Thursday, January 1

‘कनाडा में जॉब नहीं…’, 1.5 साल में भारत लौट आए भारतीय, बताई विदेश में जिंदगी की कड़वी हकीकत

 

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नई दिल्ली: विदेश में नौकरी और पढ़ाई का सपना देखने वाले हजारों भारतीय हर साल अपने वतन लौट आते हैं। ऐसा ही अनुभव साझा किया है शाश्वत ने, जो डेढ़ साल पहले कनाडा से लौटे। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर उन्होंने अपनी कहानी बताई और कनाडा में रहने की वास्तविक परिस्थितियों को उजागर किया।

 

कनाडा में नौकरी पाना मुश्किल:

शाश्वत ने बताया कि कनाडा छोड़ने की सबसे बड़ी वजह जॉब की कठिनाई थी। उनके मुताबिक, अगर आपके पास परमानेंट रेजिडेंसी (PR) नहीं है, तो कॉर्पोरेट जॉब पाना लगभग असंभव है। उन्होंने कहा, “कनाडा में कॉर्पोरेट सेक्टर में जॉब की संभावना सिर्फ 1–2% है। लोगों को लगता है कि विदेश में आसानी से नौकरी मिल जाती है, लेकिन हकीकत बिल्कुल अलग है।”

 

शाश्वत ने खुद का उदाहरण देते हुए बताया कि उन्होंने उसी कंपनी में इंटरव्यू दिया था, जहां अब वह भारत में काम कर रहे हैं। एक जैसी स्किल होने के बावजूद कनाडा में उन्हें रिजेक्ट कर दिया गया। उन्होंने यह भी कहा कि कनाडा की नौकरी उनके लिए इसलिए भी सही नहीं थी क्योंकि वे वहां भारत से बेहतर जीवन पाने की उम्मीद लेकर गए थे।

 

अकेले रहने का अनुभव:

शाश्वत ने बताया कि विदेश में अकेले रहना भी आसान नहीं था। उन्होंने कहा, “छह महीने में ही समझ आ गया कि अकेले जीवन में परिवार और साथ का महत्व कितना है। भारत में परिवार के साथ नोंक-झोंक जरूर होती है, लेकिन यह एक असली और खुशहाल जीवन है।”

 

भारत लौटना बना सही फैसला:

भारत लौटने के बाद शाश्वत ने अपने जीवन का स्पष्ट प्लान बनाया। उन्होंने कहा, “मैंने जो भी योजना बनाई, उसे पिछले डेढ़ साल में पूरा किया। आज मेरी जिंदगी अच्छी चल रही है और भारत लौटना बिल्कुल सही फैसला था।”

 

शाश्वत की कहानी उन सभी भारतीयों के लिए सचेत करने वाली है, जो विदेश में आसान जीवन की कल्पना कर रहे हैं। उनके अनुभव से यह साफ होता है कि विदेश की चमक-दमक के पीछे भी कठिनाइयाँ और अकेलापन है।

 

 

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