Thursday, August 13

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क्रिप्टो पर नजर रखना मुश्किल: RBI के बाद अब इनकम टैक्स विभाग ने भी किया आगाह
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क्रिप्टो पर नजर रखना मुश्किल: RBI के बाद अब इनकम टैक्स विभाग ने भी किया आगाह

    नई दिल्ली: क्रिप्टोकरंसी जैसी वर्चुअल डिजिटल असेट्स (VDA) को लेकर भारत में अभी तक कोई आधिकारिक मंजूरी नहीं दी गई है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) पहले ही क्रिप्टोकरंसी के खिलाफ कड़ा रुख अपना चुका है। अब इनकम टैक्स विभाग ने भी इससे जुड़े खतरों की ओर चेतावनी दी है।   टैक्स विभाग ने संसद की फाइनेंस कमिटी के सामने प्रस्तुतिकरण में कहा कि क्रिप्टोकरंसी के जरिए बिना किसी बैंक या सरकारी बिचौलिए के तुरंत पैसे एक जगह से दूसरी जगह भेजे जा सकते हैं। इसमें लेनदेन करने वालों की पहचान छिपी रहती है और सरहदों की कोई सीमा नहीं होती, जिससे पूरे सिस्टम पर नजर रखना बेहद मुश्किल हो जाता है।   मुख्य समस्याएँ:   विदेशी एक्सचेंज, प्राइवेट डिजिटल वॉलेट और डीसेंट्रलाइज्ड प्लेटफॉर्म्स के कारण यह पता लगाना मुश्किल हो जाता है कि टैक्स के दायरे में आने वाली कमाई कितनी है। असली मालिक...
Success Story: बगीचे से शुरू किया बिजनेस, अब सालाना लाखों की कमाई कर रही हैं बीना टॉम
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Success Story: बगीचे से शुरू किया बिजनेस, अब सालाना लाखों की कमाई कर रही हैं बीना टॉम

    नई दिल्ली: उम्र केवल एक संख्या है, यह साबित कर दिखाया है केरल की 56 वर्षीय बीना टॉम ने। अपने घर के बगीचे से शुरू किए गए छोटे व्यवसाय ने उन्हें आज सफल कारोबारी महिला बना दिया है। बीना अपने बगीचे में उगे फलों और फूलों से अचार, जैम, जूस, शहद और कई अन्य उत्पाद बनाती हैं। उनका बिजनेस ‘Bees of Beena’ आज सालाना लाखों रुपये कमाता है।   बीना के प्रोडक्ट्स: बीना अपने बिजनेस में 140 से ज्यादा तरह के प्रोडक्ट बनाती हैं। इनमें घर के बने अचार, जैम, स्क्वैश, जूस, चिप्स, पल्प और शहद शामिल हैं। उनके प्रोडक्ट्स को लोग ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से खरीदते हैं। इसके अलावा बीना केरल के बाहर बेंगलुरु, लखनऊ और मुंबई जैसे शहरों में भी अपने प्रोडक्ट्स की आपूर्ति करती हैं।   शुरुआत कैसे हुई: बीना की कहानी साल 2017 में शुरू हुई, जब उनके पति टॉम एंटनी रिटायर हुए। तब बीना ने मधुमक्...
BCCL IPO का आगाज आज से, लेटेस्ट GMP समेत पूरी डिटेल जानिए
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BCCL IPO का आगाज आज से, लेटेस्ट GMP समेत पूरी डिटेल जानिए

