ट्रंप–पॉवेल टकराव: फेड की स्वायत्तता पर संकट, भारत पर पड़ सकता है दूरगामी असर
नई दिल्ली। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और फेडरल रिजर्व के चेयरमैन जेरोम पॉवेल के बीच टकराव अब अभूतपूर्व और गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है। ट्रंप प्रशासन द्वारा पॉवेल के खिलाफ आपराधिक जांच शुरू किए जाने से न केवल अमेरिकी राजनीति में हलचल मची है, बल्कि वैश्विक वित्तीय बाजारों में भी बेचैनी साफ दिखाई दे रही है। इस घटनाक्रम का असर भारत सहित उभरती अर्थव्यवस्थाओं पर पड़ना तय माना जा रहा है।
यह जांच फेडरल रिजर्व के मुख्यालय के 2.5 अरब डॉलर के रिनोवेशन और कांग्रेस को दी गई पॉवेल की गवाही से जुड़ी बताई जा रही है। पॉवेल ने इसे सीधे तौर पर ब्याज दरें घटाने के लिए राजनीतिक दबाव बनाने का प्रयास करार दिया है। उनका कहना है कि यह कदम फेडरल रिजर्व की स्वतंत्रता को कमजोर करने की कोशिश है—एक ऐसी संस्था, जिसकी स्वायत्तता अमेरिकी मौद्रिक नीति की सबसे बड़ी ताकत मानी जाती है।
फेड की स्वायत्तता दांव पर
पॉव...









