Thursday, May 14

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वृंदावन में 11 महीने पुरानी साध्वी हत्या का खुलासा: 6 आरोपी गिरफ्तार, मकान बेचने की साजिश उजागर

मथुरा, 20 नवंबर 2025: वृंदावन के गोशाला नगर में 70 वर्षीय साध्वी चंद्रमुखी देवी उर्फ चित्रा दासी की हत्या का मामला 11 महीने बाद पुलिस ने सुलझाया है। साध्वी की हत्या लालच में की गई थी और शव को जला दिया गया था। पुलिस ने इस जघन्य कृत्य में शामिल 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

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साध्वी कौन थीं:
बिहार की रहने वाली साध्वी चित्रा दासी पिछले 35 वर्षों से वृंदावन में अकेली भजन-परिक्रमा करती थीं। उनका जीवन साध्वी जीवनचर्या और भक्ति में व्यतीत होता था। 21 दिसंबर 2024 को अचानक वह गायब हो गईं। उनके गुमशुदा होने की शिकायत उनके गुरु भाई संत लाड़ली दास ने दर्ज कराई थी।

हत्या की वजह और साजिश:
पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपी अभिषेक शर्मा पर जिम के सामान के कर्ज का दबाव था। उसने अपने साथी विकास मिश्रा के साथ मिलकर साध्वी की हत्या की योजना बनाई। दिसंबर 2024 में अभिषेक और सहयोगियों ने साध्वी की गला घोंटकर हत्या की और शव को केसी घाट पर जला दिया।

फर्जीवाड़ा और मकान की बिक्री:
हत्या के बाद आरोपियों ने साध्वी के घर से संपत्ति के कागजात, आधार और पैन कार्ड चोरी किए। फिर फर्जीवाड़ा कर शाहजहांपुर का मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाया। इसके आधार पर 2 मई 2025 को साध्वी का मकान बेच दिया गया।

पुलिस कार्रवाई:
मुख्य आरोपी अभिषेक शर्मा, विकास मिश्रा, विजय सिंह, वकील मोहम्मद, मोहम्मद आरिफ, और ओमकार सिंह को पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा।

पुलिस का बयान:
एसएसपी मथुरा ने बताया कि मामले की शुरुआत साध्वी की गुमशुदगी से हुई थी। सीओ सिटी आशना चौधरी ने मात्र 20 दिन में मामले का खुलासा कर यह साबित कर दिया कि लालच और कर्ज की खातिर इस जघन्य हत्या को अंजाम दिया गया।

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