णय पर नजर रखने का साधन बन सकता है। उन्होंने इसे भारतीय नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों पर हमला बताया और इसे तुरंत वापस लेने की मांग की। विशेषज्ञों की राय:टेक पॉलिसी एनालिस्ट निखिल पाहवा ने इस कदम को मोबाइल उपयोगकर्ताओं के लिए बुरी खबर बताया। उन्होंने कहा कि मोबाइल फोन व्यक्तिगत स्थान है, ...
8 राज्यों में ‘राजभवन’ बने ‘लोक भवन’, औपनिवेशिक नाम से हटाया गया प्रतिबिंब
Natioanal, Politics

8 राज्यों में ‘राजभवन’ बने ‘लोक भवन’, औपनिवेशिक नाम से हटाया गया प्रतिबिंब

नई दिल्ली: भारत सरकार के निर्देश के बाद देश के आठ राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश ने अपने राज भवनों के नाम बदलकर लोक भवन कर दिए हैं। इस कदम का उद्देश्य औपनिवेशिक मानसिकता को दूर करना और लोकतांत्रिक दृष्टिकोण को बढ़ावा देना है। पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम, उत्तराखंड, ओडिशा, गुजरात और त्रिपुरा ने अपने राज भवनों का नाम बदल दिया है। वहीं, लद्दाख के उपराज्यपाल के निवास कार्यालय का नाम अब लोक निवास रखा गया है, जिसे पहले राज निवास कहा जाता था। नाम बदलने की वजह:केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पिछले साल राज्यपालों के सम्मेलन में हुई चर्चा का हवाला देते हुए बताया कि ‘राज भवन’ नाम औपनिवेशिक युग की मानसिकता को दर्शाता है। इसलिए अब राज्यपालों और उपराज्यपालों के कार्यालयों को लोकतांत्रिक दृष्टि से उपयुक्त नाम दिए गए हैं। ऐतिहासिक बदलाव की श्रृंखला:प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों के तहत भ...
महाराष्ट्र निकाय चुनाव 2025: वोटिंग LIVE – बुलढाणा में फर्जी मतदाता पकड़े गए, कई जगह ईवीएम खराब
Maharashtra, Politics, State

महाराष्ट्र निकाय चुनाव 2025: वोटिंग LIVE – बुलढाणा में फर्जी मतदाता पकड़े गए, कई जगह ईवीएम खराब

महाराष्ट्र में बहुप्रतीक्षित स्थानीय निकाय चुनाव का पहला चरण मंगलवार, 2 दिसंबर को शुरू हो गया। इस चरण में 264 नगर परिषदों और नगर पंचायतों के लिए मतदान हो रहा है। विधानसभा चुनाव के एक साल बाद हो रहे इस चुनाव में गठबंधन की राजनीति, मित्रवत टकराव और कानूनी उलझनों के बीच लगभग एक करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं।मुख्य हाइलाइट्स: बुलढाणा में फर्जी वोटिंग: खामगांव नगर परिषद वार्ड नंबर 15 के गांधी प्राइमरी स्कूल पोलिंग सेंटर पर दो फर्जी मतदाताओं को पकड़ा गया। ये ग्रामीण इलाके के वोटर थे, जो किसी और के नाम से वोट डालने आए थे। कांग्रेस ने इस घटना को लेकर हंगामा किया और फर्जी वोटिंग के आरोप लगाए। ईवीएम खराबी: सतारा, जालना और यवतमाल जिलों में ईवीएम मशीनें बंद होने से मतदान प्रक्रिया बाधित हुई। कुछ जगहों पर मतदान 20 मिनट देरी से शुरू हुआ, जबकि कुछ जगहों पर एक घंटे तक रुका रहा। ...
कर्नाटक में ‘ब्रेकफास्ट पॉलिटिक्स’: सिद्धारमैया-डीके शिवकुमार ने नाश्ते पर की बैठक
Karnataka, Politics, State

