Monday, May 25

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दिल्लीवासियों के लिए खुशखबरी — 55 किलोमीटर लंबा रिंग रोड कॉरिडोर बनेगा ‘स्मार्ट’, छह चरणों में होगा पुनर्विकास

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नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली की सड़कों को जाम मुक्त और तकनीकी रूप से आधुनिक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। महात्मा गांधी रिंग रोड अब नई और स्मार्ट शक्ल लेने जा रही है। लोक निर्माण विभाग (PWD) ने इस 55 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर के पुनर्विकास प्रोजेक्ट की औपचारिक शुरुआत कर दी है।

प्रोजेक्ट की डीपीआर (विस्तृत परियोजना रिपोर्ट) तैयार करने की जिम्मेदारी एईकॉम इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (AECOM India Pvt. Ltd.) को सौंपी गई है। पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने कहा, “हम सिर्फ सड़कों की मरम्मत नहीं कर रहे, बल्कि एक स्मार्ट और सुरक्षित राजधानी बना रहे हैं।”

छह चरणों में होगा रिंग रोड का पुनर्विकास

महात्मा गांधी रिंग रोड का पुनर्विकास 6 चरणों में पूरा किया जाएगा, जिसमें दिल्ली के उत्तर, दक्षिण और मध्य हिस्सों को जोड़ने वाले प्रमुख मार्ग शामिल होंगे।

  • प्रोजेक्ट के तहत आज़ादपुर फ्लाईओवर से लेकर पैसिफिक मॉल, पीतमपुरा तक के हिस्से में बड़े स्तर पर सुधार किए जाएंगे।
  • इसमें डीएनडी फ्लाईओवर, मोती बाग, राजौरी गार्डन और आईएसबीटी जैसे प्रमुख और भीड़भाड़ वाले क्षेत्र शामिल हैं।

हर चौराहा बनेगा स्मार्ट और सिटिजन-फ्रेंडली

मंत्री प्रवेश सिंह ने बताया कि सरकार केवल सड़कें चौड़ी नहीं कर रही, बल्कि उन्हें स्मार्ट, ग्रीन और डेटा-आधारित परिवहन प्रणाली में बदलने की दिशा में काम कर रही है।

  • सड़क किनारे हर चौराहा स्मार्ट सिग्नलिंग सिस्टम से लैस होगा।
  • जाम की स्थिति में वैकल्पिक मार्गों की जानकारी रीयल-टाइम में मिलेगी।
  • वाहन प्रदूषण और धूल कम करने के लिए ग्रीन बफर ज़ोन तैयार किए जाएंगे।

दिल्ली की यातायात व्यवस्था को मिलेगी नई दिशा

कॉरिडोर प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद दिल्ली में यात्रा का समय घटेगा, ट्रैफिक जाम से राहत मिलेगी और एयर क्वॉलिटी में सुधार देखने को मिलेगा। विशेषज्ञों का कहना है कि यह प्रोजेक्ट दिल्ली के परिवहन नेटवर्क को नए स्तर पर ले जाएगा।

एईकॉम करेगी सर्वे, एनवायरनमेंटल और ट्रैफिक एनालिसिस

प्रोजेक्ट के तहत एईकॉम अगले 24 सप्ताह (करीब 6 महीने) में डीपीआर तैयार करेगी। इसके तीन चरण होंगे—

पहले 6 हफ्तों में — सर्वे, मैपिंग और फील्ड स्टडी।
अगले 6 हफ्तों में — पर्यावरण विभाग से मंजूरी और जियोटेक्निकल जांच।
अंतिम 12 हफ्तों में — ट्रैफिक मॉडलिंग, डिजाइनिंग और डीपीआर की फाइनल रिपोर्ट।

“दिल्ली की सड़कों को आधुनिकता से जोड़ने का संकल्प”

मंत्री प्रवेश सिंह ने कहा —

“महात्मा गांधी रिंग रोड का पुनर्विकास सिर्फ इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं, बल्कि एक स्मार्ट दिल्ली की दिशा में बड़ा कदम है। हम ऐसा सिस्टम बना रहे हैं जो ट्रैफिक के साथ नागरिकों की सुरक्षा और पर्यावरण संतुलन दोनों को प्राथमिकता देगा।”

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