Thursday, August 13

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तूफान के बाद शांति या नई सुनामी? आज अमेरिका में होगा बड़ा फैसला, पूरी दुनिया की नजरें टिकीं
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तूफान के बाद शांति या नई सुनामी? आज अमेरिका में होगा बड़ा फैसला, पूरी दुनिया की नजरें टिकीं

नई दिल्ली। घरेलू शेयर बाजार पिछले पांच कारोबारी सत्रों से लगातार दबाव में है। इस अवधि में सेंसेक्स करीब 2,200 अंक टूट चुका है, जबकि निफ्टी में 2.5 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। अब निवेशकों की निगाहें अमेरिका पर टिकी हैं, जहां आज सुप्रीम कोर्ट एक बेहद अहम फैसला सुनाने वाला है। इस फैसले का असर न केवल अमेरिकी अर्थव्यवस्था, बल्कि भारतीय शेयर बाजार समेत वैश्विक बाजारों पर भी पड़ सकता है। दरअसल, अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए भारी टैरिफ की वैधता को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई पूरी हो चुकी है। आज आने वाला फैसला यह तय करेगा कि ये टैरिफ पूरी तरह रद्द होंगे या आंशिक रूप से लागू रहेंगे। इसी अनिश्चितता के कारण वैश्विक बाजारों में बेचैनी बनी हुई है। विशेषज्ञों के मुताबिक, यदि सुप्रीम कोर्ट ट्रंप द्वारा लगाए गए टैरिफ को अवैध घोषित करता है, तो भारतीय बाजारों में तेज राहत ...
सिर्फ इक्विटी म्यूचुअल फंड में निवेश करने वाले रहे घाटे में, मल्टी एसेट फंड ने दिया 22% से ज्यादा का रिटर्न
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सिर्फ इक्विटी म्यूचुअल फंड में निवेश करने वाले रहे घाटे में, मल्टी एसेट फंड ने दिया 22% से ज्यादा का रिटर्न

मुंबई: बीते साल सोना और चांदी के रिटर्न ने निवेशकों की आँखें खोल दी हैं। 2025 में सोने ने 74% से ज्यादा का रिटर्न दिया, वहीं चांदी का रिटर्न तो दोगुना यानी 160% तक पहुंच गया। इसके विपरीत, सिर्फ इक्विटी म्यूचुअल फंड में निवेश करने वाले निवेशक पिछड़ गए। इस परिदृश्य में अब मल्टी एसेट एलोकेशन फंड की मांग बढ़ रही है। मल्टी एसेट फंड क्यों हैं फायदेमंद? मल्टी एसेट फंड एक ही समय में सोना, चांदी, इक्विटी और डेट जैसी विभिन्न परिसंपत्तियों में निवेश करते हैं। इससे निवेशकों को डायवर्सिफिकेशन, जोखिम कम करना और अस्थिरता में संतुलन जैसी सुविधाएं मिलती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यह फंड मंदी के समय पूंजी सुरक्षित रखने और अलग-अलग निवेशों को मैनेज करने की झंझट से बचाता है। मल्टी एसेट फंड का प्रदर्शन: निप्पॉन इंडिया मल्टी एसेट एलोकेशन फंड: पिछले तीन वर्षों में 22.71% और 2025 में 22.30% का रिटर्न ...
अमेरिकी बयान से बाजार में भूचाल, सेंसेक्स 650 अंक लुढ़का, रियल्टी शेयरों में भारी बिकवाली
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अमेरिकी बयान से बाजार में भूचाल, सेंसेक्स 650 अंक लुढ़का, रियल्टी शेयरों में भारी बिकवाली

