Tuesday, February 24

AI से IT कंपनियों का काम कम नहीं होगा, बल्कि बढ़ेगा: विप्रो के हरि शेट्टी

बेंगलुरु: भारत के आईटी सर्विसेज सेक्टर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर चिंता बढ़ रही है। ऐसे में विप्रो के चीफ स्ट्रैटेजिस्ट और टेक्नोलॉजी ऑफिसर हरि शेट्टी ने स्पष्ट किया है कि अगले 20 साल में AI का दबदबा रहेगा, लेकिन इससे भारतीय IT कंपनियों का काम घटने की संभावना नहीं है।

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शेट्टी का कहना है कि AI से IT कंपनियों को और ज्यादा काम मिलेगा। उनके अनुसार, यह चिंता कि AI के आने से हजारों IT इंजीनियरों की जरूरत खत्म हो जाएगी, बेबुनियाद है।

एंथ्रोपिक के टूल्स और IT सेक्टर की चिंता

हाल ही में एंथ्रोपिक जैसी कंपनियों के AI टूल्स ने वैश्विक IT सेक्टर में हलचल मचा दी है। इन टूल्स की वजह से कई लोगों को डर है कि मशीनें इंसानों की तुलना में तेज़ी से कोड लिख सकती हैं, डेटा प्रोसेस कर सकती हैं और सिस्टम्स को जोड़ सकती हैं।

लेकिन हरि शेट्टी के अनुसार, AI जितनी नौकरियां बदलेगा उससे कहीं ज्यादा नौकरियां पैदा करेगा। उन्होंने कहा कि आज अधिकांश लोग AI के सतही इस्तेमाल पर ही ध्यान दे रहे हैं, जबकि इसका असली असर और अवसर कहीं गहरा है।

AI IT कंपनियों के लिए अवसर भी है

हरि शेट्टी ने बताया कि वर्तमान में हम जो देख रहे हैं वह केवल टास्क ऑटोमेशन है। वे कहते हैं कि ऑटोनॉमस एंटरप्राइज का दौर पूरी तरह अलग है। IT कंपनियों को अपने क्लाइंट्स के साथ गहराई से काम करना होगा और AI को सबसे बड़ा अवसर मानना होगा।

शेट्टी ने कहा कि AI पर बहस अक्सर केवल नौकरी तक सीमित रहती है, लेकिन यह किसी काम को कितनी गहराई और दक्षता से कर सकता है, इस पर ध्यान देना ज़रूरी है।

निष्कर्ष:
AI के बढ़ते प्रभाव के बावजूद भारतीय IT सेक्टर का भविष्य सुरक्षित है और यह नई तकनीक कंपनियों के लिए अवसरों के नए द्वार खोलेगी। विप्रो के हरि शेट्टी का कहना है कि AI सिर्फ चुनौती नहीं, बल्कि IT उद्योग के लिए सबसे बड़ा मौका भी है।

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