Thursday, July 23

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BCCL IPO पर निवेशकों का जबरदस्त उत्साह, पहले दिन ही 8 गुना से अधिक सब्सक्रिप्शन
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BCCL IPO पर निवेशकों का जबरदस्त उत्साह, पहले दिन ही 8 गुना से अधिक सब्सक्रिप्शन

मुंबई: कोल इंडिया लिमिटेड की सहायक कंपनी भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (Bharat Coking Coal Limited – BCCL) के इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) को निवेशकों का जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला है। शुक्रवार को सुबह 10 बजे खुलते ही इस IPO के शेयरों के लिए बोली लगाने की होड़ मच गई। केवल आधे घंटे के भीतर ही शेयर बिक गए और पहले दिन शाम तक IPO 8.08 गुना से अधिक सब्सक्राइब हो गया। छोटे-बड़े सभी निवेशक जुड़े बीसीसीएल IPO में निवेशकों की इतनी बढ़ी दिलचस्पी रही कि कंपनी द्वारा ऑफर किए गए 34.69 करोड़ शेयरों की तुलना में लगभग 280 करोड़ शेयरों के लिए बोली लग चुकी थी। इसमें रिटेल निवेशकों (RIIs) और नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NIIs) दोनों ने सक्रिय भागीदारी दिखाई। ग्रे मार्केट प्रीमियम में तेजी निवेशकों के इस उत्साह को देखते हुए ग्रे मार्केट में BCCL शेयर IPO प्राइस से 43.48% अधिक प्रीमियम पर कारोबार कर रहा है। इससे संकेत...
दिसंबर में डेट म्यूचुअल फंड से ₹1.32 लाख करोड़ की भारी निकासी, SIP में नया रेकॉर्ड
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दिसंबर में डेट म्यूचुअल फंड से ₹1.32 लाख करोड़ की भारी निकासी, SIP में नया रेकॉर्ड

नई दिल्ली: शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव और साल के अंत की वित्तीय जरूरतों के चलते दिसंबर महीने में डेट म्यूचुअल फंड (Debt MF) से लगभग ₹1.32 लाख करोड़ की बड़ी निकासी हुई। वहीं, छोटे निवेशकों ने SIP (सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान) के जरिए निवेश का नया रिकॉर्ड कायम किया। इक्विटी म्यूचुअल फंड में गिरावट: AMFI के आंकड़ों के मुताबिक, दिसंबर में इक्विटी म्यूचुअल फंड में निवेश 6% गिरकर ₹28,054 करोड़ रह गया। इसके कारण इंडस्ट्री की कुल संपत्ति भी नवंबर के 80.80 लाख करोड़ रुपये से घटकर 80.23 लाख करोड़ रुपये रह गई। इस गिरावट की मुख्य वजह Debt स्कीम्स से बड़े पैमाने पर पैसा निकालना रही। SIP का जादू जारी: दिसंबर में SIP निवेश ₹31,000 करोड़ के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया, जो नवंबर के ₹29,445 करोड़ से अधिक है। आनंद राठी वेल्थ के जॉइंट CEO फिरोज अजीज ने बताया कि साल 2025 में कुल SIP निवेश ₹3.34 लाख करोड़ रहा, ...
पूरे देश के लिए चुनौती बन गया डिजिटल फ्रॉड, आरबीआई गवर्नर ने बैंकों को चेताया
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पूरे देश के लिए चुनौती बन गया डिजिटल फ्रॉड, आरबीआई गवर्नर ने बैंकों को चेताया

