Wednesday, February 11

देश की पहली म्यूजिकल रोड मुंबई में: कोस्टल रोड पर मिलेगा जापान-दुबई जैसा ड्राइविंग अनुभव

मुंबई। देश में पहली बार म्यूजिकल रोड की अनूठी सौगात मुंबई को मिलने जा रही है। मुंबई कोस्टल रोड के नरीमन पॉइंट से वर्ली की ओर जाने वाले खंड पर भारत की पहली ‘म्यूजिकल रोड’ शुरू की जा रही है, जहां तय गति पर वाहन चलाने पर कार के भीतर ही फिल्म स्लमडॉग मिलियनेयर का ऑस्कर विजेता गीत ‘जय हो’ सुनाई देगा। इस अभिनव परियोजना का उद्घाटन बुधवार को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस करेंगे।

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मुंबई कोस्टल रोड पहले ही ट्रैफिक-मुक्त, तेज और आरामदायक यात्रा का प्रतीक बन चुकी है। अब इसमें आधुनिक इंजीनियरिंग का नया अध्याय जुड़ गया है। नरीमन पॉइंट से वर्ली की ओर उत्तर दिशा में जाते समय, सुरंग से लगभग 500 मीटर आगे, जब वाहन चालक करीब 60 से 80 किलोमीटर प्रति घंटा की गति से गुजरेंगे, तो सड़क पर बनाई गई विशेष म्यूजिकल स्ट्रिप्स के कारण संगीत की मधुर धुन सुनाई देगी। यह अनुभव पूरी तरह जापान और दुबई की प्रसिद्ध म्यूजिकल सड़कों जैसा होगा।

दुनिया का पांचवां, भारत का पहला प्रयोग
इस म्यूजिकल रोड के साथ भारत दुनिया का पांचवां देश बन गया है, जहां इस तरह की सड़क मौजूद है। इससे पहले जापान, हंगरी, दक्षिण कोरिया और संयुक्त अरब अमीरात में इस तकनीक का प्रयोग किया जा चुका है। म्यूजिकल रोड की अवधारणा वर्ष 2007 में जापान के इंजीनियर शिज़ुओ शिनोडा ने विकसित की थी, जब सड़क निर्माण के दौरान टायरों से निकलने वाली ध्वनि से संगीत उत्पन्न होने का सिद्धांत सामने आया।

कैसे बजता है सड़क पर संगीत
वरिष्ठ नगर अधिकारियों के अनुसार, सड़क की सतह पर सटीक अंतराल पर विशेष खांचे या पट्टियां बनाई जाती हैं। जब वाहन तय गति से इन पट्टियों के ऊपर से गुजरते हैं, तो टायरों के घर्षण से ध्वनि तरंगें उत्पन्न होती हैं, जो एक स्पष्ट और पहचानने योग्य धुन का रूप ले लेती हैं। यही तकनीक ‘मेलोडी रोड’ के नाम से जानी जाती है।

साढ़े छह करोड़ की लागत, हंगेरियन कंपनी ने किया काम
बीएमसी ने इस परियोजना पर करीब 6.21 करोड़ रुपये (जीएसटी सहित) खर्च किए हैं। इसके निर्माण के लिए एक हंगेरियन कंपनी को जिम्मेदारी सौंपी गई। म्यूजिकल स्ट्रिप्स नरीमन पॉइंट से वर्ली की ओर जाने वाली लेन में, डिवाइडर के पास स्थापित की गई हैं। खास बात यह है कि बंद कार के अंदर भी संगीत की धुन साफ-साफ सुनाई देगी।

पहले से दी जाएगी चालकों को जानकारी
नगर निगम ने सुरक्षा और जागरूकता को ध्यान में रखते हुए सुरंग के अंदर और बाहर 500, 100 और 60 मीटर पहले साइनबोर्ड लगाए हैं, ताकि वाहन चालकों को ‘संगीत सड़क’ के बारे में पहले ही जानकारी मिल सके।

नगर अधिकारियों का कहना है कि यह पहल आधुनिक इंजीनियरिंग और सांस्कृतिक अभिव्यक्ति का अनूठा संगम है, जो न सिर्फ यात्रा को आनंददायक बनाएगी, बल्कि मुंबई को वैश्विक स्तर पर एक नई पहचान भी दिलाएगी।

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