Friday, January 30

दिल्ली-चंडीगढ़ हाईवे पर एक साल में 4 लाख से अधिक चालान, सबसे ज्यादा ओवर-स्पीडिंग के

चंडीगढ़।
हरियाणा में यातायात नियमों के सख्त प्रवर्तन और तकनीक आधारित निगरानी के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर सीसीटीवी और एएनपीआर कैमरों के माध्यम से 2025 में कुल चार लाख 84 हजार 617 ऑनलाइन चालान जारी किए गए।

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हरियाणा पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल ने गुरुवार को बताया कि इस दौरान सबसे अधिक चालान ओवर-स्पीडिंग के लिए किए गए, जिनकी संख्या छह लाख 64 हजार 54 रही। इसके अतिरिक्त वाहन चलाते समय मोबाइल फोन के उपयोग पर 12 हजार 126 चालान किए गए, जबकि वर्ष 2024 में यह संख्या केवल 6733 थी।

महानिदेशक ने बताया कि परियोजना के प्रारंभिक चरण में फरवरी और मार्च 2025 में लगभग 50,000 ऑनलाइन चालान हर महीने किए गए। तकनीक आधारित निगरानी और व्यापक जन-जागरूकता अभियान के चलते यह संख्या अब औसतन 30,000 चालान प्रति माह रह गई है। हर महीने लगभग 20,000 चालानों की कमी इस बात का संकेत है कि आमजन अब यातायात नियमों को गंभीरता से पालन कर रहे हैं।

कानून-व्यवस्था को भी मजबूती मिली
हरियाणा पुलिस के अनुसार एएनपीआर और सीसीटीवी नेटवर्क की मदद से सिर्फ यातायात उल्लंघनों की ही नहीं, बल्कि अपराध नियंत्रण में भी ठोस परिणाम सामने आए हैं। एनएच-44 और आसपास के क्षेत्रों में संदिग्ध वाहनों की पहचान कर त्वरित कार्रवाई संभव हुई, जिससे चोरी, डकैती और झपटमारी जैसे 38 मामलों का सफल खुलासा किया गया।

पुलिस का कहना है कि तकनीक आधारित निगरानी, डेटा विश्लेषण और फील्ड पुलिसिंग के बेहतर समन्वय से न केवल सड़क सुरक्षा में सुधार हुआ है, बल्कि कानून-व्यवस्था भी मजबूत हुई है।

 

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