
गाजियाबाद: विवादों में रहने वाली पिंकी चौधरी और उनके बेटे दक्ष गुरुवार को जेल से रिहा हो गए। दोनों की रिहाई के बाद उनके समर्थकों ने नारेबाजी, आतिशबाजी और सड़क पर जमकर हुड़दंग मचाया, जिससे प्रशासन के लिए नई चुनौतियाँ खड़ी हो गईं।
विभु मिश्रा की रिपोर्ट के अनुसार, पिंकी चौधरी और दक्ष को कोर्ट से जमानत मिल चुकी थी, लेकिन जेल में परवाना देर से आने के कारण रिहाई सुबह तक टल गई थी। जैसे ही दोनों जेल से बाहर निकले, समर्थकों ने उन्हें मालाओं से लादकर स्वागत किया। इस दौरान समर्थकों ने मिठाई बांटी, गाड़ियों का लंबा काफिला निकाला और सड़कों पर आतिशबाजी और नारेबाजी की। वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
पिछले साल 29 दिसंबर को शालीमार गार्डन में पिंकी चौधरी और उनके समर्थकों ने सड़क पर स्टॉल लगाकर और घर-घर जाकर तलवारें बांटी थीं। इस पर पुलिस ने हिन्दू रक्षा दल के 10 कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर तलवारें जब्त की थीं। पिंकी चौधरी और उनका बेटा उस समय फरार हो गए थे।
फरारी के दौरान पिंकी ने दो वीडियो जारी कर तलवार वितरण को हिंदुओं की रक्षा का आवश्यक कदम बताया और पुलिस प्रशासन को चुनौती दी। बाद में पुलिस ने उन्हें वजीराबाद से गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
पिंकी चौधरी की रिहाई और उनके समर्थकों का काफिला पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता नजर आया। इस शक्ति प्रदर्शन के दौरान आम लोगों को भी सड़क, ट्रैफिक और सुरक्षा संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ा।