नई दिल्ली। घरेलू शेयर बाजार में शुक्रवार को लगातार पांचवें दिन गिरावट दर्ज की गई। कारोबार की शुरुआत भले ही सकारात्मक रही, लेकिन दोपहर बाद अमेरिका से आए एक बयान ने बाजार की दिशा पलट दी। अमेरिका के वाणिज्य मंत्री के भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर दिए गए बयान के बाद निवेशकों में घबराहट फैल गई और बाजार में तेज बिकवाली देखने को मिली। नतीजतन सेंसेक्स 650 अंक से अधिक टूट गया, जबकि निफ्टी 25,700 के अहम स्तर से नीचे फिसल गया। दोपहर 12.45 बजे बीएसई सेंसेक्स 624.58 अंक यानी 0.74 प्रतिशत की गिरावट के साथ 83,556.38 अंक पर कारोबार कर रहा था। दिन के दौरान यह 653 अंक तक लुढ़क गया। वहीं एनएसई का निफ्टी50 इंडेक्स 193.25 अंक यानी 0.75 प्रतिशत गिरकर 25,683.60 अंक पर आ गया। बीते पांच कारोबारी सत्रों में सेंसेक्स करीब 2,200 अंक टूट चुका है। इससे पहले गुरुवार को बाजार में 780 अंकों की बड़ी गिरावट दर्ज की ग...
सोने-चांदी के भाव में तेजी, चांदी 4,000 रुपये महंगी
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सोने-चांदी के भाव में तेजी, चांदी 4,000 रुपये महंगी

    सोने और चांदी की कीमतों में आज तेजी देखी गई है। इससे पहले गुरुवार को दिल्ली सर्राफा बाजार में चांदी में भारी गिरावट आई थी, जबकि सोने की कीमतों में भी थोड़ी कमी दर्ज हुई थी।   एमसीएक्स पर चांदी (5 मार्च डिलीवरी) पिछले सत्र में 2,43,324 रुपये प्रति किलो के भाव पर बंद हुई थी, लेकिन आज यह 2,45,600 रुपये पर खुली। शुरुआती कारोबार में चांदी का भाव 2,47,247 रुपये तक उच्च और 2,43,670 रुपये तक निम्न स्तर पर देखा गया। सुबह 11.35 बजे चांदी 3,836 रुपये यानी 1.58% की तेजी के साथ 2,47,160 रुपये प्रति किलो पर ट्रेड कर रही थी।   सोने (5 फरवरी डिलीवरी) की कीमत में भी तेजी रही। पिछले सत्र में सोने का भाव 1,37,742 रुपये प्रति 10 ग्राम था, जबकि आज यह 1,37,997 रुपये पर खुला। शुरुआती कारोबार में सोना 1,37,729 रुपये तक नीचे और 1,38,380 रुपये तक ऊपर गया। 11.42 बजे सोने में 593 रुपये क...
चीन ने खोजा धान का हाइब्रिड बीज, उपज देगा चार गुना ज्यादा चावल
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चीन ने खोजा धान का हाइब्रिड बीज, उपज देगा चार गुना ज्यादा चावल

    नई दिल्ली: खेती-बाड़ी के क्षेत्र में वैज्ञानिक प्रगति लगातार नयी दिशा ले रही है। चीन के वैज्ञानिकों ने हाइब्रिड धान की एक नई किस्म विकसित की है, जो खुद को बीजों के माध्यम से दोहरा सकती है। इसे ‘सेल्फ-रेप्लिकेटिंग सुपर राइस’ यानी खुद को दोहराने वाला सुपर चावल कहा जा रहा है।   धान की खेती में क्रांति: संपूर्ण दुनिया में हाइब्रिड धान की खेती में सबसे बड़ी चुनौती किसानों के लिए हर फसल में महंगे नए बीज खरीदना है। इस नई किस्म में अपोमिक्सिस नामक प्रक्रिया से बीज निषेचन के बिना विकसित होते हैं, जिससे हर फसल के लिए नए हाइब्रिड बीज खरीदने की आवश्यकता नहीं होगी। इससे किसानों की लागत भी कम होगी।   उपज में चार गुना वृद्धि: इस नई हाइब्रिड किस्म की सबसे बड़ी विशेषता इसकी उच्च उपज है। पारंपरिक किस्मों की तुलना में यह धान चार गुना अधिक चावल दे सकता है। अगर दुनिया भर में इसे...
भारत बनेगा अगला अमेरिका! डिफेंस सेक्टर में खुला बड़ा अवसर
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भारत बनेगा अगला अमेरिका! डिफेंस सेक्टर में खुला बड़ा अवसर