कर्नाटक में ‘ब्रेकफास्ट पॉलिटिक्स’: सिद्धारमैया-डीके शिवकुमार ने नाश्ते पर की बैठक

बेंगलुरु। कर्नाटक में मुख्यमंत्री पद को लेकर सत्तासंघर्ष के बीच मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने नाश्ते पर मुलाकात की। यह बैठक दोनों नेताओं के बीच दूसरी बार हुई। पहली मुलाकात में इडली-सांभर और उपमा परोसने के बाद, इस बार डीके शिवकुमार ने सिद्धारमैया के लिए पारंपरिक नाटी चिकन और इडली की गरमागरम प्लेटें परोसी। बैठक का मकसद और चर्चाडीके शिवकुमार ने बैठक के बाद बताया कि दोनों नेताओं ने राज्य में सुशासन बनाए रखने और विकास कार्यों को निरंतर जारी रखने की प्रतिबद्धता जताई। बैठक के दौरान कांग्रेस के विजन और कर्नाटक की प्राथमिकताओं पर गहन चर्चा हुई। कांग्रेस में सत्ता संघर्ष2023 के सत्ता-साझाकरण समझौते के बाद मुख्यमंत्री पद को लेकर आंतरिक असहमति बनी हुई है। डीके शिवकुमार के समर्थक पार्टी नेतृत्व से मांग कर रहे हैं कि उन्हें शेष ढाई वर्षों के लिए मुख्यमंत्री बनाया जाए। इ...
महिला ड्राइवरों की नियुक्ति और साइबर क्राइम कंट्रोल सेंटर बनाएं: राजस्थान हाई कोर्ट का भजनलाल सरकार को निर्देश
Politics, Rajasthan, State

महिला ड्राइवरों की नियुक्ति और साइबर क्राइम कंट्रोल सेंटर बनाएं: राजस्थान हाई कोर्ट का भजनलाल सरकार को निर्देश

जयपुर, 2 दिसंबर। राजस्थान हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को महिलाओं की सुरक्षा और बढ़ते साइबर अपराधों पर नियंत्रण के लिए व्यापक और कड़े निर्देश जारी किए हैं। जस्टिस रवि चिरानिया ने 35 बिंदुओं वाली विस्तृत गाइडलाइन में ऐप-आधारित कैब सेवाओं में महिला ड्राइवरों की संख्या बढ़ाने और राज्य में साइबर क्राइम कंट्रोल सेंटर की स्थापना अनिवार्य रूप से करने का आदेश दिया है। कैब सेवाओं में 15% महिला ड्राइवर अनिवार्य हाई कोर्ट ने कहा कि राज्य सरकार और परिवहन विभाग सुनिश्चित करें कि आने वाले छह महीनों में ऐप-आधारित टैक्सी और बाइक टैक्सी सेवाओं में कम से कम 15% महिला ड्राइवर शामिल हों। अगले दो-तीन वर्षों में यह संख्या बढ़ाकर 25% तक की जाए।अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि ऐप प्लेटफॉर्म्स में महिला यात्रियों को महिला ड्राइवर चुनने का प्राथमिक विकल्प दिया जाए। राजस्थान में ‘साइबर क्राइम कंट्रोल सेंटर’ जल्द ...
महागठबंधन में आपसी टकराव से बिगड़ी बाजी, अब हार के कारण तलाशने की ‘समीक्षा प्रक्रिया’ शुरू
Bihar, Politics, State

महागठबंधन में आपसी टकराव से बिगड़ी बाजी, अब हार के कारण तलाशने की ‘समीक्षा प्रक्रिया’ शुरू

