Thursday, July 23

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लंदन 1.31 करोड़ या बेंगलुरु 45 लाख: इंजीनियर ने खोली सैलरी की असली कहानी
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लंदन 1.31 करोड़ या बेंगलुरु 45 लाख: इंजीनियर ने खोली सैलरी की असली कहानी

नई दिल्ली, 7 जनवरी 2026: नौकरी के चुनाव में सिर्फ पैकेज देखकर फैसला करना हमेशा सही नहीं होता। बेंगलुरु के टेक इंजीनियर वैभव अग्रवाल ने अपने अनुभव के आधार पर यह साबित किया है कि शहर बदलने से खर्च और जीवनशैली दोनों पर बड़ा असर पड़ता है। वैभव ने तुलना की बेंगलुरु में 45 लाख रुपये वार्षिक सैलरी और लंदन में 1,08,000 पाउंड (करीब 1.31 करोड़ रुपये) की सैलरी की। बेंगलुरु में टैक्स कटने के बाद हर महीने करीब 2.7 लाख रुपये बचते हैं। यहां एक अच्छे 2BHK फ्लैट का किराया लगभग 50,000 रुपये है, और घर के कामों जैसे सफाई, खाना, किराना आदि के लिए अगर मदद ली जाए तो 8,000 रुपये और खर्च होंगे। वैभव के अनुसार, ऐसे लोग शहर के टॉप 1% में गिने जाते हैं और आराम से जीवन जीते हैं। वहीं लंदन में टैक्स और नेशनल इंश्योरेंस कटने के बाद हर महीने लगभग 6100 पाउंड (करीब 7.41 लाख रुपये) बचते हैं। एक ठीक-ठाक 1BHK फ्लैट का किराय...
सोने-चांदी में बड़ी गिरावट, चांदी 4,000 रुपये से अधिक सस्ती
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सोने-चांदी में बड़ी गिरावट, चांदी 4,000 रुपये से अधिक सस्ती

नई दिल्ली, 7 जनवरी 2026: बुधवार को सुबह-सुबह सोने और चांदी के भाव में जोरदार गिरावट देखने को मिली। एमसीएक्स पर मार्च डिलीवरी वाली चांदी 4,197 रुपये टूटकर 2,54,614 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई। वहीं फरवरी डिलीवरी वाला सोना 695 रुपये गिरकर 1,38,388 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था। मंगलवार को सोना 1,39,083 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी 2,58,811 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी। बुधवार को सोने की कीमत 1,39,140 रुपये पर खुली, लेकिन जल्दी ही गिरावट शुरू हो गई। चांदी की कीमत भी गिरावट के साथ 2,57,599 रुपये पर खुली और फिर और नीचे गई। विश्लेषकों का कहना है कि अमेरिका और वेनेजुएला के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक अनिश्चितता के बीच सुरक्षित निवेश की मांग के कारण बाजार में अस्थिरता बनी हुई है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्पॉट गोल्ड में 0.6% की गिरावट देखी गई, जो 4,469.04 डॉलर प्रति ...
मुकेश अंबानी की नेटवर्थ में भारी गिरावट रिलायंस शेयरों में 4% से अधिक की गिरावट, अडानी टॉप 20 से बाहर
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मुकेश अंबानी की नेटवर्थ में भारी गिरावट रिलायंस शेयरों में 4% से अधिक की गिरावट, अडानी टॉप 20 से बाहर