    नई दिल्ली: भारत का डिफेंस एक्सपोर्ट पिछले कुछ वर्षों में तेज़ी से बढ़ा है। वैश्विक स्तर पर हथियार निर्यातक देशों में हो रही उथल-पुथल को देखते हुए भारत के पास इस सेक्टर में अपनी ताकत दिखाने का सुनहरा अवसर है। विशेष रूप से ग्लोबल साउथ के देश भारतीय हथियारों के लिए महत्वपूर्ण बाजार बन सकते हैं।   डिफेंस इंडस्ट्री में बदलाव: भारत का डिफेंस सेक्टर अब आयात पर पूरी तरह निर्भर नहीं रहा। नीति सुधार, संस्थागत बदलाव और सरकार की प्राथमिकता के चलते यह क्षेत्र अब पूरी तरह कायाकल्प की स्थिति में है। पिछले दशक में खरीद, लाइसेंसिंग, निर्यात नियंत्रण और एफडीआई नीतियों में सुधार ने निजी क्षेत्र को भी शामिल किया है। अब केवल असेंबलिंग नहीं बल्कि पूरा डिफेंस ईकोसिस्टम विकसित किया जा रहा है।   निर्यात और उत्पादन में तेजी: स्वदेशी हथियारों और उपकरणों का उत्पादन बढ़ रहा है। रक्षा नि...
मुकेश अंबानी को साल की शुरुआत में भारी नुकसान, नेटवर्थ 101 अरब डॉलर पर पहुंची
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मुकेश अंबानी को साल की शुरुआत में भारी नुकसान, नेटवर्थ 101 अरब डॉलर पर पहुंची

    नई दिल्ली: साल की शुरुआत में दुनिया के अमीरों की लिस्ट में बड़ी हलचल देखने को मिली है। रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में गिरावट के चलते कंपनी के चेयरमैन मुकेश अंबानी की नेटवर्थ में 2.59 अरब डॉलर की गिरावट आई है और उनकी संपत्ति अब 101 अरब डॉलर रह गई है। ब्लूमबर्ग बिलिनेयर इंडेक्स के अनुसार अंबानी इस साल अब तक सबसे ज्यादा दौलत गंवाने वाले अरबपति बन गए हैं।   अंबानी दुनिया के अमीरों की लिस्ट में 18वें और एशिया में पहले नंबर पर हैं। अगर रिलायंस के शेयरों में और गिरावट आई, तो वह 100 अरब डॉलर क्लब से बाहर हो सकते हैं।   अन्य अरबपतियों की स्थिति:   लैरी एलिसन (ओरेकल) की नेटवर्थ में 5.53 अरब डॉलर की गिरावट, वर्तमान में 242 अरब डॉलर। मार्क जकरबर्ग (फेसबुक) की नेटवर्थ 4.76 अरब डॉलर घटकर 229 अरब डॉलर। बर्नार्ड आरनॉल्ट ने 4.42 अरब डॉलर और माइकल डेल ने 4.09 अरब डॉल...
अब चीन नहीं रोक पाएगा भारत की रफ्तार! बजट में ₹23,000 करोड़ से मिलेगा स्वदेशी उद्योग को बल
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अब चीन नहीं रोक पाएगा भारत की रफ्तार! बजट में ₹23,000 करोड़ से मिलेगा स्वदेशी उद्योग को बल

