ट्रंप की ट्रेड डील से भारत की चिप इंडस्ट्री पर खतरा, चीन भी नाराज
नई दिल्ली: अमेरिका और ताइवान के बीच हाल ही में हुई 500 अरब डॉलर की बड़ी ट्रेड डील ने वैश्विक तकनीकी बाजार में हलचल पैदा कर दी है। इस समझौते के तहत ताइवानी सामानों पर अमेरिकी टैक्स 20% से घटाकर 15% कर दिया जाएगा। इसके बदले में ताइवान अमेरिका के टेक्नोलॉजी सेक्टर में 250 अरब डॉलर का निवेश करेगा, जिसमें कारखाने, रिसर्च लैब और औद्योगिक पार्क शामिल हैं। इसके अलावा, ताइवान विदेशी निवेश को बढ़ावा देने के लिए 250 अरब डॉलर की क्रेडिट गारंटी भी देगा।
इस डील का उद्देश्य अमेरिकी सेमीकंडक्टर और AI उद्योग को मजबूत करना है। ताइवानी कंपनियां अमेरिका में सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में निवेश करेंगी। इसके अलावा, कुछ आयातित सामानों जैसे जेनेरिक दवाओं और हवाई जहाज के पुर्जों को टैक्स में राहत मिलेगी।
भारत के लिए चुनौती
भारत अपनी पहली ‘मेड इन इंडिया’ चिप का तेजी से विस्ता...










