Thursday, July 23

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चीन की कमी भारत से पूरी करेगा जर्मनी फ्रेडरिक मर्ट्ज भारत दौरे पर, बड़ी-बड़ी कंपनियों के अधिकारियों के साथ आए मर्ट्ज
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चीन की कमी भारत से पूरी करेगा जर्मनी फ्रेडरिक मर्ट्ज भारत दौरे पर, बड़ी-बड़ी कंपनियों के अधिकारियों के साथ आए मर्ट्ज

नई दिल्ली: जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ट्ज भारत की दो दिवसीय यात्रा पर सोमवार को नई दिल्ली पहुंचे। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य भारत-जर्मनी संबंधों को और मजबूत करना और दोनों देशों के बीच व्यापारिक समझौतों (MoUs) और एफटीए को अंतिम रूप देना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मर्ट्ज की मौजूदगी में कई समझौता ज्ञापनों पर साइन किए गए। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और जर्मनी के बीच द्विपक्षीय व्यापार 50 अरब डॉलर के पार चला गया है, जो अब तक का सबसे उच्चतम स्तर है। मर्ट्ज के साथ भारत में बड़ी कंपनियों के अधिकारी भी आए हैं, जिनमें सीमेंस (Siemens) और एयरबस (Airbus) के प्रतिनिधि शामिल हैं। एफटीए और निवेश बढ़ावा मर्ट्ज ने भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) को अंतिम रूप देने के महत्व पर जोर दिया। उनका कहना है कि यह समझौता भारत-जर्मनी आर्थिक संबंधों की पूरी क्षमता को उजागर करेगा। इ...
ट्रंप-मोदी असली दोस्त! ढीले पड़े अमेरिका के तेवर, ट्रेड डील को लेकर भारत पर डालने लगा डोरे
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ट्रंप-मोदी असली दोस्त! ढीले पड़े अमेरिका के तेवर, ट्रेड डील को लेकर भारत पर डालने लगा डोरे

नई दिल्ली: भारत और अमेरिका के बीच व्यापार को लेकर लंबे समय से चल रही बातचीत में अब अमेरिका के तेवर ढीले पड़ते दिख रहे हैं। दोनों देशों के बीच ट्रेड डील पर वार्ता का अगला दौर 13 जनवरी से शुरू होने की संभावना है। अमेरिका के नए राजदूत सर्जियो गोर ने सोमवार को दिल्ली में पदभार संभालने के बाद यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका के रिश्ते सच्ची दोस्ती पर आधारित हैं। गोर ने यह भी स्पष्ट किया कि असली दोस्त असहमत हो सकते हैं, लेकिन वे अपने मतभेदों को सुलझा लेते हैं। राजदूत ने आगे कहा कि भारत और अमेरिका व्यापार के मुद्दों पर सक्रिय रूप से बातचीत कर रहे हैं और टैरिफ व बाजार पहुंच को लेकर मतभेद होने के बावजूद लगातार संपर्क में हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच भरोसे और मजबूत रिश्तों को इन वार्ताओं का आधार बताया। बाजारों में सकारात्मक प्रति...
क्रिप्टोकरेंसी में निवेश? अब लाइव सेल्फी और लोकेशन ट्रैकिंग अनिवार्य खुफिया विभाग ने सख्त किए नए नियम
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क्रिप्टोकरेंसी में निवेश? अब लाइव सेल्फी और लोकेशन ट्रैकिंग अनिवार्य खुफिया विभाग ने सख्त किए नए नियम

