Thursday, July 23

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भारत-यूएई ट्रेड डील: एनर्जी, कृषि और निवेश में बड़ा समझौता, 2032 तक 200 अरब डॉलर का लक्ष्य
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भारत-यूएई ट्रेड डील: एनर्जी, कृषि और निवेश में बड़ा समझौता, 2032 तक 200 अरब डॉलर का लक्ष्य

नई दिल्ली। भारत और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने सोमवार को एक महत्वपूर्ण व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर किए। दोनों देशों ने 2032 तक आपसी व्यापार को 200 अरब डॉलर तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा है। यह समझौता ऊर्जा सुरक्षा, रक्षा, अंतरिक्ष, कृषि निर्यात, निवेश और एडवांस्ड कंप्यूटिंग जैसे कई अहम क्षेत्रों में हुआ है। यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान की भारत की एक दिन की यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बातचीत के बाद यह डील हुई। विदेश सचिव विक्रम मिश्रा ने बताया कि यह लक्ष्य भारत और यूएई के बीच बढ़ते आर्थिक संबंधों को दर्शाता है। उन्होंने यह भी कहा कि यूएई अब भारत को लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) सप्लाई करने वाला दूसरा सबसे बड़ा देश बन गया है। एनर्जी सेक्टर में अहम समझौता ऊर्जा क्षेत्र में, हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) और ADNOC गैस के बीच 10 साल के लिए स...
रैनबैक्सी के पूर्व प्रमोटर सिंह ब्रदर्स में फिर मची रार, 500 करोड़ रुपये का विवाद
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रैनबैक्सी के पूर्व प्रमोटर सिंह ब्रदर्स में फिर मची रार, 500 करोड़ रुपये का विवाद

नई दिल्ली। देश की प्रमुख फार्मा कंपनी रैनबैक्सी के पूर्व प्रमोटर भाई शिविंदर सिंह और मालविंदर सिंह एक बार फिर आमने-सामने हैं। इस बार विवाद का केंद्र फ्लाइट लेफ्टिनेंट राजन ढाल चैरिटेबल सोसायटी और उससे जुड़ी 500 करोड़ रुपये की प्रॉपर्टी व सालाना 30 करोड़ रुपये के रेवेन्यू को लेकर है। झगड़े की जड़ें और पहले के विवाद मालविंदर की पत्नी जापना सिंह का आरोप है कि शिविंदर और उनकी पत्नी अदिति सिंह ने फर्जी तरीके से उन्हें और अन्य सदस्यों को सोसायटी से बाहर कर दिया, ताकि अस्पताल और उसकी कमाई पर कब्जा किया जा सके। सिंह बंधु पहले भी विवादों में रह चुके हैं। 2019 में जापानी कंपनी दाइची सांक्यो के केस में उन्हें अवमानना का दोषी पाया गया था। रैनबैक्सी डील के दौरान धोखाधड़ी के आरोपों के कारण इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन ने उन्हें 50 करोड़ डॉलर हर्जाना देने का आदेश दिया था। सिंह ब्रदर्स का सफर: उतार-चढ...
सक्सेस स्टोरी: 48 की उम्र में नौकरी छोड़ी, ₹1 लाख से शुरू किया काम, अब कंपनी का टर्नओवर ₹15 करोड़
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सक्सेस स्टोरी: 48 की उम्र में नौकरी छोड़ी, ₹1 लाख से शुरू किया काम, अब कंपनी का टर्नओवर ₹15 करोड़

