Wednesday, July 22

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भारत पर जलवायु परिवर्तन का वित्तीय दबाव: 2050 तक सालाना 200 अरब डॉलर खर्च करने होंगे
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भारत पर जलवायु परिवर्तन का वित्तीय दबाव: 2050 तक सालाना 200 अरब डॉलर खर्च करने होंगे

नई दिल्ली: जलवायु परिवर्तन का खतरा तेजी से बढ़ रहा है और इसका सीधा असर भारत पर पड़ रहा है। नई रिपोर्ट के अनुसार, अगर दुनिया का तापमान 2°C तक बढ़ जाता है तो भारत को 2050 तक हर साल लगभग 200 अरब डॉलर (करीब 18.6 लाख करोड़ रुपये) सिर्फ जलवायु सुरक्षा और अनुकूलन उपायों पर खर्च करने होंगे। यह राशि वर्तमान में किए जा रहे खर्च 15 अरब डॉलर (लगभग 1.3 लाख करोड़ रुपये) से कई गुना अधिक है। रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि भारत की अधिकांश आबादी अभी भी गर्मी, बाढ़, सूखा और जंगल की आग जैसी आपदाओं से पूरी तरह सुरक्षित नहीं है। इसके लिए तटीय सुरक्षा, बेहतर कूलिंग और बड़ी जलवायु अनुकूलन पहलों की तत्काल जरूरत है। वर्तमान खर्च और जरूरत भारत फिलहाल चरम मौसम से बचाव के लिए केवल 15 अरब डॉलर सालाना खर्च कर रहा है, जो आवश्यकता का केवल 13% है। रिपोर्ट के अनुसार, भारत पर खर्च का बोझ इसलिए अधिक है क्योंकि बड़ी ...
शेयर बाजार में ‘ट्रिपल’ फैक्टर का दबाव: भारत की चमक फीकी, चीन-जापान-कोरिया आगे
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शेयर बाजार में ‘ट्रिपल’ फैक्टर का दबाव: भारत की चमक फीकी, चीन-जापान-कोरिया आगे

नई दिल्ली: दिसंबर में भारतीय शेयर बाजार में विदेशी निवेशकों की बिकवाली बढ़ गई है। इसके पीछे तीन मुख्य कारण हैं – अमेरिका-भारत व्यापार समझौते का टलना, बढ़ता व्यापार घाटा और रूस के राष्ट्रपति पुतिन की भारत यात्रा को लेकर बनी नकारात्मक धारणा। इस ‘ट्रिपल फैक्टर’ के चलते भारतीय बाजार का प्रदर्शन फीका रहा, जबकि एशियाई साथियों जैसे चीन, जापान, दक्षिण कोरिया और हांगकांग के सूचकांक चमकदार रिटर्न दे रहे हैं। एशियाई बाजारों में मुनाफावसूली जापान में 10 साल की बॉन्ड यील्ड बढ़कर 1.95% हो गई है। इससे येन कैरी ट्रेड में उलटफेर की संभावना बढ़ी है। जापान में महंगाई बढ़ने और सरकार के नए प्रोत्साहन पैकेज के कारण सरकारी कर्ज बढ़ सकता है। इस स्थिति में निवेशक अपने मुनाफे को सुरक्षित करने के लिए एशियाई बाजारों में मुनाफावसूली कर रहे हैं। इस साल अब तक निक्केई, हेंगसेंग, कोस्पी और शंघाई सूचकांकों ने क्रमशः ...
देश के सबसे बड़े बैंक SBI ने घटाई लोन ब्याज दरें, EMI में मिलेगी राहत
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देश के सबसे बड़े बैंक SBI ने घटाई लोन ब्याज दरें, EMI में मिलेगी राहत

नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने हाल ही में रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट की कटौती की, जिससे यह 5.25% पर आ गया। इस फैसले का सीधा फायदा ग्राहकों तक पहुंचाने के लिए देश का सबसे बड़ा सरकारी बैंक SBI ने अपने सभी प्रमुख लोन बेंचमार्क दरों में कटौती की है। बैंक ने अपनी MCLR, EBLR और RLLR दरों के साथ-साथ BPLR और बेस रेट में भी बदलाव किया है। इससे रिटेल और कॉर्पोरेट ग्राहकों के लिए लोन लेना सस्ता होगा और EMI कम होने की उम्मीद है। MCLR में कितनी कमी हुई SBI ने अपनी मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड्स-बेस्ड लेंडिंग रेट (MCLR) को विभिन्न अवधि के लोन के लिए घटाया है। ओवरनाइट और 1 महीने की MCLR: 7.90% से घटकर 7.85% 3 महीने की MCLR: 8.30% से घटकर 8.25% 6 महीने की MCLR: 8.65% से घटकर 8.60% 1 साल की MCLR: 8.75% से घटकर 8.70% 2 और 3 साल की MCLR: 5 बेसिस पॉइंट की कमी इस कटौती से होम लोन, प...
डॉलर के मुकाबले रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर पर, 90.56 तक फिसला—क्या भारत-अमेरिका व्यापार समझौता बनेगा आखिरी सहारा?
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डॉलर के मुकाबले रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर पर, 90.56 तक फिसला—क्या भारत-अमेरिका व्यापार समझौता बनेगा आखिरी सहारा?

नई दिल्ली। भारतीय मुद्रा बाजार में शुक्रवार को हड़कंप मच गया, जब अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया इतिहास के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया। कारोबारी सत्र के दौरान रुपया 90.56 प्रति डॉलर तक फिसला, जो अब तक का रिकॉर्ड इंट्रा-डे लो है। दिन के अंत में यह 17 पैसे की गिरावट के साथ 90.49 पर बंद हुआ। इस गिरावट के पीछे भारत-अमेरिका व्यापार समझौते में देरी और विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली को बड़ी वजह माना जा रहा है। विदेशी निवेशकों की लगातार निकासी विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) की बिकवाली ने रुपये पर दबाव और बढ़ा दिया है। दिसंबर महीने में अब तक एफपीआई भारतीय बाजारों से 17,955 करोड़ रुपये निकाल चुके हैं। एनएसडीएल के आंकड़ों के अनुसार, साल 2025 में कुल निकासी का आंकड़ा 1.61 लाख करोड़ रुपये से अधिक पहुंच चुका है। निवेशकों का यह रुख रुपये की कमजोरी को और गहरा कर रहा है। डॉलर कमजोर, फिर भी रु...
धरा रह गया ट्रंप का टैरिफ, चीन ने मचाया तहलका – भारत के लिए बड़ी सीखनई दिल्ली: दिल प्रकाश
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धरा रह गया ट्रंप का टैरिफ, चीन ने मचाया तहलका – भारत के लिए बड़ी सीखनई दिल्ली: दिल प्रकाश

चीन और भारत कभी एक ही पिच पर थे, लेकिन 1990 के बाद चीन ने जिस रफ्तार से विकास किया, उसकी दुनिया में कोई तुलना नहीं। आज चीन की अर्थव्यवस्था भारत से लगभग चार गुना बड़ी है और प्रति व्यक्ति आय भी कई गुना अधिक है। चीन अब दुनिया के 80 देशों का सबसे बड़ा ट्रेडिंग पार्टनर बन चुका है। चीन का चौंकाने वाला ट्रेड सरप्लस2025 में चीन का ट्रेड सरप्लस पहली बार 1 ट्रिलियन डॉलर के पार पहुंच गया। इस साल के पहले 11 महीनों में चीन ने 3.4 ट्रिलियन डॉलर का निर्यात किया जबकि आयात सिर्फ 2.3 ट्रिलियन डॉलर रहा। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारी टैरिफ लगाए, लेकिन चीन ने अमेरिका पर निर्भरता कम कर दूसरे बाजारों में निर्यात बढ़ाकर अपना दबदबा बनाए रखा। ऑटो और हाई-टेक में दबदबाचीन की ऑटो कंपनियों ने इलेक्ट्रिक वाहनों में पूरी दुनिया में प्रभुत्व स्थापित किया। जर्मनी और जापान के बाजारों पर उसने कब्जा कर लिय...
एयरटेल, ICICI Bank ने निवेशकों को मालामाल किया, वोडाफोन और राजेश एक्सपोर्ट्स ने लगाया बड़ा झटकानई दिल्ली: दिल प्रकाश
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एयरटेल, ICICI Bank ने निवेशकों को मालामाल किया, वोडाफोन और राजेश एक्सपोर्ट्स ने लगाया बड़ा झटकानई दिल्ली: दिल प्रकाश

