Thursday, July 23

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वेनेजुएला संकट: भारत से 10 गुना चीन फंसा, ट्रंप के कंट्रोल के बाद बीजिंग आउट, डूब सकते हैं 10 अरब डॉलर
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वेनेजुएला संकट: भारत से 10 गुना चीन फंसा, ट्रंप के कंट्रोल के बाद बीजिंग आउट, डूब सकते हैं 10 अरब डॉलर

  नई दिल्ली: वेनेजुएला और चीन के बीच तेल और कर्ज का बड़ा समझौता संकट में फंस गया है। वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के सत्ता से हटने और अमेरिका द्वारा लगाए गए कड़े प्रतिबंधों के बाद यह साझेदारी अनिश्चित हो गई है।   चीन का कर्ज और वेनेजुएला का तेल   2000 के दशक की शुरुआत में चीन को अपनी बढ़ती अर्थव्यवस्था के लिए तेल की सख्त जरूरत थी, जबकि वेनेजुएला को पैसों की ज़रूरत थी। इसी समय चीन और वेनेजुएला ने कर्ज के बदले तेल का बड़ा समझौता किया। चीन ने वेनेजुएला को 100 अरब डॉलर से अधिक का कर्ज देने का वादा किया और बदले में तेल प्राप्त करने लगा। इस कर्ज से वेनेजुएला में रेलवे, बिजली घर और अन्य जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर बने।   अमेरिकी प्रतिबंध और स्थिति की गंभीरता   2017 में अमेरिका ने वेनेजुएला पर कड़े प्रतिबंध लगाए। अब अमेरिकी सेना ने तेल टैंकरों और बंदरगाहों को न...
₹76,000 करोड़ का रियल एस्टेट निवेश, साल 2025 में बना रिकॉर्ड
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₹76,000 करोड़ का रियल एस्टेट निवेश, साल 2025 में बना रिकॉर्ड

  नई दिल्ली: साल 2025 भारतीय रियल एस्टेट सेक्टर के लिए बेहद सफल रहा। इस दौरान संस्थागत निवेश 8.5 अरब डॉलर (करीब 76,000 करोड़ रुपये) तक पहुँच गया, जो अब तक का रिकॉर्ड है। कोलिअर्स इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, यह पिछले साल की तुलना में 29% ज्यादा है।   निवेश का स्रोत   इस साल घरेलू संस्थागत निवेशकों का दबदबा बढ़ा। उन्होंने कुल निवेश का 57%, यानी 4.8 अरब डॉलर निवेश किया। इससे पता चलता है कि भारतीय निवेशकों का भरोसा बढ़ा है और वे अच्छी क्वालिटी की प्रॉपर्टी, स्थिर कमाई और पारदर्शिता देख रहे हैं। वहीं विदेशी निवेश 16% घटकर 3.7 अरब डॉलर रह गया। हालांकि साल की आखिरी तिमाही में इसमें सुधार दिखा, जो बताता है कि विदेशी पैसा धीरे-धीरे वापस आ रहा है।   चौथी तिमाही में रिकार्ड निवेश   साल की चौथी तिमाही खास रही। इसमें 4.2 अरब डॉलर का निवेश हुआ, जो किसी भी तिमाही में स...
वेनेजुएला संकट से क्रिप्टो बाजार में तेजी, बिटकॉइन 94,000 डॉलर के पार, रिपल में 11% उछाल
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वेनेजुएला संकट से क्रिप्टो बाजार में तेजी, बिटकॉइन 94,000 डॉलर के पार, रिपल में 11% उछाल

