Saturday, January 31

यूपी के गांवों में संपत्ति का सपना साकार एक करोड़ से अधिक घरौनियों का वितरण, ग्रामीण गरीबों को मिला कानूनी अधिकार

लखनऊ, ब्यूरो।
उत्तर प्रदेश के गांवों में रहने वाले गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए योगी सरकार की पहल अब जमीन पर साफ नजर आने लगी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में केंद्र सरकार की स्वामित्व योजना को प्रभावी ढंग से लागू करते हुए प्रदेश में अब तक एक करोड़ से अधिक घरौनियों का वितरण किया जा चुका है। यह उपलब्धि ग्रामीण संपत्ति अधिकारों के क्षेत्र में प्रदेश के लिए एक ऐतिहासिक मील का पत्थर मानी जा रही है।

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सरकार की इस पहल से गांवों की आबादी भूमि में निवास करने वाले परिवारों को पहली बार अपने मकान और भूमि पर कानूनी स्वामित्व का प्रमाण मिला है। इससे न केवल दशकों पुराने भूमि विवादों के समाधान की राह खुली है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई मजबूती मिली है।

72 हजार से अधिक गांवों में जारी हुए डिजिटल स्वामित्व प्रमाण

स्वामित्व योजना के तहत प्रदेश के 72,961 ग्रामों में प्रपत्र-10 (डिजिटाइज्ड) जारी किए जा चुके हैं, जो सर्वे योग्य गांवों का करीब 80.59 प्रतिशत है। इन दस्तावेजों के माध्यम से ग्रामीण परिवारों को उनकी संपत्ति का स्पष्ट और वैध रिकॉर्ड प्राप्त हुआ है, जिसे अब बैंक ऋण, सरकारी योजनाओं और अन्य वित्तीय सुविधाओं के लिए मान्य दस्तावेज के रूप में स्वीकार किया जा रहा है।

घरौनी बनी आर्थिक सुरक्षा की ढाल

राजस्व विभाग के अनुसार सहमति के आधार पर अब तक 1,14,43,688 घरौनियां तैयार की जा चुकी हैं, जिनमें से 1,01,31,232 घरौनियों का वितरण ग्रामीण परिवारों को किया जा चुका है। घरौनी अब केवल स्वामित्व प्रमाण नहीं रही, बल्कि यह ग्रामीण परिवारों के लिए आर्थिक सुरक्षा का मजबूत आधार बन गई है। इसके जरिए लोग औपचारिक बैंकिंग व्यवस्था से जुड़ रहे हैं और स्वरोजगार व छोटे व्यवसायों के लिए ऋण प्राप्त कर पा रहे हैं।

भूमि विवादों में आई उल्लेखनीय कमी

स्पष्ट रिकॉर्ड और डिजिटल दस्तावेजों के चलते गांवों में भूमि और मकान से जुड़े विवादों में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है। फर्जी दावों और अवैध कब्जों पर प्रभावी रोक लगी है, जिससे ग्रामीण स्तर पर सामाजिक शांति और विश्वास बढ़ा है। इसके साथ ही अदालतों में लंबित मामलों का बोझ भी कम होने की उम्मीद जताई जा रही है।

ड्रोन तकनीक से हो रहा सटीक सर्वे

स्वामित्व योजना के अंतर्गत प्रदेश के 1,10,344 अधिसूचित ग्रामों में से 90,530 ग्रामों में ड्रोन तकनीक के जरिए सर्वे कराना तकनीकी रूप से संभव है। आधुनिक तकनीक से तैयार हो रहे डिजिटल रिकॉर्ड ग्रामीण भूमि प्रबंधन को अधिक पारदर्शी और मजबूत बना रहे हैं।

वितरण प्रक्रिया जारी, लाखों को मिलेगा लाभ

सरकार ने स्पष्ट किया है कि घरौनियों के वितरण की प्रक्रिया लगातार जारी रहेगी। 18 जनवरी 2025 के बाद 13,12,456 नई घरौनियां तैयार की जा चुकी हैं, जिनका वितरण चरणबद्ध तरीके से किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी पात्र ग्रामीण परिवार इस योजना से वंचित न रहे।

 

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