नई दिल्ली। चेन्नई के लोकेश्वरन कन्नन ने साबित कर दिया कि सफलता की कोई उम्र नहीं होती। 48 साल की उम्र में जमी-जमाई नौकरी छोड़कर उन्होंने अपनी कंपनी eOrbitor की शुरुआत की थी। तब लोग उन्हें ‘पागल’ कह रहे थे, लेकिन आज उनकी मेहनत और दूरदर्शिता ने उन्हें आईटी जगत का भरोसेमंद नाम बना दिया है। सिर्फ ₹1 लाख से शुरुआत लोकेश्वरन ने 2019 में eOrbitor की नींव रखी थी। केवल ₹1 लाख की पूंजी, एक टेबल, एक कुर्सी और एक पंखे के साथ उन्होंने अपना सफर शुरू किया। कंपनी शुरू होने के 40 दिनों के भीतर ही कोरोना लॉकडाउन लग गया। जहां कई बड़ी आईटी कंपनियां ठप हो रही थीं, लोकेश्वरन ने इसे अवसर में बदल दिया और डेटा सेंटर मेंटेनेंस जैसी महत्वपूर्ण सेवाओं पर ध्यान केंद्रित किया। उनका पहला ऑर्डर महज ₹14,000 का फायरवॉल सपोर्ट था, लेकिन जल्द ही मेहनत और भरोसे के दम पर करोड़ों के अनुबंध मिलने लगे। दिग्गजों का भरोसा आज उनकी ...
स्टॉक्स टू बाय: CG Power, Jindal Saw समेत कई शेयरों में तेजी के संकेत, आज कमाई का मौका
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स्टॉक्स टू बाय: CG Power, Jindal Saw समेत कई शेयरों में तेजी के संकेत, आज कमाई का मौका

नई दिल्ली। दलाल स्ट्रीट पर बीते सोमवार को कमजोरी देखने को मिली, लेकिन इसके बावजूद चुनिंदा शेयरों में मजबूती के संकेत उभरकर सामने आए हैं। वैश्विक स्तर पर टैरिफ से जुड़ी अनिश्चितताओं, कमजोर तिमाही नतीजों, डॉलर के मुकाबले रुपये में गिरावट और विदेशी निवेशकों की लगातार निकासी के कारण निवेशकों की धारणा दबाव में रही। इसका असर प्रमुख सूचकांकों पर भी दिखा। बंबई शेयर बाजार (BSE) का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 324.17 अंक यानी 0.39 फीसदी टूटकर 83,246.18 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय यह 672 अंक तक फिसल गया था। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 108.85 अंक यानी 0.42 फीसदी की गिरावट के साथ 25,585.50 अंक पर बंद हुआ। रिलायंस और ICICI Bank पर बिकवाली का दबाव सेंसेक्स की प्रमुख कंपनियों में रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में सबसे ज्यादा 3.04 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा ICICI Bank के ...
भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर बढ़ी उम्मीद: तीन महीने में समझौता संभव, अमेरिकी कंपनियों ने निवेश पर जताया भरोसा
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भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर बढ़ी उम्मीद: तीन महीने में समझौता संभव, अमेरिकी कंपनियों ने निवेश पर जताया भरोसा

नई दिल्ली। वैश्विक स्तर पर बढ़ती अनिश्चितताओं और अमेरिकी व्यापार नीतियों को लेकर बनी आशंकाओं के बीच भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों को लेकर एक सकारात्मक संकेत सामने आया है। अमेरिका-भारत स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप फोरम (USISPF) के अध्यक्ष और सीईओ मुकेश अघी ने उम्मीद जताई है कि अगले तीन महीनों के भीतर भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक समझौता हो सकता है। यह बयान उन्होंने वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF), दावोस के दौरान दिया। मुकेश अघी ने कहा कि दोनों देशों के बीच व्यापक व्यापार समझौते को लेकर बातचीत अब निर्णायक चरण में पहुंच चुकी है। कई दौर की चर्चाओं के बाद अब सहमति की जमीन तैयार हो रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कृषि जैसे जटिल और तकनीकी रूप से संवेदनशील मुद्दों पर भी दोनों देश मिलकर समाधान तलाश रहे हैं, जो इस समझौते को पहले की तुलना में अधिक व्यापक और मजबूत बनाएगा। अमेरिकी कंपनियों का भारत पर भरोसा का...
चुपचाप गायब हो रही चांदी: भारत में बढ़ती मांग ने दुनिया को चौंकाया, चीन के सोने पर टिकी रही नजर
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चुपचाप गायब हो रही चांदी: भारत में बढ़ती मांग ने दुनिया को चौंकाया, चीन के सोने पर टिकी रही नजर

