
पुणे, 29 जनवरी 2026: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन के बाद राज्य सरकार के सामने राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों स्तर पर बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। खासकर ऐसे समय में जब बजट सत्र 23 फरवरी से शुरू होने वाला है, वित्त विभाग की जिम्मेदारी सरकार के लिए संभालना आसान नहीं माना जा रहा।
सूत्रों के अनुसार, परंपरा के अनुसार उपमुख्यमंत्री के अधीन रहे विभागों की जिम्मेदारी फिलहाल मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के पास चली गई है। तीन दिन के राजकीय शोक के बाद इस संबंध में औपचारिक अधिसूचना जारी की जाएगी।
बजट सत्र और वित्तीय जिम्मेदारी
राज्य का बजट सत्र 23 फरवरी से शुरू होगा और बजट मार्च के पहले सप्ताह में पेश किया जाएगा। वित्त राज्य मंत्री आशीष जायसवाल ने कहा कि अजित पवार की जगह भरना फिलहाल संभव नहीं है। वर्तमान परिस्थितियों में मुख्यमंत्री फडणवीस ही बजट की जिम्मेदारी संभाल सकते हैं।
जायसवाल ने बताया कि एनसीपी के पास वित्त और कृषि जैसे महत्वपूर्ण विभाग थे और बजट पेश करने से पहले महायुति के घटक दलों के बीच विचार-विमर्श जरूरी होगा। जिला परिषद चुनावों के बाद 6 फरवरी से बजट को लेकर बैठकों का सिलसिला शुरू होना था, लेकिन परिस्थितियों के चलते इसमें देरी हुई।
अजित पवार का प्रशासनिक योगदान
आशीष जायसवाल ने अजित पवार की कार्यशैली की तारीफ करते हुए कहा कि वे अनुशासनप्रिय और समय के पाबंद थे। बैठकें समय पर शुरू होतीं और निर्णय स्पष्ट होते थे। उनकी यही विशेषता उन्हें महाराष्ट्र के सबसे सक्षम वित्त मंत्रियों में से एक बनाती थी।
12वां बजट पेश करने वाले थे अजित पवार
अजित पवार इस वर्ष अपना 12वां राज्य बजट पेश करने वाले थे। यदि ऐसा होता, तो वे महाराष्ट्र में सबसे अधिक बजट पेश करने वाले दूसरे वित्त मंत्री बन जाते। वर्तमान में रिकॉर्ड शेषराव वानखेड़े के नाम 13 बजट दर्ज हैं। अजित पवार 11 बजटों के साथ पहले ही दूसरे स्थान पर थे।
अजित पवार की अचानक मृत्यु ने वित्तीय और प्रशासनिक कार्यों में गंभीर रिक्तता पैदा कर दी है, और आगामी बजट सत्र में सरकार के सामने नई चुनौतियां खड़ी होंगी।