पटना, 2 दिसंबर। बिहार विधानसभा चुनाव में करारी शिकस्त के बाद राजद और कांग्रेस अलग-अलग बैठकों में हार के कारण तलाशने में जुटे हैं। लेकिन राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि समीक्षा की यह कवायद महज़ औपचारिकता है, क्योंकि गठबंधन की हार की असली वजह एनडीए नहीं, बल्कि महागठबंधन के भीतर की आपसी लड़ाई, जिद और अविश्वास रहा। टिकट बंटवारे से लेकर “फ्रेंडली फाइट” तक, भीतर ही भीतर चलता रहा संघर्ष चुनाव से पहले सीटों को लेकर खींचतान इतनी बढ़ी कि 11 सीटों पर महागठबंधन के घटक दल आमने-सामने उतर आए। नतीजन मुकाबला एनडीए से कम और अपने सहयोगियों से ज्यादा रहा। राजनीतिक गलियारों में इसे “हम मीर, तो हम मीर” वाली लड़ाई बताया जा रहा है, जिसने गठबंधन की जीत की संभावनाओं को शुरू से ही कमजोर कर दिया। कांग्रेस की बैठक, दूरी बढ़ाने के संकेत दिल्ली और पटना में समीक्षा बैठकों के बाद बिहार कांग्रेस अध्यक्ष राजे...
467 करोड़ के फेमा उल्लंघन मामले में केरल CM पिनराई विजयन को ED का नोटिस, दो वरिष्ठ अधिकारी भी घेरे में
Kerala, Politics, State

467 करोड़ के फेमा उल्लंघन मामले में केरल CM पिनराई विजयन को ED का नोटिस, दो वरिष्ठ अधिकारी भी घेरे में

तिरुवनंतपुरम, 2 दिसंबर। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 467 करोड़ रुपये के कथित फेमा उल्लंघन मामले में केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन, उनके चीफ प्रिंसिपल सेक्रेटरी एवं केआईआईएफबी के सीईओ केएम अब्राहम, तथा पूर्व वित्त मंत्री टीएम थॉमस इसाक को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। यह नोटिस 12 नवंबर को जारी किया गया था। मसाला बॉन्ड से जुटाए गए 2,673 करोड़, 467 करोड़ पर सवाल यह मामला केरल इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट फंड बोर्ड (KIIFB) द्वारा लंदन और सिंगापुर स्टॉक एक्सचेंजों पर मसाला बॉन्ड जारी कर जुटाए गए 2,673 करोड़ रुपये से जुड़ा है।ED का आरोप है कि इस राशि में से 467 करोड़ रुपये भूमि खरीद में लगाए गए, जबकि फेमा नियम ऐसे फंड को जमीन में निवेश करने से रोकते हैं।KIIFB के अध्यक्ष स्वयं मुख्यमंत्री पिनराई विजयन हैं। एजेंसी के अनुसार नोटिस प्राप्तकर्ताओं को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने की आवश्यकता...
पश्चिम बंगाल में SIR घमासान: कोलकाता में बीएलओ का चुनाव आयोग कार्यालय पर प्रदर्शन, सुवेंदु अधिकारी के खिलाफ ‘गो बैक’ के नारे
Politics, State, West Bengal

पश्चिम बंगाल में SIR घमासान: कोलकाता में बीएलओ का चुनाव आयोग कार्यालय पर प्रदर्शन, सुवेंदु अधिकारी के खिलाफ ‘गो बैक’ के नारे