नई दिल्ली। जब पूरी दुनिया चीन की आक्रामक सोना खरीद पर नजरें जमाए बैठी है, उसी दौरान भारत में एक बड़ा बदलाव चुपचाप हो रहा है—चांदी तेजी से गायब हो रही है। यह दावा किया है चार्टर्ड अकाउंटेंट नितिन कौशिक ने, जिन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर चांदी से जुड़े बदलते रुझानों की ओर ध्यान खींचा है। उनका कहना है कि बाजार सिर्फ सुर्खियों से नहीं चलते। कई बार असली हलचल कारखानों, घरों और आम लोगों की बदलती आदतों से जन्म लेती है। इस समय वही कहानी चांदी के साथ लिखी जा रही है। रिकॉर्ड आयात, बढ़ती जरूरत यह विश्लेषण ऐसे समय सामने आया है, जब चांदी हाल ही में ₹3 लाख प्रति किलोग्राम के ऐतिहासिक स्तर को पार कर चुकी है। आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2025 में भारत ने 5,000 टन से अधिक चांदी का आयात किया, जो दुनिया के सालाना उत्पादन का लगभग पांचवां हिस्सा है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह सिर्फ ट्रेडिंग या सट्टेबाजी नहीं, ...
भारत विकास की नई दहलीज पर: 2030 तक ‘उच्च-मध्यम आय’ देशों के क्लब में एंट्री, 2028 तक बनेगा दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था
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भारत विकास की नई दहलीज पर: 2030 तक ‘उच्च-मध्यम आय’ देशों के क्लब में एंट्री, 2028 तक बनेगा दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था

नई दिल्ली। भारतीय अर्थव्यवस्था एक और ऐतिहासिक उपलब्धि की ओर तेजी से बढ़ रही है। एसबीआई रिसर्च की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, भारत वर्ष 2030 तक ‘अपर-मिडिल-इनकम’ यानी उच्च-मध्यम आय वाले देशों के समूह में शामिल हो जाएगा। इसके साथ ही भारत चीन और इंडोनेशिया जैसे देशों की कतार में खड़ा होगा। रिपोर्ट यह भी संकेत देती है कि भारत 2028 तक जर्मनी को पछाड़कर दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक, भारत की प्रति व्यक्ति सकल राष्ट्रीय आय (GNI) में लगातार हो रही बढ़ोतरी इस बदलाव की सबसे बड़ी वजह है। अनुमान है कि 2030 तक भारत की प्रति व्यक्ति आय 4,000 डॉलर तक पहुंच जाएगी, जो उसे उच्च-मध्यम आय वर्ग में पहुंचाने के लिए पर्याप्त होगी। कहां से कहां पहुंचा भारत आजादी के बाद भारत को निम्न-मध्यम आय वर्ग से बाहर निकलने में करीब 60 साल लगे। 1962 में प्रति व्यक्ति आय: सिर्फ 90 डॉल...
चांदी का ऐतिहासिक उछाल: 7 दिन में ₹59,100 की छलांग, भाव ₹3 लाख के पार; सोना भी रिकॉर्ड ऊंचाई पर
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चांदी का ऐतिहासिक उछाल: 7 दिन में ₹59,100 की छलांग, भाव ₹3 लाख के पार; सोना भी रिकॉर्ड ऊंचाई पर

