Wednesday, June 3

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प्रेमानंद महाराज की किडनी बीमारी पर बाबा रामदेव ने बताए आयुर्वेदिक और योग उपाय

वृंदावन। प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज पॉलीसिस्टिक किडनी डिजीज (PKD) से पीड़ित हैं और उन्हें नियमित रूप से डायलिसिस कराना पड़ता है। हाल ही में उनके स्वास्थ्य को लेकर बाबा रामदेव से सवाल किया गया, जिसमें उन्होंने किडनी रोग के बढ़ते खतरे और समर्थ उपायों के बारे में जानकारी दी।

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किडनी की बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं

बाबा रामदेव ने कहा कि आजकल किडनी से जुड़ी बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। इसका मुख्य कारण गलत खानपान, उच्च ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, कम पानी पीना और अधिक तनाव है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किडनी खराब होने पर डायलिसिस और डॉक्टर का इलाज सबसे जरूरी है।

योग और प्राणायाम से मदद

रामदेव ने बताया कि कुछ आसन और प्राणायाम शरीर के डिटॉक्स सिस्टम को सक्रिय करने में मदद करते हैं। खासकर मंडूकासन और पवनमुक्तासन पेट, आंत और किडनी के आसपास रक्त संचार को बढ़ाकर सूजन कम करने और शरीर से टॉक्सिन निकालने में सहायक होते हैं।

किडनी मरीज के लिए फल-सब्जी खाने का सही तरीका

बाबा रामदेव ने फलों और सब्जियों को सही क्रम में खाने की सलाह दी है ताकि किडनी पर बोझ न पड़े। उनका सुझाव है:

  1. सबसे पहले अनार
  2. फिर पपीता
  3. इसके बाद सेब
  4. अंत में हल्की सब्जियां जैसे लौकी, गाजर, मूली

इस क्रम से खाने से पोषण सही तरीके से मिलता है और किडनी पर दबाव कम पड़ता है।

दिन में दो बार भोजन और 14 घंटे का उपवास

रामदेव के अनुसार दिन में केवल दो बार भोजन करना लाभकारी है—एक बार दोपहर और एक बार शाम को। सुबह भारी नाश्ता न लेने से रात और अगले दिन दोपहर के खाने के बीच करीब 14 घंटे का अंतर बनेगा। इसे इंटरमिटेंट फास्टिंग कहा जाता है।

इंटरमिटेंट फास्टिंग के फायदे

  • शरीर को डिटॉक्स होने का समय मिलता है
  • पाचन तंत्र बेहतर तरीके से काम करता है
  • शरीर से टॉक्सिन बाहर निकलते हैं
  • वजन नियंत्रित रहता है
  • सूजन और इंफ्लेमेशन कम रहती है
  • किडनी और लिवर पर अतिरिक्त दबाव नहीं पड़ता

निष्कर्ष: बाबा रामदेव का कहना है कि किडनी की बीमारियों में आयुर्वेदिक उपाय, योग, सही खानपान और इंटरमिटेंट फास्टिंग सहायक हो सकते हैं, लेकिन गंभीर स्थिति में डॉक्टर से नियमित परामर्श जरूरी है।

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