    मुंबई: कोल इंडिया लिमिटेड (Coal India Ltd), जो देश की सबसे बड़ी सरकारी खनन कंपनी है, की सहायक कंपनी भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL) का आईपीओ आज से खुल रहा है। यह आईपीओ निवेशकों के लिए 13 जनवरी तक उपलब्ध रहेगा। ग्रे मार्केट में भी इस आईपीओ को अच्छा रिस्पांस मिल रहा है और इसका जीएमपी (ग्रे मार्केट प्रीमियम) अच्छा देखने को मिल रहा है।   क्या है शेयर का प्राइस बैंड? BCCL के आईपीओ का प्राइस बैंड 21 रुपये से 23 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है। यदि यह इश्यू ऊपरी प्राइस बैंड पर पूरा होता है, तो कोल इंडिया को इस आईपीओ से लगभग 1,071 करोड़ रुपये मिलेंगे। ध्यान रहे कि यह इश्यू पूरी तरह से Offer for Sale (OFS) है, यानी बीसीसीएल को इस आईपीओ से कोई नई राशि प्राप्त नहीं होगी, बल्कि पूरी रकम कोल इंडिया के खाते में जाएगी।   आईपीओ की तारीखें:   इश्यू ओपनिंग: 9 जनवरी 2026 ...
Stocks to Buy: India Cements और Trident समेत ये शेयर लाएंगे मुनाफा, क्या आप दांव लगाएंगे?
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Stocks to Buy: India Cements और Trident समेत ये शेयर लाएंगे मुनाफा, क्या आप दांव लगाएंगे?

    नई दिल्ली: भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को भारी गिरावट देखने को मिली। सेंसेक्स 780 अंकों की गिरावट के साथ बंद हुआ, वहीं निफ्टी50 में भी करीब 264 अंकों की कमजोरी आई। इस गिरावट की वजह अमेरिकी टैरिफ के बढ़ने की आशंका और एफआईआई द्वारा लगातार की जा रही बिकवाली रही।   दिन के अंत में सेंसेक्स 780.18 अंक या 0.92 प्रतिशत गिरकर 84,180.96 पर और निफ्टी 263.90 अंक या 1.01 प्रतिशत गिरकर 25,876.85 पर बंद हुआ। मेटल शेयरों में सबसे बड़ी गिरावट देखने को मिली, जिससे बाजार पर दबाव पड़ा। निफ्टी मेटल इंडेक्स 3.40 प्रतिशत लुढ़क गया, जबकि निफ्टी एनर्जी, निफ्टी ऑयल एंड गैस, निफ्टी पीएसई, और निफ्टी आईटी भी नकारात्मक प्रदर्शन करते हुए बंद हुए।   बिकवाली के कारण: लार्जकैप, मिडकैप और स्मॉलकैप में भी बिकवाली का दबाव देखा गया। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 1.96 प्रतिशत गिरकर 60,222.55 और निफ्...
दुश्मनी खत्म, दोस्ती शुरू: चीन की कंपनियों के लिए खुल सकते हैं सरकारी ठेके
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दुश्मनी खत्म, दोस्ती शुरू: चीन की कंपनियों के लिए खुल सकते हैं सरकारी ठेके

    नई दिल्ली: भारत और चीन के बीच रिश्तों में नरमी दिख रही है। व्यापारिक दृष्टिकोण से दोनों देश एक-दूसरे के करीब आने लगे हैं। पिछले साल अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ के बाद यह नजदीकियां और बढ़ गई थीं। अब भारत सरकार चीन की कंपनियों को सरकारी ठेकों में भाग लेने की अनुमति देने पर विचार कर रही है।   सूत्रों के अनुसार, वित्त मंत्रालय एक प्रस्ताव पर काम कर रहा है, जिसके तहत 2020 में लागू किए गए नियम हटाए जा सकते हैं। इन नियमों के अनुसार चीनी कंपनियों को सरकारी टेंडरों में हिस्सा लेने से पहले सरकारी पैनल में नाम दर्ज कराना और सुरक्षा मंजूरी लेना आवश्यक था। इन प्रतिबंधों की वजह से चीनी कंपनियों को सरकारी परियोजनाओं से लगभग 700-750 अरब डॉलर के ठेकों से वंचित रहना पड़ा।   एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि प्रस्ताव अंतिम मंजूरी के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेज...
ट्रंप के 500% टैरिफ की घोषणा से शेयर बाजार में हाहाकार, सेंसेक्स 700 अंक लुढ़का
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ट्रंप के 500% टैरिफ की घोषणा से शेयर बाजार में हाहाकार, सेंसेक्स 700 अंक लुढ़का

