Tuesday, August 11

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बिकरू कांड का आरोपी मनु पांडेय ढाई साल बाद एंटी डकैती कोर्ट में सरेंडर

कानपुर: 2 जुलाई, 2020 की रात कानपुर के बिकरू गांव में हुए कुख्यात बिकरू कांड की यादें आज भी लोगों के जहन में ताजा हैं। इस कांड में अपराधी विकास दुबे ने अपने गैंग के साथ मिलकर सीओ समेत आठ पुलिसकर्मियों की हत्‍या कर दी थी। अब इस मामले से जुड़े मनु पांडेय ने ढाई साल बाद एंटी डकैती कोर्ट में सरेंडर कर दिया है।

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मनु पांडेय उस समय सनसनीखेज ऑडियो रिकॉर्डिंग के जरिए चर्चा में आई थी। पुलिस ने शुरुआत में उसे सरकारी गवाह बनाया था, लेकिन तीन साल बाद आरोपी घोषित कर दिया। मनु, विकास दुबे के मामा प्रेम प्रकाश पांडेय के बेटे शशिकांत की पत्नी है।

सरेंडर से पहले फरार रही थी मनु:
मनु पांडेय पर आरोप था कि उसने बिकरू कांड के दौरान पुलिस को लोकेशन की जानकारी दी थी। जब पुलिस ने उसे आरोपी बनाया, तो वह घर से फरार हो गई। 17 जुलाई, 2023 को एंटी डकैती कोर्ट ने उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया और पुलिस ने कुर्की की कार्रवाई भी की थी। शुक्रवार को अपने वकील के माध्यम से मनु ने पुलिस को चकमा देते हुए कोर्ट में सरेंडर कर दिया और उसे जेल भेज दिया गया।

बिकरू कांड की घटनाएं:
बिकरू कांड की रात विकास दुबे के गुर्गों ने सीओ देवेंद्र मिश्रा की हत्या की थी। घर के बरामदे में दो सिपाहियों की लाशें मिली थीं। घटना के अगले दिन, यूपी एसटीएफ ने विकास दुबे और उसके छह साथियों को एनकाउंटर में मार गिराया था। बिकरू कांड में अब तक कुल 36 आरोपी जेल में हैं।

पुलिस का बयान:
चौबेपुर थाना प्रभारी आशीष चौबे ने बताया, “मनु पांडेय की गिरफ्तारी के लगातार प्रयास किए जा रहे थे। सरेंडर के बाद उसे जेल भेज दिया गया है।”

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