
आगरा (उत्तर प्रदेश): आंबेडकर चौक पर महर्षि वाल्मीकि की प्रतिमा स्थापित करने और फिर प्रशासन द्वारा उसे हटवाने को लेकर विवाद और तनाव फैल गया है। वाल्मीकि समाज के लोगों ने प्रतिमा हटाए जाने के विरोध में धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है और प्रशासन को 72 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। चेतावनी दी गई है कि यदि प्रतिमा दोबारा स्थापित नहीं की गई, तो पूरे क्षेत्र में सफाई व्यवस्था पूरी तरह ठप कर दी जाएगी।
मामला फतेहाबाद कस्बे का है। आंबेडकर चौक के पीछे स्थित पुराने कुएं की जमीन को जमुना गली निवासी रजत पालीवाल अपनी पैतृक जमीन बता रहे हैं। सोमवार सुबह वाल्मीकि समाज के लोगों ने चबूतरा बना कर दोपहर 12 बजे महर्षि वाल्मीकि की प्रतिमा स्थापित कर दी। वहीं, पालीवाल परिवार ने इस जमीन पर बाउंड्री वॉल बनाने के लिए ईंट और बालू मंगवाई थी।
पुलिस ने हटाई प्रतिमा:
प्रतिमा लगाने की सूचना मिलने पर मौके पर पुलिस और नायब तहसीलदार प्रमोद कुमार राजस्व टीम के साथ पहुंचे। किसी भी अनुमति का प्रमाण न दिखाने पर पुलिस ने प्रतिमा को हटाने का प्रयास किया। प्रतिमा हटाने के दौरान वाल्मीकि समाज के लोगों ने विरोध किया, लेकिन अतिरिक्त पुलिस बल बुलाकर प्रतिमा को हटवा दिया गया। एसीपी फतेहाबाद अनिल कुमार ने बताया कि प्रतिमा बिना अनुमति लगाई गई थी, इसलिए प्रशासन ने कार्रवाई की।
विवादित जमीन:
वाल्मीकि समाज का दावा है कि यह जमीन उनके पूर्वजों को दान में दी गई थी, जबकि पालीवाल परिवार इसे अपनी पैतृक जमीन बताता है। पुलिस ने जमीन को विवादित बताया है।
वाल्मीकि समाज की चेतावनी:
प्रतिमा हटाए जाने से नाराज वाल्मीकि समाज के लोगों ने बड़ी संख्या में पंचायत बुलाकर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है। उन्होंने प्रशासन पर एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगाया और साफ-सफाई बंद करने की चेतावनी दी है।
भारी पुलिसबल तैनात:
स्थिति को देखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट हो गया है। इलाके में भारी पुलिसबल तैनात किया गया है और दोनों पक्षों के बीच टकराव न हो, इसके लिए अधिकारियों ने बातचीत शुरू कर दी है। फिलहाल क्षेत्र में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है।