नई दिल्ली: देश में डिजिटल फ्रॉड के मामले लगातार बढ़ रहे हैं और यह पूरे देश के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बैंकों और सभी वित्तीय संस्थानों को चेतावनी दी है कि वे नियमों को केवल खानापूर्ति की तरह न अपनाएं, बल्कि उनके पीछे छिपे असली मकसद और भावना को समझें। डिजिटल बैंकिंग में सुरक्षा जरूरी: मल्होत्रा ने शुक्रवार को मुंबई में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि डिजिटल माध्यम से बैंकिंग सेवाएं ग्राहकों तक आसानी से पहुंच रही हैं। लेकिन सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम न होना, हिडन चार्ज वसूली, ग्राहकों को पूरी जानकारी न देना और कर्ज वसूली के गलत तरीके गंभीर नुकसान पहुंचा सकते हैं। बैंकों की निगरानी और तकनीक: आरबीआई गवर्नर ने सुझाव दिया कि बैंकों को आपस में तालमेल बिठाना चाहिए ताकि फर्जी खाते (म्यूल अकाउंट्स) और संदिग्ध लेन-देन का समय रहते पता लगाया जा सके। उन्होंने ...
Success Story: नमक बेचकर लाखों रुपये कमा रही यह पहाड़ी महिला, विदेश तक पहुंचा स्वाद
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Success Story: नमक बेचकर लाखों रुपये कमा रही यह पहाड़ी महिला, विदेश तक पहुंचा स्वाद

नई दिल्ली: उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल की शशि बहुगुणा रतूड़ी, जिन्हें लोग प्यार से ‘नमकवाली’ कहते हैं, पिसा हुआ नमक बेचकर लाखों रुपये कमा रही हैं। उनका ब्रांड ‘नमकवाली’ आज विदेशों में भी लोकप्रिय हो चुका है। शशि बहुगुणा का खास ‘पिस्यू लूण’ नमक सिलबट्टे पर पीसकर बनाया जाता है और यह लोगों की जुबां पर चढ़ गया है। शुरुआत और प्रेरणा: शशि बहुगुणा को पहाड़ी खाने और स्थानीय मसालों से गहरा लगाव था। साल 2018 में उन्होंने अपने बेटे सुवेंदु के साथ मिलकर इस व्यवसाय की शुरुआत की। सुवेंदु बताते हैं, “हमने पहाड़ की महिलाओं को उनके किचन में रखे सिलबट्टे को हथियार बनाने के लिए कहा। महिलाएं काम में जुटीं और सिलबट्टे पर पिसा हुआ नमक उनकी पहचान बन गया।” ब्रांड और मार्केटिंग: ‘नमकवाली’ का सोशल मीडिया पेज 2018 में बनाया गया। ग्राहकों का अच्छा रिस्पॉन्स मिलने के बाद साल 2020 में वेबसाइट लॉन्च की गई और अमेजन पर भी...
Forex Watch: नए साल का पहला झटका, विदेशी मुद्रा भंडार में करीब 10 अरब डॉलर की कमी
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Forex Watch: नए साल का पहला झटका, विदेशी मुद्रा भंडार में करीब 10 अरब डॉलर की कमी

मुंबई: नए साल के पहले हफ्ते ही भारत के विदेशी मुद्रा भंडार (Foreign Exchange Reserves) को तगड़ा झटका लगा है। 2 जनवरी 2026 को समाप्त सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार में $9.809 बिलियन की गिरावट दर्ज की गई। इससे पहले लगातार चार सप्ताह तक भंडार में बढ़ोतरी ही देखी गई थी। कितना घटा भंडार: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के आंकड़ों के मुताबिक अब देश का कुल विदेशी मुद्रा भंडार घटकर $686.801 बिलियन रह गया है। गौरतलब है कि 27 सितंबर 2024 को यह भंडार $704.885 बिलियन के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच चुका था। विदेशी मुद्रा आस्तियों में भारी कमी: 2 जनवरी 2026 को समाप्त सप्ताह के दौरान विदेशी मुद्रा आस्तियों (Foreign Currency Assets – FCA) में $7.622 बिलियन की गिरावट हुई। इसके पहले FCA में $184 मिलियन की मामूली बढ़ोतरी हुई थी। अब इसका कुल मूल्य घटकर $551.990 बिलियन रह गया है। ये आस्तियां यूरो, पौंड, येन और अन्य गैर-अ...
चीन पर रहम, भारत पर सितम: अमेरिका का टैरिफ रवैया क्यों अलग?
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चीन पर रहम, भारत पर सितम: अमेरिका का टैरिफ रवैया क्यों अलग?