नई दिल्ली: घरेलू शेयर बाजार में आज भारी गिरावट देखने को मिली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उस बिल का समर्थन किया है, जिसमें भारत पर टैरिफ 500 फीसदी बढ़ाने की बात कही गई है। इस खबर के बाद निवेशकों में डर का माहौल बन गया और बाजार में चौतरफा बिकवाली शुरू हो गई। बीएसई का सेंसेक्स करीब 700 अंक गिरकर 84,317.36 अंक पर आ गया, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी50 इंडेक्स 219.75 अंक यानी 0.84 प्रतिशत की गिरावट के साथ 25,921 अंक पर कारोबार कर रहा था। यह गिरावट लगातार चौथे दिन बाजार पर दबाव बनाए हुए है। सभी सेक्टर्स में कमजोरी दिखी। निफ्टी50 में आईसीआईसीआई बैंक, ईटरनल और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स में सबसे अधिक तेजी रही, वहीं हिंडाल्को इंडस्ट्रीज, जेएसडब्ल्यू स्टील और ओएनजीसी में सबसे अधिक गिरावट आई। ब्रॉडर मार्केट में निफ्टी मिडकैप 150 में 1.53 प्रतिशत और स्मॉलकैप 250 में 1.43 प्रतिशत की गिरावट दर...
कई देशों में फैला है अनिल अग्रवाल का कारोबार, नेटवर्थ है अरबों में
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कई देशों में फैला है अनिल अग्रवाल का कारोबार, नेटवर्थ है अरबों में

नई दिल्ली: 'मेटल किंग' के नाम से मशहूर अनिल अग्रवाल, बिहार के मारवाड़ी परिवार से ताल्लुक रखने वाले और देश के टॉप रईसों में शामिल उद्योगपति, ने कड़ी मेहनत और संघर्ष के दम पर अपना मुकाम हासिल किया। उनका कारोबार कई देशों में फैला हुआ है और वेदांता ग्रुप के जरिए उन्होंने भारत और विदेश में अपनी पकड़ मजबूत की है। अनिल अग्रवाल का जन्म बिहार में हुआ और मात्र 20 साल की उम्र में वे खाली हाथ मुंबई आए। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत 1970 में कबाड़ के धंधे से की और सालों तक संघर्ष किया। शुरुआती कई प्रयास असफल रहे, लेकिन 1986 में भारत सरकार द्वारा टेलीफोन केबल बनाने के लिए प्राइवेट सेक्टर को अनुमति मिलने के बाद उनकी किस्मत बदली। उन्होंने स्टरलाइट इंडस्ट्रीज खरीदी और 1990 में कॉपर रिफाइनिंग का काम शुरू किया। वेदांता ग्रुप और वैश्विक कारोबार: आज वेदांता रिसोर्सेज दुनियाभर में मिनरल्स, ऑयल और गैस के क्षेत...
बिहार के सबसे बड़े रईस अनिल अग्रवाल के परिवार में कौन-कौन? अरबों डॉलर की विरासत की नई दिशा
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बिहार के सबसे बड़े रईस अनिल अग्रवाल के परिवार में कौन-कौन? अरबों डॉलर की विरासत की नई दिशा

नई दिल्ली: देश के टॉप उद्योगपतियों में शामिल वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल को नए साल में बड़ा सदमा लगा है। उनके इकलौते बेटे अग्निवेश अग्रवाल का अमेरिका में निधन हो गया। 49 वर्षीय अग्निवेश स्कीइंग के दौरान घायल हुए और अस्पताल में इलाज के दौरान उनका दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। अग्निवेश के जाने से अग्रवाल परिवार गहरे दुख में डूब गया है, और अब सवाल उठता है कि वेदांता ग्रुप की अरबों डॉलर की विरासत का जिम्मा कौन संभालेगा। वेदांता ग्रुप का बिजनेस और संपत्ति: वेदांता का मार्केट कैप लगभग 2.33 लाख करोड़ रुपये है। इसका बिजनेस भारत के बाहर कई देशों में फैला है और इसमें हिंदुस्तान जिंक, भारत एल्युमिनियम कंपनी, केयर्न ऑयल एंड गैस और ईएसएल स्टील जैसी सहायक कंपनियां शामिल हैं। ग्रुप पावर, आयरन ओर, कॉपर और ऑयल एंड गैस जैसे क्षेत्रों में सक्रिय है। हाल ही में ग्रुप ने अपनी बिजनेस को पांच कंप...
7 साल में पहली बार ऐपल को पीछे छोड़ अल्फाबेट बनी दुनिया की दूसरी सबसे मूल्यवान कंपनी, सुंदर पिचाई के नेतृत्व में सफलता
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7 साल में पहली बार ऐपल को पीछे छोड़ अल्फाबेट बनी दुनिया की दूसरी सबसे मूल्यवान कंपनी, सुंदर पिचाई के नेतृत्व में सफलता

