
गुलाब के पौधों को फूलों से लदते हुए देखना हर गार्डनिंग शौकीन का सपना होता है। लेकिन अक्सर लोग शिकायत करते हैं कि उनके गमलों में कलियां नहीं आतीं या पौधा धीरे-धीरे सूखने लगता है। गार्डनिंग एक्सपर्ट संजय बिष्ट ने इस चुनौती का समाधान साझा किया है। उनका कहना है कि गुलाब के सुंदर फूलों के लिए सबसे जरूरी है सही मिट्टी, नियमित पोषण और देखभाल।
मिट्टी तैयार करने का सही तरीका
संजय बिष्ट के अनुसार, हेल्दी गुलाब के लिए मिट्टी का मिश्रण इस प्रकार होना चाहिए:
40% बगीचे की सामान्य मिट्टी
30% गोबर की खाद या वर्मीकंपोस्ट
20% राइस हस्क (धान की भूसी)
10% नीम खली
राइस हस्क मिट्टी को हल्का और हवादार बनाता है, जिससे जड़ें तेजी से बढ़ती हैं और पानी जमा नहीं होता। नीम खली जड़ों को फंगस और कीड़ों से बचाती है, जबकि पोटाश फूलों के आकार और रंग को निखारता है और पौधों की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है।
नियमित पोषण और खाद
गुलाब एक हैवी फीडर पौधा है, जिसे लगातार पोषण की आवश्यकता होती है। महीने में कम से कम एक बार अच्छी गुणवत्ता वाली खाद डालें। खाद डालने से पहले मिट्टी को हल्का हल चलाकर गुड़ाई करें, ताकि पोषण जड़ों तक आसानी से पहुंचे।
कीट नियंत्रण के लिए नीम ऑयल
गुलाब के पौधों पर अक्सर एफिड्स और स्पाइडर माइट्स का हमला होता है। इनसे बचाव के लिए नीम ऑयल का स्प्रे करें। कुछ बूंदें नीम ऑयल को पानी में मिलाकर हर 15 दिन में पौधे पर स्प्रे करें। यह प्राकृतिक तरीका पौधे को सुरक्षित रखता है और पत्तियों में चमक लाता है।
कटाई और छंटाई (प्रूनिंग)
गुलाब में अधिक फूल पाने का सबसे बड़ा राज प्रूनिंग है। जैसे ही फूल सूखने लगें, उन्हें तुरंत काट दें (डे़डहेडिंग)। साथ ही समय-समय पर खराब टहनियों की कटाई करें। इससे नई शाखाएं निकलती हैं और जितनी अधिक नई शाखाएं होंगी, उतने ही ज्यादा फूल आएंगे।
धूप और पानी का संतुलन
गुलाब को कम से कम 5-6 घंटे की सीधी धूप की जरूरत होती है। इसे ऐसी जगह रखें जहां सुबह की ताजी धूप मिले। पानी देते समय ध्यान रखें कि मिट्टी में नमी बनी रहे, लेकिन कीचड़ न हो। गर्मियों में सुबह और शाम दोनों समय, जबकि सर्दियों में मिट्टी सूखने पर ही पानी दें।
संजय बिष्ट का यह सुझाव अपनाकर आप अपने गमले में गुलाब के पौधों को खूबसूरत और फूलों से लदा हुआ रख सकते हैं।