नई दिल्ली: अमेरिका ने रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर 500 फीसदी तक टैरिफ लगाने का प्रस्ताव रखा है। इसमें भारत, चीन और ब्राजील शामिल हैं। हालांकि चीन को पहले की तरह छूट मिलने की संभावना है। इस कदम से भारतीय शेयर बाजार में भी तेज गिरावट देखी गई। चीन पर नरमी क्यों? अमेरिका लंबे समय से चीन के प्रति नरम रवैया अपनाता रहा है। इसका मुख्य कारण चीन का दुर्लभ पृथ्वी खनिजों (rare earth minerals) पर दबदबा है। ये खनिज इलेक्ट्रिक वाहन, सेमीकंडक्टर, रक्षा उपकरण और नवीकरणीय ऊर्जा तकनीकों के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। चीन ने अमेरिका को दुर्लभ पृथ्वी खनिजों और चुम्बकों के निर्यात पर लाइसेंस प्रतिबंध तक लगा दिए थे। इसके कारण अमेरिकी उद्योगों, खासकर ऑटो और तकनीकी क्षेत्र में संकट पैदा हो सकता था। यही वजह है कि अमेरिका चीन के खिलाफ सख्त टैरिफ नीति अपनाने में सतर्क है। भारत पर सख्ती क्यों? चीन के विपरीत अमेरिका ...
सोना-चांदी की कीमतें आज, 9 जनवरी 2026: सोना ऑल-टाइम हाई के करीब, चांदी 7,000 रुपये महंगी
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सोना-चांदी की कीमतें आज, 9 जनवरी 2026: सोना ऑल-टाइम हाई के करीब, चांदी 7,000 रुपये महंगी

नई दिल्ली: शुक्रवार को सोने और चांदी की कीमतों में फिर तेजी देखी गई। सोना अपने ऑल-टाइम हाई के करीब पहुंच गया, जबकि चांदी ने जबरदस्त उछाल मारते हुए 2.42 लाख रुपये प्रति किलो का आंकड़ा पार कर लिया। सोने की कीमतें: 24 कैरेट सोना बढ़कर 1,37,122 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया, जो कि पिछले दिन के 1,35,773 रुपये से अधिक है। 22 कैरेट सोना अब 1,25,604 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा है। 18 कैरेट सोने की कीमत 1,02,842 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गई है। हाजिर बाजार में सोने का ऑल-टाइम हाई 1,37,956 रुपये प्रति 10 ग्राम 26 दिसंबर 2025 को दर्ज किया गया था। चांदी की कीमतें: चांदी का दाम बढ़कर 2,42,808 रुपये प्रति किलो हो गया है, जो कि पहले 2,35,826 रुपये था। एमसीएक्स पर स्थिति: 5 फरवरी 2026 के सोने के कॉन्ट्रैक्ट का दाम बढ़कर 1,39,199 रुपये प्रति 10 ग्राम हुआ। ...
अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप के फैसलों से दुनिया में हड़कंप, डॉलर की गिरती लोकप्रियता बनी चिंता का विषय
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अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप के फैसलों से दुनिया में हड़कंप, डॉलर की गिरती लोकप्रियता बनी चिंता का विषय

