Thursday, July 23

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दिल्ली में चांदी ने तोड़ा रिकॉर्ड, दो दिनों में 12,000 रुपये की उछाल सोने में मामूली गिरावट, निवेशकों ने की मुनाफावसूली
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दिल्ली में चांदी ने तोड़ा रिकॉर्ड, दो दिनों में 12,000 रुपये की उछाल सोने में मामूली गिरावट, निवेशकों ने की मुनाफावसूली

नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी में बुधवार को चांदी की कीमत ने नया ऐतिहासिक स्तर छू लिया। चांदी का भाव 2,56,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुआ, जो सिर्फ दो दिनों में 12,000 रुपये की वृद्धि है। मंगलवार को चांदी का भाव 2,51,000 रुपये प्रति किलोग्राम था। अखिल भारतीय सराफा संघ ने यह जानकारी साझा की। व्यापारियों का कहना है कि अमेरिका और वेनेजुएला के बीच भू-राजनीतिक तनाव ने सुरक्षित निवेश वाले उत्पादों की मांग बढ़ा दी है। इसके अलावा उद्योगों की ओर से लगातार खरीदारी और सप्लाई में दिक्कतों ने भी चांदी के दामों को ऊपर धकेला। सोने के भाव में मामूली गिरावट वहीं, 99.9 प्रतिशत शुद्ध सोने का भाव बुधवार को 1,41,400 रुपये प्रति 10 ग्राम (सभी टैक्स सहित) पर बंद हुआ। यह पिछले कारोबारी दिन की तुलना में 100 रुपये की मामूली गिरावट है। एचडीएफसी सिक्योरिटीज के सीनियर एनालिस्ट (जिंस) सौमिल गांधी ने बताया कि हा...
वेनेजुएला से तेल खरीद के ट्रंप के ऐलान से भारत को राहत, कच्चे तेल के दाम गिरे आयात बिल घटेगा, महंगाई पर भी दिख सकता है असर
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वेनेजुएला से तेल खरीद के ट्रंप के ऐलान से भारत को राहत, कच्चे तेल के दाम गिरे आयात बिल घटेगा, महंगाई पर भी दिख सकता है असर

नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के वेनेजुएला से कच्चा तेल खरीदने के ऐलान ने अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में हलचल मचा दी है। ट्रंप ने घोषणा की है कि अमेरिका वेनेजुएला की अंतरिम सरकार से 3 से 5 करोड़ बैरल हाई-क्वालिटी कच्चा तेल खरीदेगा। यह तेल बाजार भाव पर बेचा जाएगा और इससे मिलने वाली राशि का नियंत्रण अमेरिका के पास रहेगा। इस कदम का सीधा असर यह हुआ कि वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई—जो भारत के लिए बड़ी राहत मानी जा रही है। घोषणा के तुरंत बाद अमेरिकी कच्चे तेल के वायदा भाव 1.3 प्रतिशत गिरकर 56.39 डॉलर प्रति बैरल पर आ गए। भारत के लिए यह इसलिए अहम है, क्योंकि देश अपनी करीब 88 प्रतिशत कच्चे तेल की जरूरत आयात के जरिए पूरी करता है। भारत के लिए क्यों है राहत की खबर कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट भारत के आयात बिल और महंगाई—दोनों पर सकारात्मक असर डालती है। फरवर...
1 फरवरी को रविवार के दिन पेश होगा केंद्रीय बजट 2026-27, तारीख तय निर्मला सीतारमण रचेंगी इतिहास, लगातार नौवीं बार रखेंगी बजट
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1 फरवरी को रविवार के दिन पेश होगा केंद्रीय बजट 2026-27, तारीख तय निर्मला सीतारमण रचेंगी इतिहास, लगातार नौवीं बार रखेंगी बजट

नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आगामी 1 फरवरी 2026 को रविवार के दिन वित्त वर्ष 2026-27 का केंद्रीय बजट संसद में पेश करेंगी। यह आज़ादी के बाद देश का 88वां केंद्रीय बजट होगा। इसके साथ ही निर्मला सीतारमण लगातार नौवीं बार बजट पेश कर इतिहास रचेंगी। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली कैबिनेट कमेटी ऑन पार्लियामेंट्री अफेयर्स (CCPA) ने संसद के बजट सत्र की तारीखों को मंजूरी दे दी है। इसके अनुसार, 28 जनवरी को राष्ट्रपति संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित करेंगी, जिससे बजट सत्र की औपचारिक शुरुआत होगी। इसके अगले दिन 29 जनवरी को संसद में आर्थिक सर्वेक्षण प्रस्तुत किया जाएगा। बजट सत्र का पहला चरण 28 जनवरी से 13 फरवरी तक चलेगा, जबकि दूसरा चरण 9 मार्च से 2 अप्रैल के बीच आयोजित किया जाएगा। रविवार को बजट पेश होना पहली बार यह पहली बार होगा जब केंद्रीय बजट रविवार के दिन पेश किया जाएग...
ट्रंप के टैरिफ के बीच नितिन गडकरी की दो टूक: आयात घटे, निर्यात बढ़े—यहीं से खुलेगा भारत के तीसरी अर्थव्यवस्था बनने का रास्ता
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ट्रंप के टैरिफ के बीच नितिन गडकरी की दो टूक: आयात घटे, निर्यात बढ़े—यहीं से खुलेगा भारत के तीसरी अर्थव्यवस्था बनने का रास्ता

नई दिल्ली। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि भारत को दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने के लिए आयात पर निर्भरता कम करनी होगी और निर्यात को मजबूती देनी होगी। उन्होंने यह बात सीएसआईआर की ‘टेक्नोलॉजी ट्रांसफर सेरेमनी’ को संबोधित करते हुए कही। गडकरी ने जोर देते हुए कहा कि कृषि अपशिष्ट (एग्रो-वेस्ट) को उपयोगी उत्पादों में बदलकर न केवल किसानों की आय बढ़ाई जा सकती है, बल्कि कच्चे तेल के आयात पर देश की निर्भरता भी घटाई जा सकती है। उन्होंने बताया कि सड़क निर्माण में पेट्रोलियम-रहित बायो-बिटुमेन का उपयोग ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य की दिशा में एक अहम और परिवर्तनकारी कदम साबित होगा। मंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारतीय उत्पादों पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगा रखा है। इसमें से 25 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क रूसी तेल आयात के कारण...
बड़े कारोबारी घराने से हैं सचिन तेंदुलकर की होने वाली बहू सानिया चंडोक, दिग्गज बिजनेसमैन रवि घई की पोती
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बड़े कारोबारी घराने से हैं सचिन तेंदुलकर की होने वाली बहू सानिया चंडोक, दिग्गज बिजनेसमैन रवि घई की पोती

नई दिल्ली। क्रिकेट के भगवान सचिन तेंदुलकर के बेटे अर्जुन तेंदुलकर आगामी 5 मार्च 2026 को अपनी मंगेतर सानिया चंडोक के साथ विवाह बंधन में बंधने जा रहे हैं। यह विवाह समारोह मुंबई में निजी तौर पर आयोजित किया जाएगा, जिसमें परिवार के सदस्य और करीबी मित्र ही शामिल होंगे। शादी से जुड़ी रस्में 3 मार्च से शुरू होंगी। अर्जुन और सानिया की सगाई पिछले वर्ष अगस्त में एक सादे समारोह में हुई थी, जिसकी पुष्टि स्वयं सचिन तेंदुलकर ने की थी। सानिया चंडोक एक प्रतिष्ठित कारोबारी परिवार से ताल्लुक रखती हैं। वह देश के जाने-माने उद्योगपति रवि घई की पोती हैं। रवि घई ग्रेविस ग्रुप के प्रमुख रहे हैं, जिसका कारोबार होटल, हॉस्पिटैलिटी और फूड एंड बेवरेज सेक्टर में फैला हुआ है। उनका नाम मुंबई के प्रतिष्ठित इंटरकॉन्टिनेंटल होटल (मरीन ड्राइव) से भी जुड़ा रहा है। इसके अलावा वह लोकप्रिय आइसक्रीम ब्रांड ‘द ब्रुकलिन क्रीमेरी’ क...
भारत का सर्विस सेक्टर 11 महीनों में सबसे धीमी रफ्तार पर, क्या दे रहा संकेत?
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भारत का सर्विस सेक्टर 11 महीनों में सबसे धीमी रफ्तार पर, क्या दे रहा संकेत?

