Thursday, May 21

This slideshow requires JavaScript.

जबलपुर: स्पेशल आर्म्ड फोर्स में 3 करोड़ रुपये का घोटाला, मृत आरक्षक पर FIR, मास्टरमाइंड फरार

मध्यप्रदेश के जबलपुर में स्पेशल आर्म्ड फोर्स (SAF) की छठवीं बटालियन में 3 करोड़ रुपये से अधिक का घोटाला सामने आया है। जांच में पता चला है कि यह घोटाला 2018 से चल रहा था और इसमें पदस्थ जवानों और कर्मचारियों ने फर्जी ट्रैवल अलाउंस बिलों के जरिए अपनी सैलरी से 200 गुना तक अधिक भत्ता हासिल किया।

This slideshow requires JavaScript.

कुल 15 लोगों के खिलाफ शिकायत:
इस मामले में एक ASI, कई आरक्षक और एक मृत कॉन्स्टेबल सहित कुल 15 लोगों के खिलाफ रांझी थाने में शिकायत दर्ज कराई गई है। आंतरिक ऑडिट के दौरान पूरे घोटाले का खुलासा हुआ।

सुसाइड से सामने आया सच:
घोटाले में नाम आने के बाद कॉन्स्टेबल अभिषेक ने आत्महत्या कर ली थी। अभिषेक और LDC क्लर्क सत्यम शर्मा को इस धोखाधड़ी का मास्टरमाइंड माना जा रहा है। जांच शुरू होने के बाद से सत्यम शर्मा फरार है।

सिस्टमैटिक ऑपरेशन और डॉक्यूमेंट हेरफेर:
जांच में पता चला कि यह घोटाला कोई एक बार की गलती नहीं, बल्कि 2018-19 से चल रहा एक सिस्टमैटिक ऑपरेशन था। फर्जी TA बिलों में दिखाया गया कि कांस्टेबल जिले के बाहर ड्यूटी पर हैं, जबकि वे असल में जबलपुर में ही मौजूद थे।

आरोप है कि वेरिफिकेशन के दौरान ऑफिशियल पोर्टल पर ब्लैक एंड व्हाइट तस्वीरें अपलोड कर डॉक्यूमेंट्स में हेरफेर किया गया। पेमेंट के लिए OTP भी अंदर से एक्सेस किए गए।

भारी रकम की धोखाधड़ी:

  • अभिषेक झारिया को अकेले 582 TA बिलों के ज़रिए लगभग 55 लाख रुपये मिले, जबकि सात सालों में उनकी कुल सैलरी और बकाया सिर्फ 26 लाख रुपये था।

  • नितेश कुमार पटेल को 30.51 लाख रुपये TA पेमेंट के तौर पर मिले।

  • सत्यम शर्मा को पूरे घोटाले में लगभग 50 प्रतिशत कमीशन मिलने का दावा किया जा रहा है।

जांच और कार्रवाई:
SAF कमांडेंट सिद्धार्थ चौधरी ने इस घोटाले की जांच के लिए कमेटी का गठन किया है। अब तक 20 से अधिक कर्मचारियों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं और 20 से ज्यादा बैंक खाते फ्रीज किए गए हैं।

Leave a Reply