    नई दिल्ली: वेनेजुएला संकट का असर क्रिप्टोकरेंसी पर भी दिख रहा है। मंगलवार को दुनिया की सबसे महंगी क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन की कीमत 94,000 डॉलर के पार पहुँच गई। दोपहर 3 बजे यह 93,504 डॉलर पर कारोबार कर रही थी।   प्रमुख क्रिप्टो में तेजी   बिटकॉइन में 24 घंटे में 1% से ज्यादा की बढ़त। इथेरियम में 2%, रिपल में करीब 10% और सोलाना में 2% से ज्यादा की तेजी। हाल ही में 7 दिनों में करीब 50% रिटर्न देने वाली क्रिप्टो 'कैंटन' में 24 घंटे में 4% से ज्यादा गिरावट। क्रिप्टो मार्केट कैप भी 1.5% से ज्यादा बढ़कर 3.20 ट्रिलियन डॉलर हो गया।   तेजी के कारण   डेल्टा एक्सचेंज की रिसर्च एनालिस्ट रिया सहगल का कहना है कि ट्रेडर्स इस तेजी को साल की शुरुआत में पोजीशनिंग और अमेरिका द्वारा वेनेजुएला में सैन्य कार्रवाई के बाद की उम्मीदों से जोड़ रहे हैं। इसका असर वैश्विक ऊर...
स्टील की कीमतों में मिलीभगत का आरोप: CCI ने टाटा, JSW, SAIL समेत 28 कंपनियों पर जांच की शुरुआत की
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स्टील की कीमतों में मिलीभगत का आरोप: CCI ने टाटा, JSW, SAIL समेत 28 कंपनियों पर जांच की शुरुआत की

    नई दिल्ली: प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) ने टाटा स्टील, JSW स्टील, सरकारी कंपनी SAIL और अन्य 25 कंपनियों पर स्टील की बिक्री की कीमतें तय करने में मिलीभगत करने का आरोप लगाया है। इस खुलासे से कंपनियों और उनके शीर्ष अधिकारियों पर भारी जुर्माने का खतरा मंडरा रहा है।   रॉयटर्स ने एक गोपनीय दस्तावेज का हवाला देते हुए बताया कि CCI ने 2015 से 2023 के बीच कीमतों में हेरफेर करने के लिए 56 शीर्ष अधिकारियों को दोषी पाया है। इनमें JSW के एमडी सज्जन जिंदल, टाटा स्टील के सीईओ टी.वी. नरेंद्रन और SAIL के चार पूर्व प्रेजिडेंट्स शामिल हैं।   जांच का इतिहास   यह जांच 2021 में शुरू हुई थी। कुछ बिल्डरों ने आरोप लगाया था कि नौ कंपनियां मिलकर स्टील की आपूर्ति सीमित कर रही थीं और कीमतें बढ़ा रही थीं। इसके बाद CCI ने छोटी स्टील कंपनियों पर छापे मारे और जांच का दायरा बढ़ाकर 31 कंपनियों...
अडानी एंटरप्राइजेज के NCD 45 मिनट में फुली सब्सक्राइब, निवेशकों में जबरदस्त उत्साह
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अडानी एंटरप्राइजेज के NCD 45 मिनट में फुली सब्सक्राइब, निवेशकों में जबरदस्त उत्साह

    नई दिल्ली: देश के तीसरे सबसे बड़े औद्योगिक घराने अडानी ग्रुप की फ्लैगशिप कंपनी अडानी एंटरप्राइजेज का 1,000 करोड़ रुपये का नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर (NCD) आज महज 45 मिनट में पूरी तरह से सब्सक्राइब हो गया। शुरुआती 500 करोड़ रुपये का बेस इश्यू तो केवल 10 मिनट में ही बिक गया।   कंपनी ने बताया कि 6 जनवरी को सुबह 10:21 बजे इश्यू खुलने के तुरंत बाद ही बिड्स आने लगीं। कुल सब्सक्रिप्शन एक घंटे से भी कम समय में 1,000 करोड़ रुपये तक पहुँच गया। यह इश्यू 19 जनवरी तक खुला रहने वाला था और अलॉटमेंट 'पहले आओ, पहले पाओ' के आधार पर किया जाना था।   सब्सक्रिप्शन का विवरण   कंपनी द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:   गैर-संस्थागत निवेशकों ने 651.45 करोड़ रुपये की बिड्स लगाईं। हाई नेट-वर्थ इंडिविजुअल्स (HNI) ने 71.90 करोड़ रुपये का सब्सक्रिप्शन लिया। रिटेल निवेशकों ने 87.15 ...
जीडीपी का नाम बदलने की तैयारी, अर्थव्यवस्था मापने के तरीके में बड़ा बदलाव संभव
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जीडीपी का नाम बदलने की तैयारी, अर्थव्यवस्था मापने के तरीके में बड़ा बदलाव संभव