अचलेंद्र कटियार, कोलकाता:पश्चिम बंगाल में वोटर लिस्ट रिवीजन (SIR) को लेकर राजनीतिक तापमान बढ़ता जा रहा है। सोमवार को बीएलओ (ब्लॉक लेवल ऑफिसर) कोलकाता में राज्य के चीफ इलेक्शन ऑफिसर (CEO) के कार्यालय पहुंचे और अपने विरोध का प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड तोड़कर अंदर जाने की कोशिश की, हालांकि इसमें उन्हें सफलता नहीं मिली। इस दौरान तृणमूल से जुड़े बीएलओ राइट्स प्रोटेक्शन कमिटी के सदस्य और बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी के बीच विवाद भी देखने को मिला। बीएलओ ने सुवेंदु अधिकारी को देखकर 'गो बैक' के नारे लगाए। प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा के लिए लगाए गए बैरिकेड पर धक्का-मुक्की और हाथापाई भी हुई। बीजेपी ने आरोप लगाया कि तृणमूल पार्टी बीएलओ को भड़का रही है और उनके माध्यम से वोटर लिस्ट में गड़बड़ी कर रही है। पार्टी ने कहा कि वह गड़बड़ियों की शिकायत सीधे चीफ इलेक्शन कमिश्नर ज्ञानेश कुमार से...
बिहार: विधायकों की शपथ ग्रहण प्रक्रिया की शुरुआत ख्याति सिंह ने कराई, बन गई चर्चा का विषय
Bihar, Politics, State

बिहार: विधायकों की शपथ ग्रहण प्रक्रिया की शुरुआत ख्याति सिंह ने कराई, बन गई चर्चा का विषय

पटना: बिहार की 18वीं विधानसभा का पहला सत्र सोमवार को भव्य तरीके से शुरू हुआ। इस अवसर पर सभी नए विधायकों ने शपथ ली। प्रोटेम स्पीकर नरेंद्र नारायण यादव ने विधायकों को शपथ दिलाई, जिसमें सबसे पहले सम्राट चौधरी ने शपथ ली। शपथ ग्रहण के बाद सम्राट चौधरी ने विपक्ष के कुछ नेताओं सहित तेजस्वी यादव से हाथ मिलाया। इस पूरे कार्यक्रम की शुरुआत और संचालन बिहार विधानसभा की प्रभारी सचिव ख्याति सिंह ने की, जिससे वे इस कार्यक्रम का एक प्रमुख केंद्र बन गईं। ख्याति सिंह ने सभी विधायकों को शपथ दिलाने की प्रक्रिया को सुचारू रूप से आगे बढ़ाया। कौन हैं ख्याति सिंह ख्याति सिंह बिहार न्यायिक सेवा में कार्यरत हैं और वर्तमान में बिहार विधानसभा में प्रभारी सचिव के पद पर हैं। उनका न्यायिक सफर 9 अक्टूबर 2007 से शुरू हुआ। उन्होंने बीए, एलएलबी और पीजीडीएलपीएम की शिक्षा प्राप्त की और बीपीएससी के 26वें बैच के माध्यम...
महाराष्ट्र में स्थानीय निकाय चुनाव में कोई बाधा नहीं, चीफ जस्टिस सूर्यकांत का स्पष्ट निर्देश
Natioanal, Politics

महाराष्ट्र में स्थानीय निकाय चुनाव में कोई बाधा नहीं, चीफ जस्टिस सूर्यकांत का स्पष्ट निर्देश

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र में स्थानीय निकायों के परिसीमन प्रक्रिया की वैधता को चुनौती देने वाली याचिका को सोमवार को खारिज कर दिया। चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अगुवाई वाली बेंच ने कहा कि राज्य में 2022 से रुके हुए चुनावों में अब किसी भी तरह की बाधा नहीं आने दी जाएगी। याचिकाकर्ता निखिल के. कोलेकर ने राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अंतिम परिसीमन प्रस्तावों को मंजूरी देने का अधिकार डिविजनल कमीश्नर को सौंपने को चुनौती दी थी। वरिष्ठ अधिवक्ता सुधांशु चौधरी ने तर्क दिया कि निर्वाचन क्षेत्रों के विभाजन की मंजूरी का अधिकार केवल राज्य निर्वाचन आयोग के पास है, और इसे अन्य अधिकारियों को सौंपना संवैधानिक जिम्मेदारी से हटना है। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के निर्णय में हस्तक्षेप करने से इनकार किया और कहा कि वे किसी भी ऐसी याचिका पर विचार नहीं करेंगे जो चुनावों में देरी कर सकती हो। चीफ जस...