नई दिल्ली: दिसंबर 2025 में भारत के सर्विस सेक्टर की ग्रोथ धीमी पड़ी। एचएसबीसी इंडिया सर्विसेज पीएमआई (Purchasing Managers Index) 11 महीनों के निचले स्तर पर आ गया। नए बिजनेस में कमी और घरेलू मांग में नरमी के कारण रोजगार में बढ़ोतरी रुकी, जबकि निर्यात मांग ने कुछ सहारा दिया। विशेषज्ञों का कहना है कि भारतीय अर्थव्यवस्था में सर्विस सेक्टर का योगदान 50% से अधिक है। इसलिए इसकी सुस्ती का असर देश की जीडीपी ग्रोथ पर भी पड़ सकता है। दिसंबर में नए ऑर्डर की गति सबसे धीमी रही, जिससे घरेलू बाजार में मांग कमजोर होने का संकेत मिला। इसका सीधा असर कंपनियों के मुनाफे और विस्तार योजनाओं पर पड़ सकता है। मुख्य कारण और असर: मंदी मुख्य रूप से नए ऑर्डर में गिरावट के कारण हुई। घरेलू मांग अभी भी ठीक है, लेकिन बढ़ती प्रतिस्पर्धा और ग्राहकों की सतर्कता से रफ्तार धीमी हुई। सेवा प्रदाताओं ने अपनी उत्पादन...
भारत बना रहेगा रफ्तार का राजा, वित्तीय वर्ष 2025-26 में जीडीपी बढ़ेगी 7.4%
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भारत बना रहेगा रफ्तार का राजा, वित्तीय वर्ष 2025-26 में जीडीपी बढ़ेगी 7.4%

नई दिल्ली: वित्तीय वर्ष 2025-26 में भारत की अर्थव्यवस्था 7.4% की मजबूत दर से बढ़ने की उम्मीद है। यह अनुमान राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) ने जारी किए गए पहले एडवांस सकल घरेलू उत्पाद (GDP) आंकड़ों के आधार पर लगाया है। पिछली वित्तीय वर्ष की 6.5% विकास दर की तुलना में यह काफी उत्साहवर्धक वृद्धि है। नॉमिनल जीडीपी में भी 8.0% की बढ़ोतरी की संभावना है। विशेषज्ञों के अनुसार इस विकास का मुख्य कारण सेवा क्षेत्र की मजबूत गति है। इसके अलावा विनिर्माण और निर्माण क्षेत्र में भी अच्छा प्रदर्शन देखा जाएगा। कृषि और संबद्ध क्षेत्रों में भी विकास की उम्मीद है, जो अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत है। सेवा क्षेत्र में तेजी: वित्तीय सेवाएं, रियल एस्टेट, पेशेवर सेवाएं, सार्वजनिक प्रशासन, रक्षा और अन्य सेवाओं में 9.9% की वृद्धि की संभावना है। व्यापार, होटल, परिवहन, संचार और प्रसारण से जुड़े क्...
सोने-चांदी से दोगुना रिटर्न, प्लैटिनम ने निवेशकों की झोली भरी
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सोने-चांदी से दोगुना रिटर्न, प्लैटिनम ने निवेशकों की झोली भरी