नई दिल्ली। देश की सबसे मूल्यवान कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में मंगलवार को 4 फीसदी से ज्यादा गिरावट आई। कारोबार के दौरान शेयर 5 फीसदी तक लुढ़क गया। इसका सीधा असर कंपनी के मार्केट कैप और चेयरमैन मुकेश अंबानी की व्यक्तिगत संपत्ति पर पड़ा। ब्लूमबर्ग बिलिनेयर इंडेक्स के अनुसार, अंबानी की नेटवर्थ में 4.37 अरब डॉलर (करीब 3,93,97,60,39,000 रुपये) की गिरावट हुई और अब उनकी कुल संपत्ति 103 अरब डॉलर रह गई है। इस बदलाव के साथ वह दुनिया के अमीरों की लिस्ट में 18वें नंबर पर हैं। गौतम अडानी टॉप 20 से बाहर इसी दौरान अडानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी भी टॉप 20 अमीरों की लिस्ट से बाहर हो गए। उनकी नेटवर्थ में 313 मिलियन डॉलर की गिरावट हुई और अब वह 85.4 अरब डॉलर के साथ 21वें नंबर पर आ गए हैं। अमेरिका के थॉमस पीटरफी उनसे आगे निकल गए हैं। दुनिया के टॉप अमीर दुनिया में एलन मस्क पहले नंबर पर बने हुए ह...
मैगी और किटकैट बनाने वाली कंपनी के बेबी प्रोडक्ट्स पर हाहाकार 25 देशों में वापस मंगाए गए उत्पाद, Cereulide नामक जहरीले पदार्थ का खतरा
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मैगी और किटकैट बनाने वाली कंपनी के बेबी प्रोडक्ट्स पर हाहाकार 25 देशों में वापस मंगाए गए उत्पाद, Cereulide नामक जहरीले पदार्थ का खतरा

नई दिल्ली। मैगी, किटकैट और नेस्कैफे जैसी ब्रांडों के लिए मशहूर नेस्ले (Nestlé) ने दुनिया के कई देशों से अपने बेबी फॉर्मूला प्रोडक्ट्स वापस मंगाए हैं। कंपनी का कहना है कि इन उत्पादों में Cereulide नामक जहरीला पदार्थ मिलने की आशंका है, जिससे बच्चों में उल्टी, मतली और पेट में ऐंठन जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसे कंपनी के इतिहास का सबसे बड़ा रिकॉल माना जा रहा है। प्रभावित उत्पाद और देशों की सूची नेस्ले ने बताया कि यूरोप, तुर्की और अर्जेंटीना में बेचे गए कुछ SMA, BEBA और NAN फॉर्मूला बैच प्रभावित हैं। रिकॉल तब शुरू हुआ जब नीदरलैंड्स की एक फैक्ट्री में सप्लायर से मिलने वाले कच्चे माल में क्वालिटी की समस्या सामने आई। कंपनी ने प्रभावित उत्पादों की तस्वीरें और बैच नंबर वेबसाइट पर जारी किए हैं और कहा है कि इनका उपयोग नहीं किया जाना चाहिए। रिकॉल की वजह Cereulide एक जहरीला पदार्थ है, जो Bacillus ce...
बीमा एजेंटों के मोटे कमिशन पर नकेल कसने की तैयारी 60,800 करोड़ रुपये का कमिशन, प्रीमियम महंगा होने की चिंता
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बीमा एजेंटों के मोटे कमिशन पर नकेल कसने की तैयारी 60,800 करोड़ रुपये का कमिशन, प्रीमियम महंगा होने की चिंता

नई दिल्ली। बीमा बाजार में एजेंटों को मिलने वाले भारी-भरकम कमिशन पर अब नियमों की कड़ी निगरानी की तैयारी हो रही है। इंश्योरेंस रेगुलेटर IRDAI ने चेतावनी दी है कि पॉलिसी बेचने का खर्च बढ़ने की वजह से इंश्योरेंस प्रीमियम महंगा हो रहा है। इसी बढ़ते खर्च को नियंत्रित करने के उद्देश्य से नए नियम बनाए जा सकते हैं, ताकि ग्राहकों को मिस-सेलिंग और अत्यधिक प्रीमियम से बचाया जा सके। एजेंटों का ज्यादा कमिशन और मिस-सेलिंग आरबीआई ने भी अपनी हालिया रिपोर्ट में इस बढ़ते खर्च पर चिंता जताई है। विशेषज्ञों के अनुसार, पहले साल में एजेंटों को अत्यधिक कमिशन मिलने के कारण गलत जानकारी देकर पॉलिसी बेचना (मिस-सेलिंग) बढ़ता है। ज्यादा पैसे के लालच में एजेंट ग्राहकों को अनावश्यक या गलत पॉलिसी थमा देते हैं, जिससे पॉलिसीधारकों को वित्तीय नुकसान उठाना पड़ता है। 60,800 करोड़ का आंकड़ा आंकड़ों के अनुसार, वित्तीय वर्ष 20...
माचिस से भी सस्ता शेयर अचानक चढ़ने लगा ऑरी ग्रो इंडिया के शेयर में उछाल, वजह है नया AI-सक्षम कार्बन क्रेडिट प्लेटफॉर्म
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माचिस से भी सस्ता शेयर अचानक चढ़ने लगा ऑरी ग्रो इंडिया के शेयर में उछाल, वजह है नया AI-सक्षम कार्बन क्रेडिट प्लेटफॉर्म