नई दिल्ली: भारत में क्रिप्टोकरेंसी में निवेश करने वाले लोगों के लिए अब नियम और सख्त हो गए हैं। वित्तीय खुफिया इकाई (FIU) ने क्रिप्टोकरेंसी प्लेटफॉर्म्स के लिए नई दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इन नियमों के तहत निवेशकों की पहचान की लाइव वेरिफिकेशन, लोकेशन ट्रैकिंग और अन्य सुरक्षा जांचें अनिवार्य कर दी गई हैं। यह कदम एंटी-मनी लॉन्ड्रिंग (AML) और नो योर कस्टमर (KYC) नियमों के तहत उठाया गया है। ग्राहकों की पहचान होगी सख्ती से वेरिफाई 8 जनवरी को जारी दिशानिर्देशों के अनुसार, अब क्रिप्टो एक्सचेंजों को वर्चुअल डिजिटल एसेट (VDA) सर्विस प्रोवाइडर माना गया है। इसका मतलब है कि ग्राहक केवल डॉक्यूमेंट अपलोड करके ऑनबोर्ड नहीं हो सकते। प्लेटफॉर्म्स को ग्राहकों की पहचान और लोकेशन की लाइव जांच करनी होगी। इसके तहत ग्राहकों की पहचान की प्रक्रिया (Client Due Diligence - CDD) अब और मजबूत हो गई है। इस प्रक्रिया म...
$1 = 14 लाख रियाल… अमेरिका की ‘मार’ कैसे झेल पाएगा ईरान? कितनी संकट में है देश की इकॉनमी
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$1 = 14 लाख रियाल… अमेरिका की ‘मार’ कैसे झेल पाएगा ईरान? कितनी संकट में है देश की इकॉनमी

ईरान इन दिनों गंभीर राजनीतिक और आर्थिक संकट से जूझ रहा है। देश में पिछले कुछ समय से इस्लामी सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन जारी हैं। सरकारी दमन में अब तक 500 से अधिक लोगों के मारे जाने की खबर है। वहीं, अमेरिका की तरफ से ईरान पर सैन्य कार्रवाई की धमकी ने स्थिति और गंभीर बना दी है। ईरान की करेंसी और महंगाई पर असर ईरान की आर्थिक हालत पहले ही नाजुक है। देश की मुख्य आय का स्रोत कच्चा तेल है, लेकिन पश्चिमी देशों के कड़े प्रतिबंधों के कारण इसकी बिक्री और कीमत पर गहरा असर पड़ा है। भारतीय रुपये के मुकाबले ईरानी रियाल की कीमत अब लगभग 11,000 है, जबकि डॉलर के मुकाबले यह बढ़कर 14 लाख रियाल तक पहुंच गया है। 1979 की इस्लामी क्रांति के समय एक अमेरिकी डॉलर 70 ईरानी रियाल के बराबर था। आज, यह मूल्य करीब 20,000 गुना गिर चुका है। इस गिरावट के पीछे पश्चिमी प्रतिबंध, महंगाई और कूटनीतिक अलगाव प्रमुख कारण हैं। I...
शेयर बाजार में उथल-पुथल जारी, सेंसेक्स 500 अंक गिरा, रिलायंस और आईसीआईसीआई बैंक बुरी तरह प्रभावित
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शेयर बाजार में उथल-पुथल जारी, सेंसेक्स 500 अंक गिरा, रिलायंस और आईसीआईसीआई बैंक बुरी तरह प्रभावित

  नई दिल्ली। बीते हफ्ते शेयर बाजार लगातार गिरावट में रहा और नए हफ्ते की शुरुआत भी शेयर बाजार के लिए अच्छी नहीं रही। सोमवार को बीएसई सेंसेक्स 500 अंक से अधिक टूट गया, जबकि एनएसई निफ्टी 25,550 के स्तर से नीचे आ गया। रिलायंस इंडस्ट्रीज और आईसीआईसीआई बैंक में सबसे बड़ी गिरावट देखने को मिली।   सेंसेक्स और निफ्टी का हाल   सुबह 9.35 बजे सेंसेक्स 410.34 अंक यानी 0.49% गिरकर 83,165.90 अंक पर कारोबार कर रहा था। वहीं निफ्टी 112.75 अंक यानी 0.44% की गिरावट के साथ 25,570.55 अंक पर था। पिछले हफ्ते सेंसेक्स में कुल मिलाकर लगभग 2,200 अंक की गिरावट दर्ज की गई थी, जबकि निफ्टी करीब 2.5% लुढ़क गया।   प्रमुख शेयरों में गिरावट   सेंसेक्स में सबसे अधिक गिरावट वाले शेयरों में लार्सन एंड टुब्रों, पावर ग्रिड, रिलायंस इंडस्ट्रीज, अडानी पोर्ट्स, ईटरनल, बीईएल, भारती एयरटेल, इन्फोसिस, ...
चीन की तकनीकी रोक से रुक गया रिलायंस का बड़ा प्रोजेक्ट, मुकेश अंबानी ने किया है अरबों का निवेश
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चीन की तकनीकी रोक से रुक गया रिलायंस का बड़ा प्रोजेक्ट, मुकेश अंबानी ने किया है अरबों का निवेश

