
राजस्थान के बीकानेर में खेजड़ी वृक्षों की रक्षा को लेकर जारी आंदोलन अब तेजी पकड़ता जा रहा है। नागौर सांसद और आरएलपी प्रमुख हनुमान बेनीवाल ने प्रदेश सरकार को चेतावनी दी है कि अगर समय रहते कदम नहीं उठाए गए, तो वे स्वयं बीकानेर पहुंचकर इस मुद्दे को हल करेंगे।
बेनीवाल ने आंदोलन में शामिल साधु-संतों और परसाराम बिश्नोई सहित अन्य प्रदर्शनकारियों की बिगड़ती तबीयत पर चिंता जताई। उन्होंने कहा, “जो लोग प्रकृति और खेजड़ी जैसे जीवनदायी वृक्षों की रक्षा के लिए आवाज उठा रहे हैं, उनकी सेहत और सुरक्षा हमारी जिम्मेदारी है।”
सांसद बेनीवाल ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से विधानसभा सत्र के दौरान ‘ट्री प्रोटेक्शन एक्ट’ लाने की मांग की और सरकार पर हठधर्मिता का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि प्रशासन के रवैये के कारण हजारों लोग कड़ाके की ठंड में आंदोलन में शामिल होने को मजबूर हैं।
बेनीवाल ने खेजड़ी के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा, “खेजड़ी केवल एक पेड़ नहीं है, बल्कि मरुस्थल की पर्यावरणीय आधारशिला और पारिस्थितिक तंत्र की जीवनरेखा है। यह पशु-पक्षियों का आश्रय और किसानों की आजीविका का स्तंभ भी है।”
विशेषज्ञों और राजनीतिक हलकों का मानना है कि बेनीवाल का यह कड़ा रुख बीकानेर में चल रहे आंदोलन को राजस्थान की राजनीति में प्रमुख मुद्दा बना सकता है।