नई दिल्ली: वैश्विक टेक कंपनियों की वैल्यूएशन में बड़ा फेरबदल हुआ है। गूगल की पैरेंट कंपनी अल्फाबेट इंक ने सात साल में पहली बार iPhone बनाने वाली कंपनी एपल को पीछे छोड़ते हुए दुनिया की दूसरी सबसे मूल्यवान कंपनी बनने का गौरव हासिल किया है। अल्फाबेट का मार्केट कैप अब 3.892 ट्रिलियन डॉलर तक पहुँच गया है, जबकि ऐपल की वैल्यू 3.863 ट्रिलियन डॉलर रह गई है। वर्तमान में दुनिया की सबसे मूल्यवान कंपनी एनवीडिया 4.604 ट्रिलियन डॉलर के साथ पहले स्थान पर बनी हुई है। अल्फाबेट के शेयर बुधवार को 2.51 प्रतिशत की तेजी के साथ 322.43 डॉलर पर बंद हुए। पिछले एक साल में इस शेयर ने 64.73 प्रतिशत का रिटर्न दिया है। इसके विपरीत, ऐपल के शेयर में 0.77 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई और यह 260.33 डॉलर पर बंद हुआ। ऐपल के शेयर ने पिछले एक साल में केवल 7.49 प्रतिशत की बढ़ोतरी दिखाई। वहीं, एनवीडिया के शेयरों में इस दौरान 25.3...
दुबई की 1 करोड़ की नौकरी छोड़ भारत लौटीं आरोही सूर्या, अब 2.2 करोड़ रुपये के ब्रांड की मालकिन ‘डांसिंग काउ’ के जरिए भारतीयों को स्वास्थ्यपूर्ण विकल्प दे रही उद्यमी
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दुबई की 1 करोड़ की नौकरी छोड़ भारत लौटीं आरोही सूर्या, अब 2.2 करोड़ रुपये के ब्रांड की मालकिन ‘डांसिंग काउ’ के जरिए भारतीयों को स्वास्थ्यपूर्ण विकल्प दे रही उद्यमी

  नई दिल्ली। लखनऊ की रहने वाली आरोही सूर्या ने दुबई में 1.1 करोड़ रुपये सालाना की हाई-प्रोफाइल नौकरी छोड़कर भारत में अपना स्टार्टअप ‘डांसिंग काउ’ शुरू किया। यह ब्रांड लोगों को गाय के दूध का स्वस्थ और टिकाऊ विकल्प, ओट मिल्क (जई का दूध) उपलब्ध कराता है। आज उनका स्टार्टअप 2.2 करोड़ रुपये के रेवेन्यू तक पहुंच चुका है। कॉर्पोरेट की चमक से स्टार्टअप की ओर इंजीनियरिंग के दौरान कई चुनौतियों का सामना करने वाली आरोही ने दुबई से MBA करने के बाद एचटीसी जैसी बड़ी कंपनी में मार्केटिंग हेड के पद तक का सफर तय किया। 1.1 करोड़ रुपये के सालाना वेतन के बावजूद उनके भीतर एक उद्यमी आत्मा छुपी थी। उन्होंने दुबई में अपना पहला स्टार्टअप ‘यल्ला’ सफलतापूर्वक चलाया और उसे बेचकर 2022 में भारत लौट आईं। ओट मिल्क का विचार कैसे आया भारत लौटने पर उन्होंने देखा कि वेगन और डेयरी-फ्री उत्पादों की कमी है। इस बीच उनकी ...