  नई दिल्ली। देश की सबसे मूल्यवान कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज ने भारत में लिथियम-आयन बैटरी सेल बनाने की अपनी योजना फिलहाल रोक दी है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, इसकी वजह चीन से जरूरी तकनीक का न मिलना है।   चीन ने रोक दिया रास्ता   रिलायंस इस साल से बैटरी सेल निर्माण शुरू करना चाहती थी। इसके लिए वह चीन की Xiamen Hithium Energy Storage Technology Co. से तकनीक लाइसेंस पर लेने की कोशिश कर रही थी, लेकिन ये बातचीत रुक गई। चीन ने कई रणनीतिक तकनीक के आयात पर नए नियम लागू कर दिए हैं ताकि अपनी क्लीन एनर्जी टेक्नोलॉजी में वैश्विक बढ़त बरकरार रख सके।   रिलायंस की स्थिति   सूत्रों के मुताबिक, रिलायंस ने बैटरी एनर्जी स्टोरेज कंटेनर असेंबली और सेल प्रोडक्शन के लिए कुछ मशीनरी आयात कर ली है। लेकिन चीनी तकनीक तक पहुंच न होने के कारण सेल निर्माण रुका हुआ है। अब कंपनी बैटरी ...
होली में गला तर करने के लिए भारत में बढ़ा बेवरेज कैन का आयात, श्रीलंका और UAE से की जा रही आपूर्ति
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होली में गला तर करने के लिए भारत में बढ़ा बेवरेज कैन का आयात, श्रीलंका और UAE से की जा रही आपूर्ति

  नई दिल्ली। उत्तर भारत इस समय सर्दी से जूझ रहा है, लेकिन बीयर और कोला निर्माता आगामी गर्मी और होली की तैयारियों में जुट गए हैं। हर साल होली पर न केवल एयरेटेड ड्रिंक की खपत बढ़ती है, बल्कि बीयर और अन्य अल्कोहलिक बेवरेज की मांग भी चरम पर होती है। इस मांग को पूरा करने के लिए भारत में एल्यूमिनियम कैन का आयात बढ़ा दिया गया है।   कैन की कमी और आयात   देश में बेवरेज पैकिंग के लिए एल्यूमिनियम कैन की घरेलू उत्पादन क्षमता सीमित है। इसी वजह से श्रीलंका और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से कैन का आयात किया जा रहा है। पिछले साल आयात पर कुछ प्रतिबंधों के कारण देश में कैन की कमी देखी गई थी, और इस साल भी स्थिति बदली नहीं है। होली तक तैयारियों के लिए कंपनियों ने आयात को दोगुना कर दिया है।   क्यों हुई कैन की कमी?   ब्रूअर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (BAI) के महानिदेशक विनोद गिरी बताते ...
देश की GDP बढ़ रही, लेकिन राज्यों की कमाई घट रही: बजट से पहले केंद्र से की बड़ी मांग
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देश की GDP बढ़ रही, लेकिन राज्यों की कमाई घट रही: बजट से पहले केंद्र से की बड़ी मांग

