Opinion: ऑनलाइन गेम्स और सोशल मीडिया बन गए मासूमों के दिमाग के ‘साइलेंट किलर’, भारत में भी तय हो न्यूनतम उम्र
भारत को बच्चों के बढ़ते स्क्रीन टाइम को गंभीर खतरे की घंटी की तरह देखना चाहिए। Economic Survey 2025-26 के अनुसार, भारतीय बच्चे सुरक्षित माने जाने वाली सीमा से दोगुना समय मोबाइल और कंप्यूटर स्क्रीन पर बिता रहे हैं। दुनिया में सबसे सस्ता इंटरनेट होने के बावजूद इसका सबसे बड़ा नुकसान बच्चों को हो रहा है।
गाजियाबाद की दर्दनाक घटना:हाल ही में गाजियाबाद में तीन सगी नाबालिग बहनों ने एक बिल्डिंग के 9वें फ्लोर से कूदकर अपनी जान दे दी। शुरुआती जांच के अनुसार, इस घटना के पीछे टास्क-बेस्ड गेमिंग की लत और ऑनलाइन गेम्स का मानसिक दबाव बताया जा रहा है। आज बच्चे स्मार्टफोन को खिलौने की तरह नहीं बल्कि नुकसान पहुँचाने वाले ‘हथियार’ के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं। सोशल मीडिया और ऑनलाइन गेम्स मनोरंजन के अलावा मासूम दिमागों को हाईजैक करने वाले ‘साइलेंट किलर’ बन चुके हैं।
डिजिटल दुनिया का पुराना खतरा:यह घटना पह...