पिछले पांच साल यानी 2020 से 2025 के बीच शेयर बाजार ने निवेशकों को सुख-दुःख दोनों ही अनुभव दिए। मोतीलाल ओसवाल की हालिया स्टडी के अनुसार, यह पांच साल तीन दशक में सबसे तेजी से पैसा बनाने वाला दौर रहा। इस दौरान देश की टॉप 100 वेल्थ क्रिएटर्स कंपनियों ने निवेशकों को शानदार रिटर्न दिए। इन कंपनियों का सालाना चक्रवृद्धि विकास दर (CAGR) 38% रही, जबकि सेंसेक्स का CAGR केवल 21% रहा। सबसे ज्यादा पैसा बनाने वाले शेयरवेल्थ क्रिएशन में भारती एयरटेल सबसे आगे रही। पांच साल में इसने अपने बाजार मूल्य में 7.9 लाख करोड़ रुपये जोड़े। इसके बाद ICICI बैंक का नंबर है, जिसकी मार्केट वैल्यू 5 साल में 7.4 लाख करोड़ रुपये बढ़ी। वहीं, BSE ने सालाना 124% रिटर्न देकर निवेशकों को सबसे तेज़ लाभ दिलाया। ऑल राउंड परफॉर्मर में हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स ने 75% CAGR के साथ शानदार रिटर्न दिया। सबसे ज्यादा नुकसान करने वाले ...
पोस्ट ऑफिस से अब गांव-गांव में म्यूचुअल फंड में निवेश का अवसरनई दिल्ली: शिशिर चौरसिया
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पोस्ट ऑफिस से अब गांव-गांव में म्यूचुअल फंड में निवेश का अवसरनई दिल्ली: शिशिर चौरसिया

अब गांव और छोटे शहरों के लोग भी म्यूचुअल फंड में आसानी से निवेश कर पाएंगे। बीएसई (बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज) और डाक विभाग के बीच हुए हालिया समझौते के तहत इंडिया पोस्ट के व्यापक नेटवर्क के जरिए म्यूचुअल फंड उत्पाद आम जनता तक पहुंचेंगे। आम तौर पर म्यूचुअल फंड और शेयर बाजार का लाभ शहरी निवेशक ही उठाते रहे हैं। ग्रामीण इलाकों में जागरूकता और निवेश सुविधा की कमी के कारण लोगों की भागीदारी कम रही। अब यह स्थिति बदलने जा रही है। बीएसई का StAR MF प्लेटफॉर्म देश का सबसे बड़ा ऑनलाइन म्यूचुअल फंड वितरण इकोसिस्टम है। यह प्लेटफॉर्म एक्सचेंज-आधारित ट्रांजैक्शन का 85% संभालता है और हर महीने 7 करोड़ से अधिक ट्रांजैक्शन करता है। डाक विभाग के 1.64 लाख से अधिक डाकघर देशभर में ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों तक निवेश की जानकारी और सेवाएं पहुंचाने में अहम भूमिका निभाएंगे। समझौते के तहत कुछ चुने हुए डाक विभाग के...
चुपचाप घट रही अमीर-गरीब की खाई पिछले 10 साल में गरीबों की जिंदगी में सुधार, बाइक, फ्रिज और मोबाइल ने बदली तस्वीर
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चुपचाप घट रही अमीर-गरीब की खाई पिछले 10 साल में गरीबों की जिंदगी में सुधार, बाइक, फ्रिज और मोबाइल ने बदली तस्वीर