मुंबई। एग्री-टेक्नोलॉजी सेक्टर की कंपनी ऑरी ग्रो इंडिया लिमिटेड का शेयर इस समय मात्र 75 पैसे में बिक रहा है। यह कंपनी पहले लगातार गिरावट का शिकार थी, लेकिन हाल में अचानक इसके शेयर तेज़ी से बढ़ने लगे। शेयर की हालिया चाल एनएसई में लिस्टेड इस कंपनी के शेयर 22 दिसंबर तक धीरे-धीरे बढ़ते रहे और उस दिन इसका भाव 96 पैसे था। इसके बाद नौ सत्रों तक लगातार गिरावट आई और यह शेयर 2 जनवरी तक 70 पैसे तक लुढ़क गया। लेकिन 5 जनवरी को शेयर अपर सर्किट में फंसकर 73 पैसे पर बंद हुआ, और 6 जनवरी को 4.17 प्रतिशत की तेजी के साथ 75 पैसे पर बंद हुआ। यह तब हुआ जब बाजार में सामान्य रूप से गिरावट रही। क्यों बढ़ने लगे शेयर विश्लेषकों के अनुसार इस तेजी का मुख्य कारण कंपनी द्वारा हाल ही में लॉन्च किया गया AI-सक्षम कार्बन क्रेडिट प्लेटफॉर्म ‘कार्बनकृषि’ है। कंपनी ने एनएसई को रजिस्ट्रार एवं ट्रांसफर एजेंट अंकित कंसलटेंसी प...
1 करोड़ का पैकेज ठुकराया, जुनून बना पहचान किसान के बेटे एम. वेंकट नरसिम्हा रेड्डी ने भारत में खड़ा किया डीप-टेक स्टार्टअप
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1 करोड़ का पैकेज ठुकराया, जुनून बना पहचान किसान के बेटे एम. वेंकट नरसिम्हा रेड्डी ने भारत में खड़ा किया डीप-टेक स्टार्टअप

  नई दिल्ली। सपनों को सच करने के लिए कभी-कभी सुरक्षित रास्ता छोड़कर जोखिम उठाना पड़ता है। हैदराबाद के एम. वेंकट नरसिम्हा रेड्डी ने ऐसा ही साहसिक फैसला लिया। एक किसान परिवार में जन्मे वेंकट ने विदेश में मिलने वाला 1 करोड़ रुपये सालाना का पैकेज ठुकराकर भारत में एयरोस्पेस हार्डवेयर और इंटेलिजेंट ऑटोमोटिव सॉफ्टवेयर के क्षेत्र में अपना डीप-टेक स्टार्टअप खड़ा किया। आज उनकी कंपनी ‘नार्गा इंजीनियरिंग’ देश को अत्याधुनिक तकनीक के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम कर रही है। किसान परिवार से संघर्षों की शुरुआत आंध्र प्रदेश के छोटे से गांव अकावेदु में जन्मे वेंकट एक साधारण किसान परिवार से ताल्लुक रखते हैं। उनकी पढ़ाई के लिए पिता को अपनी 16 एकड़ कृषि भूमि बेचनी पड़ी, जिसका कर्ज वेंकट ने आगे चलकर अपनी मेहनत से चुकाया। इंजीनियरिंग की पढ़ाई के बाद उन्होंने फॉक्सवैगन और टेक महिंद्रा जैसी ...
शेयर बाजार में गिरावट के बीच चुनिंदा शेयरों में तेजी के संकेत Crisil, NALCO समेत इन स्टॉक्स पर निवेशकों की नजर
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शेयर बाजार में गिरावट के बीच चुनिंदा शेयरों में तेजी के संकेत Crisil, NALCO समेत इन स्टॉक्स पर निवेशकों की नजर

