भारत, चीन, ब्राजील और सऊदी अरब ने अमेरिका से निकाला पैसा, सोने में बढ़ाया निवेश
नई दिल्ली: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) समेत कई देशों के केंद्रीय बैंकों ने हाल के वर्षों में सोने की जमकर खरीदारी की है और इस दौरान अमेरिका के ट्रेजरी बॉन्ड में अपना निवेश कम किया है। अक्टूबर 2025 तक RBI का अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड में निवेश 200 अरब डॉलर से नीचे चला गया। ईटी की रिपोर्ट के मुताबिक, इस समय भारत के पास विदेशी मुद्रा भंडार 190 अरब डॉलर था, जो पिछले साल की तुलना में 50.7 अरब डॉलर कम है।
सोने में बढ़ोतरी
RBI ने इस दौरान अपने भंडार में सोने की हिस्सेदारी बढ़ाकर 880.18 मीट्रिक टन कर दी, जबकि एक साल पहले यह 866.8 मीट्रिक टन थी। सोने को आर्थिक अनिश्चितता के समय सुरक्षित निवेश माना जाता है। इस रणनीति का उद्देश्य विदेशी मुद्रा भंडार को विविधता प्रदान करना और डॉलर पर निर्भरता कम करना है।
केंद्रीय बैंकों की वैश्विक रणनीति
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