नई दिल्ली। कीमती धातुओं के बाजार में जबरदस्त तेजी देखने को मिल रही है। राष्ट्रीय राजधानी के सराफा बाजार में चांदी ने इतिहास रच दिया है। लगातार सात कारोबारी सत्रों की तेजी के बाद सोमवार को चांदी पहली बार ₹3 लाख प्रति किलोग्राम के पार बंद हुई। एक ही दिन में ₹10,000 की छलांग के साथ चांदी का भाव ₹3,02,600 प्रति किलो पर पहुंच गया। बीते शुक्रवार को चांदी ₹2,92,600 प्रति किलो पर बंद हुई थी। यानी महज एक सप्ताह में इसकी कीमतों में कुल ₹59,100 की जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की गई है। बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, निवेशकों की मजबूत मांग और वैश्विक स्तर पर बढ़ती अनिश्चितताओं ने चांदी को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। सोना भी ‘हवाई जहाज’ मोड में चांदी के साथ-साथ सोने के दामों में भी जोरदार उछाल देखने को मिला। सोमवार को सोना ₹1,900 की तेजी के साथ ₹1,48,100 प्रति 10 ग्राम (सभी करों सहित) के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहु...
BRICS डिजिटल करेंसी: भारत चुपचाप तैयार, ट्रंप के लिए परेशानी बढ़ सकती है
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BRICS डिजिटल करेंसी: भारत चुपचाप तैयार, ट्रंप के लिए परेशानी बढ़ सकती है

  भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ब्रिक्स देशों के बीच डिजिटल मुद्राओं को जोड़ने का प्रस्ताव तैयार कर रहा है। इसका मकसद अंतरराष्ट्रीय भुगतान को तेज़, सस्ता और सरल बनाना है, साथ ही अमेरिकी डॉलर पर निर्भरता को कम करना भी है। इस प्रस्ताव को 2026 में भारत द्वारा आयोजित ब्रिक्स सम्मेलन में शामिल किया जाएगा।   क्या है प्रस्ताव?   RBI ने ब्रिक्स के देशों—ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका—से कहा है कि वे अपनी सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC) को आपस में इंटरऑपरेबल बनाएं। इसका मतलब है कि एक देश की डिजिटल मुद्रा को दूसरे देश में आसानी से इस्तेमाल किया जा सकेगा।   रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, यह विचार अभी चुपचाप आगे बढ़ रहा है और इसे सार्वजनिक रूप से घोषित नहीं किया गया है। यदि इसे मंजूरी मिलती है, तो यह पहला मौका होगा जब ब्रिक्स सदस्य अपनी डिजिटल मुद्राओं को औपचारिक रूप ...
शुगर फ्री कारोबार में मचेगी बड़ी हलचल: ‘टैगाटोज’ से हिल सकता है आर्टिफिशियल स्वीटनर बाजार
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शुगर फ्री कारोबार में मचेगी बड़ी हलचल: ‘टैगाटोज’ से हिल सकता है आर्टिफिशियल स्वीटनर बाजार

  भारत, जिसे दुनिया की ‘डायबिटीज कैपिटल’ कहा जाता है, वहां शुगर फ्री और आर्टिफिशियल स्वीटनर्स का बाजार तेजी से फल-फूल रहा है। लेकिन अब वैज्ञानिकों की एक नई खोज इस पूरे उद्योग का गणित बदल सकती है। इस प्राकृतिक शक्कर का नाम है टैगाटोज (Tagatose), जो स्वाद में लगभग आम चीनी जितनी मीठी है, लेकिन कैलोरी और ब्लड शुगर पर असर बेहद कम डालती है।   क्या है टैगाटोज और क्यों है खास?   वैज्ञानिकों के अनुसार टैगाटोज सामान्य शक्कर की तुलना में करीब 92% तक मीठी होती है, जबकि इसमें कैलोरी सिर्फ एक तिहाई रहती है। सबसे अहम बात यह है कि यह ब्लड ग्लूकोज लेवल को तेजी से नहीं बढ़ाती, जिससे यह डायबिटीज मरीजों के लिए एक बेहतर विकल्प बन सकती है।   इसके अन्य फायदे भी चौंकाने वाले हैं—   यह दांतों के लिए सुरक्षित मानी जाती है और मुंह में हानिकारक बैक्टीरिया को कम कर सकती है। यह तेज गर...