
राज्यसभा में गुरुवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद बृजलाल ने एकल-उपयोग प्लास्टिक से बने उन उत्पादों का मुद्दा उठाया, जिन पर देवी-देवताओं के चित्र और पवित्र श्लोक छपे होते हैं। उन्होंने इसे न केवल धार्मिक भावनाओं का अपमान बताया, बल्कि पर्यावरण के लिए भी गंभीर खतरा करार दिया।
शून्यकाल के दौरान यह मुद्दा उठाते हुए बृजलाल ने कहा कि बाजार में बड़ी संख्या में ऐसे एकल-उपयोग वाले प्लास्टिक उत्पाद उपलब्ध हैं, जिन पर देवी-देवताओं की तस्वीरें और धार्मिक प्रतीक अंकित रहते हैं। उपयोग के बाद ये उत्पाद अक्सर नालियों और कूड़े में फेंक दिए जाते हैं, जिससे पवित्र प्रतीकों का अपमान होता है।
पर्यावरण और स्वास्थ्य पर भी असर
भाजपा सांसद ने कहा कि ऐसे प्लास्टिक उत्पादों से न केवल धार्मिक भावनाएं आहत होती हैं, बल्कि पर्यावरण को भी भारी नुकसान पहुंचता है। उन्होंने बताया कि इससे जलजनित बीमारियों का खतरा बढ़ता है और जलीय जीवों को भी नुकसान होता है। उन्होंने सरकार से ऐसे उत्पादों और उनसे जुड़े विज्ञापनों पर प्रतिबंध लगाने की मांग की।
अन्य मुद्दे भी उठे
शून्यकाल के दौरान वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के सदस्य गोला बाबूराव ने खुदरा किराना दुकानदारों की समस्याओं का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन बिक्री के बढ़ते चलन से छोटे किराना दुकानदारों पर गंभीर असर पड़ा है और हर साल हजारों दुकानें बंद हो रही हैं।
इसके अलावा भाजपा सदस्य के. लक्ष्मण ने टीवी चैनलों पर प्रसारित होने वाले आपत्तिजनक विज्ञापनों का मुद्दा उठाया। भाकपा के संदोष कुमार पी., भाजपा की माया नारोलिया, एस. सेल्वागनबेथी, बीजद के निरंजन बिशी और आम आदमी पार्टी के राजेंद्र गुप्ता सहित अन्य सदस्यों ने भी लोक महत्व के विभिन्न विषयों पर सदन का ध्यान आकर्षित किया।