नई दिल्ली, राजेश भारती: साल 2026 की शुरुआत में प्लैटिनम ने निवेशकों को जबरदस्त रिटर्न दिया है। शुरुआती 7 दिनों में प्लैटिनम ने सोने और चांदी को पीछे छोड़ते हुए शानदार प्रदर्शन किया। बुधवार को सोने और चांदी में गिरावट देखने को मिली। एमसीएक्स पर सोने में करीब 0.5 फीसदी और चांदी में लगभग 1.5 फीसदी की कमी आई। वहीं प्लैटिनम ने 6 फीसदी से ज्यादा की तेजी दर्ज की। पिछले साल यानी 2025 में भी सोने में लगभग 70 फीसदी, चांदी में 160 फीसदी और प्लैटिनम में 140 फीसदी रिटर्न रहा था। लेकिन साल 2026 के शुरुआती 7 दिनों में प्लैटिनम ने निवेशकों को सबसे ज्यादा लाभ दिया। 7 दिनों में रिटर्न की तुलना: 31 दिसंबर 2025: प्लैटिनम – 58,410 रुपये प्रति 10 ग्राम 7 जनवरी 2026: प्लैटिनम – 67,530 रुपये प्रति 10 ग्राम 7 दिनों में रिटर्न: लगभग 15.6% इसी अवधि में सोने का रिटर्न: 2%, चांदी का रिटर्न: 8% इ...
इनकम टैक्स फाइलिंग में ट्रेडर्स और इन्वेस्टर्स आगे, सैलरीड क्लास पीछे
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इनकम टैक्स फाइलिंग में ट्रेडर्स और इन्वेस्टर्स आगे, सैलरीड क्लास पीछे

नई दिल्ली: भारत में इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करने वालों के प्रोफाइल में बड़े बदलाव देखने को मिल रहे हैं। क्लियरटैक्स की रिपोर्ट 'How India Filed in 2025' के अनुसार अब नौकरीपेशा लोग सबसे ज्यादा टैक्स फाइल नहीं कर रहे हैं। इसके बजाय, बिजनेस करने वाले प्रोफेशनल, ट्रेडर्स और निवेशक (Investors) सबसे आगे निकल रहे हैं। सैलरीड क्लास की संख्या घट रही पहले ज्यादातर सैलरीड लोग ITR-1 फॉर्म भरते थे, क्योंकि उनकी कमाई फिक्स सैलरी से होती थी। लेकिन अब ITR-2 और ITR-3 फाइल करने वालों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। ITR-3 फाइल करने वालों में 2025 में 45% की बढ़ोतरी हुई, जिसमें छोटे बिजनेसमैन, ट्रेडर और F&O मार्केट में एक्टिव लोग शामिल हैं। वहीं, ITR-2 फाइल करने वालों की संख्या 17% बढ़ी, जो सैलरीड होते हुए भी निवेश और कैपिटल गेन से कमाई दिखाते हैं। टैक्स फाइलिंग बन गई 'फाइनेंशियल बायोग्राफी' आज इनकम ...
भारत का सर्विस सेक्टर दिसंबर में धीमी रफ्तार पर, 11 महीनों का न्यूनतम स्तर
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भारत का सर्विस सेक्टर दिसंबर में धीमी रफ्तार पर, 11 महीनों का न्यूनतम स्तर

नई दिल्ली: भारत के सर्विस सेक्टर की ग्रोथ दिसंबर 2025 में धीमी पड़ी, जिससे अर्थव्यवस्था के सबसे बड़े हिस्से पर असर की आशंका बढ़ गई है। एचएसबीसी इंडिया सर्विसेज परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (PMI) 11 महीनों के निचले स्तर पर पहुंच गया। मुख्य कारण नए बिजनेस में आई कमी और घरेलू मांग में नरमी है। दिसंबर में नए ऑर्डर्स की गति सबसे धीमी रही, जबकि रोजगार में बढ़ोतरी भी रुक गई। कंपनियों ने अपने कर्मचारियों की संख्या स्थिर रखी और कुछ मामलों में कम भी किया। इससे संकेत मिलता है कि व्यवसाय अपने भविष्य को लेकर सतर्क हो गए हैं और आक्रामक विस्तार की बजाय मौजूदा संसाधनों का बेहतर उपयोग करने पर ध्यान दे रहे हैं। कमजोर बिजनेस सेंटिमेंट भविष्य की गतिविधियों को लेकर कंपनियों का भरोसा लगातार तीसरे महीने गिरकर कई साल के निचले स्तर पर पहुंच गया। बढ़ती प्रतिस्पर्धा, मांग की अनिश्चितता और बाजार की अस्थिरता ने व्यवसाय...