  नई दिल्ली। देश की अर्थव्यवस्था लगातार मजबूत ग्रोथ दिखा रही है और हाल ही में सरकार ने मौजूदा वित्त वर्ष के लिए 7.4% GDP वृद्धि का अनुमान लगाया है। इसके बावजूद, राज्य सरकारें अपनी कमाई घटने की समस्या से जूझ रही हैं। आगामी आम बजट से पहले वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ हुई प्री-बजट बैठक में राज्यों ने केंद्र से कई अहम मांगें रखीं।   GST कटौती का असर   22 सितंबर को GST दरों में कमी की गई थी। SBI रिसर्च की रिपोर्ट के मुताबिक, इससे राज्यों और केंद्र को वित्त वर्ष में कुल 1.11 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हो सकता है। हालांकि, कम दरों के कारण उपभोग बढ़ने से वास्तविक नुकसान कुछ कम हो सकता है। विपक्ष शासित राज्यों ने विशेष रूप से इस मुद्दे को उठाया।   सेस और सरचार्ज में हिस्सेदारी की मांग   राज्यों का कहना है कि उन्हें केंद्र के टैक्स रेवेन्यू का 41% हिस्सा मिलता...
Success Story: पिता दिन में कमाते थे सिर्फ ₹100, बेटे ने खड़ा कर दिया करोड़ों का स्टार्टअप साम्राज्य
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Success Story: पिता दिन में कमाते थे सिर्फ ₹100, बेटे ने खड़ा कर दिया करोड़ों का स्टार्टअप साम्राज्य

  नई दिल्ली। हालात चाहे कितने भी कठिन क्यों न हों, अगर इरादे मजबूत हों तो सफलता की राह खुद बन जाती है। हैदराबाद के एम. राजा शेखर की कहानी इसी जज्बे की मिसाल है। जिनके पिता कभी दिन में महज 100 रुपये कमाकर परिवार का गुजारा करते थे, आज वही बेटा 5 करोड़ रुपये सालाना रेवेन्यू वाला स्टार्टअप चला रहा है और सैकड़ों युवाओं के भविष्य को दिशा दे रहा है।   एम. राजा शेखर ने अपने दोस्त के. वमसी प्रसाद के साथ मिलकर ‘कॉलेज मेंटर’ (College Mentor) नाम का स्टार्टअप शुरू किया। इसका मकसद उन लाखों छात्रों को सही मार्गदर्शन देना है, जो जानकारी और मेंटरशिप के अभाव में गलत करियर चुन लेते हैं।   अभावों में बीता बचपन   राजा शेखर का बचपन संघर्षों से भरा रहा। सीमित आय के कारण परिवार को कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा। वह खुद एक क्रिकेटर बनना चाहते थे, लेकिन आर्थिक तंगी ने उन्हें खेल छोड़कर ...
Stocks to Buy: बाजार में गिरावट के बाद चुनिंदा शेयरों में तेजी के संकेत, NALCO और Hindustan Zinc पर नजर
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Stocks to Buy: बाजार में गिरावट के बाद चुनिंदा शेयरों में तेजी के संकेत, NALCO और Hindustan Zinc पर नजर

  नई दिल्ली। घरेलू शेयर बाजार में बीते शुक्रवार को लगातार पांचवें कारोबारी सत्र में गिरावट दर्ज की गई। वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता, अमेरिकी टैरिफ बढ़ने की आशंका और विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली के दबाव में निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया। इसका असर प्रमुख सूचकांकों पर साफ दिखाई दिया।   बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 604.72 अंक यानी 0.72 फीसदी टूटकर 83,576.24 के स्तर पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह 778.68 अंक तक लुढ़ककर 83,402.28 के निचले स्तर पर भी पहुंचा। वहीं, एनएसई का निफ्टी 193.55 अंक यानी 0.75 फीसदी गिरकर 25,683.30 पर बंद हुआ।   इन दिग्गज शेयरों में रही गिरावट   सेंसेक्स में शामिल कंपनियों में एनटीपीसी, आईसीआईसीआई बैंक, अडानी पोर्ट्स, भारती एयरटेल, सन फार्मा और बजाज फाइनेंस के शेयरों में प्रमुख रूप से बिकवाली देखने को मिली। वहीं, बाजार की कमजोरी के बीच एशिय...