
इस्लामाबाद: पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने संसद में अमेरिका पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वॉशिंगटन ने अफगानिस्तान युद्ध में पाकिस्तान का इस्तेमाल किया और बाद में उसे टॉयलेट पेपर से भी बुरा सलूक किया। आसिफ ने स्वीकार किया कि 2001 के बाद अमेरिका के साथ फिर से जुड़ना एक बड़ी भूल थी, जिसने देश को लंबी अवधि में भारी नुकसान पहुंचाया।
आसिफ ने स्पष्ट किया कि अफगानिस्तान युद्ध में पाकिस्तान धार्मिक कारणों या इस्लाम की रक्षा के लिए नहीं, बल्कि सुपरपावर से समर्थन पाने और राजनीतिक वैधता हासिल करने के लिए शामिल हुआ। उन्होंने कहा, “यह जिहाद नहीं था, बल्कि बड़ी ताकतों के बीच प्रॉक्सी लड़ाई थी। हमने इसे सही ठहराने के लिए अपना शिक्षा सिस्टम भी बदल दिया।”
पाकिस्तानी मंत्री ने कहा कि सोवियत सेना की वापसी के बाद पाकिस्तान ने कोई सबक नहीं सीखा और 9/11 के हमलों के बाद भी अमेरिका के साथ हो गया। उन्होंने जोर देकर कहा कि दो दशकों तक पाकिस्तान ने खुद को ‘किराए पर’ दे दिया, सिर्फ अमेरिकी समर्थन पाने के लिए।
आसिफ ने संसद में साफ शब्दों में कहा, “पाकिस्तान के साथ टॉयलेट पेपर से भी बुरा सलूक किया गया और उसे इस्तेमाल करके फेंक दिया गया। देश में हिंसा, कट्टरता और आर्थिक तंगी के लिए अमेरिका जिम्मेदार है। हमें हुए नुकसान की भरपाई कभी नहीं हो सकती।”