  नई दिल्ली। भारत सरकार देश की अर्थव्यवस्था को मापने के तरीके में एक अहम बदलाव की दिशा में कदम बढ़ा रही है। अब तक आर्थिक सेहत का सबसे प्रमुख पैमाना माने जाने वाले सकल घरेलू उत्पाद (ग्रॉस डोमेस्टिक प्रोडक्ट—जीडीपी) की जगह भविष्य में शुद्ध घरेलू उत्पाद (नेट डोमेस्टिक प्रोडक्ट—एनडीपी) को ज्यादा महत्व दिया जा सकता है। यह बदलाव संयुक्त राष्ट्र की राष्ट्रीय खातों की प्रणाली (SNA) 2025 के तहत प्रस्तावित है।   आर्थिक मामलों से जुड़े विशेषज्ञों के अनुसार, एसएनए 2025 में एनडीपी को जीडीपी जैसे सकल मापों की तुलना में वैचारिक रूप से अधिक सटीक और बेहतर बताया गया है। एनडीपी न केवल कुल उत्पादन को दर्शाता है, बल्कि उत्पादन के दौरान संपत्तियों के मूल्य में आई कमी (डेप्रिसिएशन) और प्राकृतिक संसाधनों के क्षरण (डिप्लीशन) को भी शामिल करता है। इससे अर्थव्यवस्था की वास्तविक स्थिति और दीर्घकालिक स्थिर...
मल्टीबैगर स्टॉक: क्यूपिड के शेयरों में 11% की उछाल, 6 महीने में निवेशकों का पैसा चार गुना
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मल्टीबैगर स्टॉक: क्यूपिड के शेयरों में 11% की उछाल, 6 महीने में निवेशकों का पैसा चार गुना

  नई दिल्ली। कंडोम और हेल्थकेयर उत्पाद बनाने वाली कंपनी क्यूपिड लिमिटेड (Cupid Ltd.) के शेयरों में मंगलवार को जोरदार तेजी देखने को मिली। बीएसई पर कंपनी का शेयर इंट्राडे कारोबार में करीब 11 प्रतिशत उछलकर 433 रुपये तक पहुंच गया। दो कारोबारी सत्रों में आई भारी गिरावट के बाद यह मजबूत वापसी मानी जा रही है।   दोपहर 12:30 बजे तक क्यूपिड का शेयर 8.68 प्रतिशत की तेजी के साथ 423.95 रुपये पर कारोबार कर रहा था। बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, हालिया तेजी की मुख्य वजह शॉर्ट कवरिंग और कंपनी के मजबूत लॉन्ग-टर्म फंडामेंटल्स पर निवेशकों का भरोसा लौटना है। इसके अलावा वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही (Q3 FY26) के बिजनेस अपडेट में बेहतर कामकाज और डिमांड विजिबिलिटी के संकेत भी मिले हैं, जिससे निवेशकों का उत्साह बढ़ा।   हाल में आई थी बड़ी गिरावट गौरतलब है कि 2 जनवरी को क्यूपिड के शेयरों में करी...
ट्रंप की धमकी से सहमा शेयर बाजार, सेंसेक्स 400 अंक से अधिक टूटा
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ट्रंप की धमकी से सहमा शेयर बाजार, सेंसेक्स 400 अंक से अधिक टूटा

