लोन बांटने में बढ़त, डिपॉजिट्स पीछे – ग्राहकों तक RBI की कटौती का फायदा नहीं पहुंचने का खतरा
नई दिल्ली: देश के बैंकों में लोन-टू-डिपॉजिट रेशियो (LDR) रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। दिसंबर तिमाही में यह 81% पर पहुंच गया, जिसका अर्थ है कि बैंक जितनी रकम जमा के रूप में ले रहे हैं, उसका 81% हिस्सा वे लोन के रूप में बांट रहे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि जब लोन की मांग जमाओं की तुलना में तेजी से बढ़ती है, तो बैंकों को फंड जुटाने में अधिक खर्च करना पड़ता है। इसका असर ग्राहकों पर भी पड़ सकता है – लोन महंगे हो सकते हैं या RBI द्वारा ब्याज दरों में की गई कटौती का फायदा ग्राहकों तक नहीं पहुँच पाएगा।
प्राइवेट बैंकों की स्थिति
HDFC बैंक का लोन 12% बढ़ा जबकि डिपॉजिट्स सिर्फ 11.5% बढ़ीं। इसके कारण LDR लगभग 100% के करीब पहुंच गया। इसी तरह, Axis बैंक और Kotak Mahindra Bank ने भी लोन में तेज़ बढ़ोतरी दर्ज की, जबकि डिपॉजिट्स अपेक्षाकृत धीमी रफ्तार से बढ़ीं।
सरकारी बैंकों की स्थिति
बैंक ऑफ बड़ौदा,...










