
गंभीर कुपोषित बच्चों को मिलेगा पौष्टिक आहार, कुपोषण मुक्त इंदौर बनाने की दिशा में नई पहल

इंदौर, 23 जुलाई 2026 (SDNA)

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कुपोषण मुक्त मध्यप्रदेश के संकल्प को साकार करने की दिशा में इंदौर जिला प्रशासन ने “सुपोषण संकल्प अभियान” के तहत अभिनव पहल की है। अभियान के अंतर्गत गुरुवार को कलेक्टर शिवम वर्मा ने गंभीर कुपोषित (SAM) बच्चों के लिए 1000 न्यूट्रिशन किट वितरित किए।
यह अभियान महिला एवं बाल विकास विभाग तथा सहायता संस्था के संयुक्त सहयोग से संचालित किया जा रहा है। प्रत्येक न्यूट्रिशन किट में बच्चों की पोषण आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए राजगीरा के लड्डू, खोपरे का गोला, सत्तू का आटा, एक किलोग्राम खजूर, तिलपट्टी सहित अन्य पौष्टिक खाद्य सामग्री शामिल की गई है। प्रत्येक किट की अनुमानित लागत करीब 500 रुपये है तथा इसे केंद्र सरकार के स्वास्थ्य विभाग द्वारा निर्धारित पोषण मानकों के अनुरूप तैयार किया गया है।
अभियान का उद्देश्य जिले के 6 माह से 6 वर्ष तक के गंभीर कुपोषित बच्चों के पोषण स्तर में सुधार कर उन्हें स्वस्थ श्रेणी में लाना है।
इस अवसर पर कलेक्टर शिवम वर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के संकल्प के अनुरूप इंदौर को कुपोषण मुक्त जिला बनाने के लिए सभी विभाग समन्वित रूप से कार्य कर रहे हैं। उन्होंने महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि गंभीर कुपोषित बच्चों का नियमित फॉलोअप किया जाए तथा उनके स्वास्थ्य और पोषण में निरंतर सुधार सुनिश्चित किया जाए।
सहायता संस्था के डॉ. अनिल भंडारी ने बताया कि संतुलित एवं पौष्टिक आहार के माध्यम से गंभीर कुपोषित बच्चों के स्वास्थ्य में तेजी से सुधार लाने का प्रयास किया जा रहा है।
कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास विभाग के कार्यक्रम अधिकारी रजनीश सिन्हा, सहायता संस्था के डॉ. अनिल भंडारी सहित विभागीय अधिकारी एवं मैदानी कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना के तहत पंजीयन शिविर आयोजित
18 से 40 वर्ष आयु वर्ग के पात्र श्रमिक उठा सकते हैं योजना का लाभ
इंदौर, 23 जुलाई 2026 (SDNA)
असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से संचालित प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना के तहत इंदौर में सहायक श्रमायुक्त कार्यालय में पंजीयन शिविर आयोजित किया जा रहा है।
सहायक श्रमायुक्त ने बताया कि योजना के अंतर्गत 18 से 40 वर्ष आयु वर्ग के पात्र श्रमिक 55 रुपये प्रतिमाह से अंशदान जमा कर 60 वर्ष की आयु पूर्ण होने पर मासिक पेंशन प्राप्त कर सकते हैं। श्रमिक द्वारा जमा की जाने वाली राशि के बराबर अंशदान भारत सरकार भी जमा करती है।
योजना का लाभ ऐसे श्रमिकों को मिलेगा जो कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) एवं कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) के अंतर्गत पंजीकृत नहीं हैं तथा जिनकी मासिक आय 15 हजार रुपये तक है।
इच्छुक श्रमिक देवी अहिल्या मार्ग स्थित सहायक श्रमायुक्त कार्यालय में आयोजित शिविर में पहुंचकर अपना पंजीयन करा सकते हैं। इसके अलावा कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) अथवा एमपी ऑनलाइन केंद्र के माध्यम से भी योजना में पंजीयन कराया जा सकता है।