नई दिल्ली। घरेलू शेयर बाजार में मंगलवार को लगातार दूसरे दिन गिरावट दर्ज की गई। वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिका द्वारा टैरिफ बढ़ाने की आशंकाओं के बीच दिग्गज शेयरों में बिकवाली हावी रही। इसका असर प्रमुख सूचकांकों पर पड़ा और निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया। बंबई शेयर बाजार (बीएसई) का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 376.28 अंक यानी 0.44 प्रतिशत की गिरावट के साथ 85,063.34 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय यह 539.52 अंक तक लुढ़ककर 84,900.10 अंक तक पहुंच गया था। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी भी 71.60 अंक यानी 0.27 प्रतिशत टूटकर 26,178.70 अंक पर बंद हुआ। दिग्गज शेयरों में बिकवाली सेंसेक्स की कंपनियों में टाटा समूह की ट्रेंट के शेयरों में सबसे अधिक 8.62 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। दिसंबर तिमाही में कंपनी की राजस्व वृद्धि उम्मीद के अनुरूप न रहने से निवेशकों में निराशा देखी...
फरवरी 2021 के बाद पहली बार 60 डॉलर से नीचे आया भारतीय क्रूड ऑयल बास्केट पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कटौती की बढ़ी उम्मीद, आयात बिल पर बड़ी राहत
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फरवरी 2021 के बाद पहली बार 60 डॉलर से नीचे आया भारतीय क्रूड ऑयल बास्केट पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कटौती की बढ़ी उम्मीद, आयात बिल पर बड़ी राहत

नई दिल्ली। भारत के लिए कच्चे तेल के मोर्चे पर बड़ी राहत की खबर सामने आई है। फरवरी 2021 के बाद पहली बार भारतीय क्रूड ऑयल बास्केट की औसत कीमत 60 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गई है। पेट्रोलियम प्लानिंग एंड एनालिसिस सेल (PPAC) के ताज़ा आंकड़ों के अनुसार जनवरी 2026 में भारतीय क्रूड बास्केट की औसत कीमत घटकर 59.92 डॉलर प्रति बैरल दर्ज की गई, जबकि दिसंबर 2025 में यह 62.2 डॉलर प्रति बैरल थी। विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में जारी नरमी का सीधा असर आने वाले दिनों में घरेलू पेट्रोल और डीज़ल की खुदरा कीमतों पर भी पड़ सकता है। भारत में ईंधन की कीमतों की दैनिक समीक्षा व्यवस्था के चलते कच्चे तेल में गिरावट का लाभ उपभोक्ताओं तक पहुंचने की संभावना बढ़ गई है। जून 2026 तक 50 डॉलर से नीचे जा सकता है क्रूड एसबीआई रिसर्च की 5 जनवरी को जारी रिपोर्ट में अनुमान जताया गया है कि ...
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सोना-चांदी में जोरदार उछाल, चांदी ₹7,000 छलांग लगाकर ₹2.51 लाख प्रति किलो

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के सराफा बाजार में मंगलवार को सोने और चांदी की कीमतों में तेज़ी देखने को मिली। सोने ने लगातार चौथे दिन मजबूती दिखाई और ₹1,100 की बढ़त के साथ ₹1,41,500 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। वहीं, चांदी ने भी रफ्तार पकड़ते हुए एक ही दिन में ₹7,000 की छलांग लगाई और ₹2,51,000 प्रति किलोग्राम के स्तर पर पहुंच गई। अखिल भारतीय सराफा संघ के अनुसार, सोमवार को 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाला सोना ₹1,40,400 प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। वैश्विक बाजारों में मजबूत रुख, अमेरिकी डॉलर में कमजोरी और फेडरल रिजर्व की नरम टिप्पणियों ने कीमती धातुओं की कीमतों को सहारा दिया। क्यों बढ़ी सोने की कीमत? एचडीएफसी सिक्योरिटीज के सीनियर एनालिस्ट (कमोडिटी) सौमिल गांधी ने बताया कि कमजोर डॉलर और फेडरल रिजर्व के अधिकारियों के संकेतों से आने वाले महीनों में ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदें बढ़ी हैं। आमतौर पर ब...