नई दिल्ली: घरेलू शेयर बाजार में सोमवार के बाद मंगलवार को भी गिरावट का दौर जारी रहा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भारत पर रूस से तेल खरीद घटाने को लेकर की गई धमकी के असर से सेंसेक्स में 400 अंक से अधिक की गिरावट आई, जबकि निफ्टी करीब 100 अंक नीचे आ गया। बीएसई सेंसेक्स दिनभर के कारोबार के दौरान 443.49 अंक यानी 0.52% टूटकर 84,996.2 अंक पर पहुंच गया। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 85.60 अंक यानी 0.33% की गिरावट के साथ 26,164.70 अंक पर बंद हुआ। किस शेयर में कितनी गिरावट: निफ्टी में सबसे ज्यादा गिरावट ट्रेंट, रिलायंस और टाटा मोटर्स पैसेंजर वीकल के शेयरों में देखने को मिली। रिलायंस का शेयर कारोबार के दौरान करीब 5% टूट गया, जबकि टाटा ग्रुप की रिटेल कंपनी ट्रेंट में 8% से अधिक गिरावट दर्ज हुई। इसके विपरीत, अपोलो हॉस्पिटल्स एंटरप्राइजेज, बजाज ऑटो और आईसीआईसीआई बैंक में तेजी रही। सेक्ट...
रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर में 5% से अधिक गिरावट, कंपनी ने दिया सफाई
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रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर में 5% से अधिक गिरावट, कंपनी ने दिया सफाई

नई दिल्ली: देश की सबसे मूल्यवान कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) के शेयर आज भारी दबाव में रहे और बीएसई पर यह 4% से अधिक गिरकर 1,497.05 रुपये पर पहुंच गया। पिछले सत्र में शेयर 1,577.45 रुपये पर बंद हुआ था। इस गिरावट का कारण हाल ही में ब्लूमबर्ग में प्रकाशित रिपोर्ट मानी जा रही है, जिसमें दावा किया गया था कि रूस से तेल लेकर तीन टैंकर जामनगर रिफाइनरी की ओर बढ़ रहे हैं। कंपनी ने इस रिपोर्ट को खंडित करते हुए कहा है कि उसे जनवरी में रूस से कोई तेल की डिलीवरी मिलने की उम्मीद नहीं है और पिछले तीन हफ्तों में ऐसा कोई कार्गो नहीं मिला। रिलायंस कभी रूस से सबसे अधिक तेल खरीदने वाली भारतीय कंपनी थी। कंपनी के बयान का समय इसलिए भी संवेदनशील है क्योंकि अमेरिका के साथ व्यापारिक तनाव फिर बढ़ते दिख रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर भारत रूस से तेल की खरीद कम नहीं करता, तो भारत ...
लाल धातु ने तोड़ी रेकॉर्ड, 13 हजार डॉलर पार; सोना-चांदी को चुनौती
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लाल धातु ने तोड़ी रेकॉर्ड, 13 हजार डॉलर पार; सोना-चांदी को चुनौती

नई दिल्ली: लाल धातु यानी कॉपर (तांबा) की कीमत ने नया रिकॉर्ड बनाया है। सोमवार को यह पहली बार 13,000 डॉलर प्रति टन के पार पहुंच गई। विशेषज्ञों का कहना है कि साल 2026 में तांबा सोने और चांदी को रिटर्न के मामले में कड़ी टक्कर दे सकता है। लंदन मेटल एक्सचेंज में बेंचमार्क कॉपर की कीमत में 4.7% तक की तेजी आई, जो नवंबर के मध्य से लगभग 20% की बढ़ोतरी को दर्शाती है। इस उछाल का मुख्य कारण आपूर्ति को लेकर बढ़ती चिंता, मजबूत अमेरिकी मांग और भविष्य में संभावित आयात शुल्क का डर है। एमसीएक्स पर भी कॉपर की कीमत में तेजी जारी रही। मंगलवार को सुबह 11:30 बजे तक यह 1327.50 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रही थी, जबकि सोमवार को यह 1313.30 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी। क्यों बढ़ रही तांबे की कीमत? विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिकी आयात में तेजी और टैरिफ की आशंका के कारण तांबे का प्रीमियम बढ़ रहा है। इ...