नई दिल्ली: हाल की रिपोर्ट के अनुसार, भारत में अभी भी 1% अमीरों के पास देश की कुल संपत्ति का 40% हिस्सा है। लेकिन पिछले 10 साल में कुछ खास चीजों के मामले में अमीर और गरीब के बीच की खाई तेजी से कम हुई है। वाहन और मोबाइल:लगभग 10 साल पहले, ग्रामीण गरीब परिवारों में से केवल दस में से एक के पास बाइक या कार थी। अब लगभग आधे परिवारों के पास ये वाहन हैं। शहरों में यह आंकड़ा और भी ज्यादा है। टॉप 20% और बॉटम 40% परिवारों के वाहन होने की दर से साफ पता चलता है कि अमीर और गरीब के बीच अंतर कम हो रहा है।मोबाइल फोन के मामले में तो स्थिति और भी बेहतर है। लगभग हर ग्रामीण और शहरी परिवार के पास मोबाइल है। कई राज्यों में यह संख्या 95 से 98% तक पहुंच गई है। फ्रिज और टीवी:पहले लग्जरी माने जाने वाले फ्रिज अब गरीब परिवारों के लिए जरूरी आइटम बन गए हैं। हालांकि झारखंड, बिहार, ओडिशा, मध्य प्रदेश, असम और छत्तीसगढ़...
Multibagger Stock: लोअर सर्किट से अपर सर्किट तक, ए-1 लिमिटेड ने दिखाया कमाल कॉन्सेंट्रेटेड नाइट्रिक एसिड की सप्लाई समझौते की खबर से शेयर में 10% की छलांग
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Multibagger Stock: लोअर सर्किट से अपर सर्किट तक, ए-1 लिमिटेड ने दिखाया कमाल कॉन्सेंट्रेटेड नाइट्रिक एसिड की सप्लाई समझौते की खबर से शेयर में 10% की छलांग

मुंबई: गुजरात के अहमदाबाद हेडक्वार्टर वाली केमिकल ट्रेडिंग और लॉजिस्टिक्स कंपनी ए-1 लिमिटेड (BSE - 542012) ने शुक्रवार को शेयर बाजार में तहलका मचा दिया। बीते 28 नवंबर से लगातार लोअर सर्किट में फंसे इस कंपनी के शेयर शुक्रवार को अपर सर्किट में पहुंच गए। क्या है खबर:ए-1 लिमिटेड ने शेयर बाजार को सूचित किया कि उसने 10,000 टन कॉन्सेंट्रेटेड नाइट्रिक एसिड की आपूर्ति के लिए जीएनएफसी और सोलर इंडस्ट्रीज के साथ ट्राई पार्टी सप्लाई एग्रीमेंट किया है। यह दीर्घकालिक समझौता नवंबर 2025 से मार्च 2026 तक इंडस्ट्रियल यूज के लिए 10,000 टन एसिड की आपूर्ति सुनिश्चित करता है। समझौते में आपसी सहमति से अतिरिक्त मात्रा का प्रावधान भी है। शेयर की उड़ान:गुरुवार को ए-1 लिमिटेड का शेयर लोअर सर्किट में 1,686.55 रुपये पर खुला था। लेकिन नए एग्रीमेंट की खबर आते ही शेयर ने 177.5 रुपये की छलांग लगाकर 1,864.05 रुपये पर ...
अमेरिका की हेकड़ी निकली बाहर! सांसदों ने भारत पर टैरिफ हटाने की मांग की, संसद में पेश किया प्रस्ताव
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अमेरिका की हेकड़ी निकली बाहर! सांसदों ने भारत पर टैरिफ हटाने की मांग की, संसद में पेश किया प्रस्ताव

नई दिल्ली: अमेरिका ने भारत पर 50% टैरिफ लगाया है, जिसमें रूस से तेल खरीदने के लिए अतिरिक्त 25% सेकेंडरी टैरिफ शामिल है। इस नीति के चलते अमेरिका में महंगाई बढ़ रही है और अब वहां के सांसदों ने भारत पर लगाए गए टैरिफ को खत्म करने की मांग की है। कौन पेश कर रहा प्रस्ताव:अमेरिकी हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स के सदस्य डेबोरा रॉस, मार्क वीसी और राजा कृष्णमूर्ति ने 27 अगस्त 2025 को भारत पर लगाए गए सेकेंडरी टैरिफ को चुनौती देते हुए नया प्रस्ताव पेश किया है। यह प्रस्ताव इंटरनेशनल इमरजेंसी इकनॉमिक पावर्स एक्ट के तहत पेश किया गया है। सांसदों की चिंता:सांसदों का कहना है कि टैरिफ के कारण भारत से आयात महंगा हो गया है, जिसका असर अमेरिकी कंपनियों और आम खरीदारों पर पड़ रहा है। उन्होंने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की आपातकालीन शक्तियों के उपयोग पर भी चिंता जताई, जिससे आर्थिक साझेदारियों और विधायी निगरानी कमजोर ह...