नई दिल्ली: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने दूसरे कार्यकाल में लगातार ताबड़तोड़ फैसले ले रहे हैं। उनके इन कदमों से न सिर्फ अमेरिका में बल्कि पूरी दुनिया में हलचल मची हुई है। विशेषज्ञों का कहना है कि इससे अमेरिका वैश्विक मंच पर अलग-थलग पड़ने का खतरा उठा रहा है। दुनिया के कई देश अब अपने फॉरेक्स रिजर्व में डॉलर की हिस्सेदारी घटा रहे हैं और सोने का भंडार बढ़ा रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों के अनुसार, ग्लोबल फॉरेक्स रिजर्व में डॉलर की हिस्सेदारी गिरकर 40% रह गई है, जो पिछले 20 साल में सबसे कम है। वहीं, सोने की हिस्सेदारी में 12% की बढ़ोतरी हुई है और यह अब 28% तक पहुँच गई है, जो 1990 के दशक की शुरुआत के बाद सबसे अधिक है। भारत, चीन, तुर्की, पोलैंड और कजाकस्तान जैसे देशों के सेंट्रल बैंक पिछले कुछ वर्षों से सक्रिय रूप से सोना खरीद रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि रूस-यूक्रेन युद्ध के ...
तूफान के बाद शांति या नई सुनामी? आज अमेरिका में होगा बड़ा फैसला, पूरी दुनिया की नजरें टिकीं
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तूफान के बाद शांति या नई सुनामी? आज अमेरिका में होगा बड़ा फैसला, पूरी दुनिया की नजरें टिकीं

नई दिल्ली। घरेलू शेयर बाजार पिछले पांच कारोबारी सत्रों से लगातार दबाव में है। इस अवधि में सेंसेक्स करीब 2,200 अंक टूट चुका है, जबकि निफ्टी में 2.5 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। अब निवेशकों की निगाहें अमेरिका पर टिकी हैं, जहां आज सुप्रीम कोर्ट एक बेहद अहम फैसला सुनाने वाला है। इस फैसले का असर न केवल अमेरिकी अर्थव्यवस्था, बल्कि भारतीय शेयर बाजार समेत वैश्विक बाजारों पर भी पड़ सकता है। दरअसल, अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए भारी टैरिफ की वैधता को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई पूरी हो चुकी है। आज आने वाला फैसला यह तय करेगा कि ये टैरिफ पूरी तरह रद्द होंगे या आंशिक रूप से लागू रहेंगे। इसी अनिश्चितता के कारण वैश्विक बाजारों में बेचैनी बनी हुई है। विशेषज्ञों के मुताबिक, यदि सुप्रीम कोर्ट ट्रंप द्वारा लगाए गए टैरिफ को अवैध घोषित करता है, तो भारतीय बाजारों में तेज राहत ...
सिर्फ इक्विटी म्यूचुअल फंड में निवेश करने वाले रहे घाटे में, मल्टी एसेट फंड ने दिया 22% से ज्यादा का रिटर्न
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सिर्फ इक्विटी म्यूचुअल फंड में निवेश करने वाले रहे घाटे में, मल्टी एसेट फंड ने दिया 22% से ज्यादा का रिटर्न

मुंबई: बीते साल सोना और चांदी के रिटर्न ने निवेशकों की आँखें खोल दी हैं। 2025 में सोने ने 74% से ज्यादा का रिटर्न दिया, वहीं चांदी का रिटर्न तो दोगुना यानी 160% तक पहुंच गया। इसके विपरीत, सिर्फ इक्विटी म्यूचुअल फंड में निवेश करने वाले निवेशक पिछड़ गए। इस परिदृश्य में अब मल्टी एसेट एलोकेशन फंड की मांग बढ़ रही है। मल्टी एसेट फंड क्यों हैं फायदेमंद? मल्टी एसेट फंड एक ही समय में सोना, चांदी, इक्विटी और डेट जैसी विभिन्न परिसंपत्तियों में निवेश करते हैं। इससे निवेशकों को डायवर्सिफिकेशन, जोखिम कम करना और अस्थिरता में संतुलन जैसी सुविधाएं मिलती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यह फंड मंदी के समय पूंजी सुरक्षित रखने और अलग-अलग निवेशों को मैनेज करने की झंझट से बचाता है। मल्टी एसेट फंड का प्रदर्शन: निप्पॉन इंडिया मल्टी एसेट एलोकेशन फंड: पिछले तीन वर्षों में 22.71% और 2025 में 22.30% का रिटर्न ...