    नई दिल्ली: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को अपना बजट पेश करेंगी। इस बार सरकार देश में हाई-टेक कैपिटल गुड्स (Capital Goods) के उत्पादन को बढ़ावा देने और चीन जैसी देशों पर निर्भरता कम करने के लिए ₹23,000 करोड़ तक का प्रोत्साहन पैकेज ला सकती है।   प्रोत्साहन कार्यक्रम के मुख्य बिंदु:   कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट: ₹14,000-16,000 करोड़ का पैकेज टनल बोरिंग मशीन, क्रेन और अन्य हाई-एंड मशीनरी के देश में उत्पादन को बढ़ावा देगा। इससे आयात पर निर्भरता कम होगी। वर्तमान में इस क्षेत्र के लगभग आधे पुर्जे चीन, जापान, दक्षिण कोरिया और जर्मनी से आते हैं। ऑटोमोबाइल क्षेत्र: ₹7,000 करोड़ का कार्यक्रम आधुनिक कार उपकरणों के स्थानीय उत्पादन और मजबूत ग्लोबल वैल्यू चेन (GVC) स्थापित करने पर केंद्रित होगा। इसमें एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम, 360 डिग्री कैमरा, सेंसर और अन्य हा...
Road Tax से राहत: अब फैक्ट्री और खदानों में इस्तेमाल होने वाले वाहन करमुक्त
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Road Tax से राहत: अब फैक्ट्री और खदानों में इस्तेमाल होने वाले वाहन करमुक्त

    नई दिल्ली: कोल इंडिया, SAIL, टाटा स्टील, एलएंडटी, एसीसी और अल्ट्राटेक जैसी बड़ी कंपनियों को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया है कि फैक्ट्रियों, खदानों और कंस्ट्रक्शन साइटों में इस्तेमाल होने वाले भारी वाहन जैसे डंपर, एक्सकेवेटर और सरफेस माइनर को मोटर वाहन नहीं माना जाएगा। इसलिए इन वाहनों पर रोड टैक्स नहीं लगेगा।   फैसले की मुख्य बातें:   जस्टिस पंकज मित्तल की अगुवाई वाली बेंच ने साल 2011 में गुजरात हाई कोर्ट के फैसले को पलटते हुए यह निर्णय दिया। कोर्ट ने कहा कि ये वाहन खास तौर पर इंडस्ट्रियल एरिया के अंदर चलाने के लिए बनाए गए हैं और सार्वजनिक सड़कों पर नहीं चलते। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि अगर ये वाहन पब्लिक रोड पर पाए गए, तो उन पर टैक्स वसूलने के साथ जुर्माना भी लगाया जाएगा।   पीछे का कारण: साल 2011 में गुजरात ह...
8वें पे कमीशन के बाद प्राइवेट कर्मचारियों के लिए खुशखबरी: EPFO की सैलरी लिमिट बढ़ सकती है
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8वें पे कमीशन के बाद प्राइवेट कर्मचारियों के लिए खुशखबरी: EPFO की सैलरी लिमिट बढ़ सकती है

    नई दिल्ली: प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाले करोड़ों कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर है। सरकार उन्हें सोशल सिक्योरिटी के दायरे में लाने के लिए EPFO (Employees’ Provident Fund Organisation) की मंथली सैलरी लिमिट बढ़ाने की तैयारी में है। वर्तमान में यह लिमिट 15,000 रुपये है, जिसे बढ़ाकर 25,000 से 30,000 रुपये किया जा सकता है।   सैलरी लिमिट का मतलब वह बेसिक सैलरी है, जिस पर किसी कर्मचारी के लिए PF में योगदान देना कानूनी रूप से जरूरी होता है। मौजूदा नियमों के अनुसार, यदि किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी 15,000 रुपये से अधिक है, तो PF कटौती उनकी इच्छा पर निर्भर करती है।   इतिहास और मांग: सरकार ने पहले भी इस लिमिट को 25,000 रुपये करने पर विचार किया था, लेकिन कंपनियों के विरोध के कारण इसे टाल दिया गया। कर्मचारी यूनियनों का कहना है कि यह लिमिट 30,000 रुपये होनी चाहिए। वर्तमा...