Wednesday, June 3

This slideshow requires JavaScript.

ड्रोन के जरिए पाकिस्तान से भारत में हथियार तस्करी दिल्ली पुलिस ने इंटरनेशनल आर्म्स मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया

नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए हो रही हथियार तस्करी के बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। इस मॉड्यूल के तार आईएसआई समर्थित गैंगस्टर सोनू खत्री उर्फ राजेश कुमार से जुड़े पाए गए हैं। पुलिस ने गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार कर उनके पास से तुर्किये निर्मित PX-5.7 और चीन निर्मित PX-3 मॉडल की कुल 10 विदेशी पिस्टल और 92 कारतूस बरामद किए हैं।

This slideshow requires JavaScript.

रोहिणी में लगी ट्रैप, स्पीकर बॉक्स से मिली पिस्टलें

क्राइम ब्रांच को 19 नवंबर को सूचना मिली थी कि इंटरनेशनल मॉड्यूल के सदस्य दिल्ली-एनसीआर में आधुनिक हथियार सप्लाई करने वाले हैं।
डीसीपी संजीव कुमार यादव के निर्देशन में गठित टीम ने रोहिणी सेक्टर-28 में एक स्विफ्ट डिजायर कार को रोका। तलाशी के दौरान स्पीकर बॉक्स के अंदर बैग में 8 पिस्टल और 84 कारतूस बरामद हुए।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मनदीप सिंह और दलविंदर सिंह के रूप में हुई, दोनों पंजाब के जालंधर के रहने वाले हैं।

पूछताछ में मिले इनपुट के आधार पर पुलिस ने रोहन और अजय उर्फ मोनू को भी पकड़ा, जिनकी निशानदेही पर दो और सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल बरामद की गईं।

पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए गिराई जाती थीं हथियारों की खेप

जांच में सामने आया कि—

  • कस्टमाइज्ड कमर्शियल ड्रोन का उपयोग किया जाता था
  • ड्रोन रात में कम ऊंचाई पर उड़कर रडार से बचते थे
  • हथियार पहले से तय जीपीएस लोकेशन पर गिराए जाते
  • भारतीय पक्ष के रिसीवर उन्हें तुरंत उठाकर गायब हो जाते
  • समन्वय एन्क्रिप्टेड चैट और बदले हुए समय–स्थान के जरिए होता
  • भुगतान हवाला और प्रॉक्सी खातों से किया जाता था

कौन है गैंग का मास्टरमाइंड सोनू खत्री

  • पंजाब का कुख्यात गैंगस्टर, 2021 में भारत से फरार
  • वर्तमान में अमेरिका में होने की आशंका
  • उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी
  • हत्या के प्रयास, जबरन वसूली, एनडीपीएस और विस्फोटक अधिनियम समेत 45 से अधिक आपराधिक मामले

उसका सहयोगी जसप्रीत उर्फ जस पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए हथियार और ड्रग्स मंगवाता था और एजेंसियों के दबाव के बाद विदेश भाग गया।

पुलिस की आगे की कार्रवाई

गिरफ्तार आरोपियों पर आर्म्स एक्ट सहित संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है।
क्राइम ब्रांच अब—

  • फंडिंग चैनल
  • विदेशी सप्लायर्स
  • ड्रॉप लोकेशन नेटवर्क
    की जांच आगे बढ़ा रही है।

पुलिस का कहना है कि यह ऑपरेशन इंटरनेशनल हथियार तस्करी पर सबसे बड़ी कार्रवाई में से एक है और नेटवर्क के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है।

Leave a Reply