
भारत में चाय बनाना एक कला माना जाता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि 100 में से 90 लोगों को चाय बनाने का सही तरीका नहीं पता होता? इसी वजह से घर की चाय में वह ढाबे या कैफे जैसा स्वाद नहीं आता। सोशल मीडिया पर रेसिपी शेयर करने वाले रोहन ने इस समस्या का समाधान साझा किया है।
अदरक और पानी का सही तालमेल
चाय हमेशा पानी उबालने से शुरू करें। रोहन के अनुसार, अदरक का कड़क और असली फ्लेवर गर्म पानी में सबसे अच्छी तरह निकलता है। अदरक को तब डालें जब पानी उबलना शुरू हो जाए, ताकि उसका अर्क पूरी तरह पानी में घुल जाए।
इलायची डालने में न करें यह गलती
अक्सर लोग पानी में अदरक डालते ही इलायची भी डाल देते हैं, जो स्वाद को कम कर देती है। इलायची का नाजुक फ्लेवर लंबे समय तक उबालने से उड़ जाता है।
इलायची का सही समय
रोहन के अनुसार, इलायची हमेशा आखिरी में डालें। चाय लगभग तैयार होने पर, गैस बंद करने से 2 मिनट पहले कुटी हुई इलायची डालें। यह छोटा बदलाव आपकी चाय को खुशबूदार बना देता है।
मिल्क फैट और फ्लेवर का विज्ञान
इलायची का असली जादू दूध के साथ खुलता है। दूध का फैट इलायची के स्वाद को सोख लेता है, जिससे चाय का फ्लेवर कई गुना बढ़ जाता है।
चायपत्ती और उबाल का कंट्रोल
अदरक के अच्छे से उबल जाने के बाद ही चायपत्ती डालें। चायपत्ती को ज्यादा देर तक उबालने से चाय कड़वी हो जाती है। दूध डालने से पहले पानी का रंग गहरा हो जाए, और इलायची हमेशा दूध डालने के बाद ही डालें।
स्टेप्स का असर
चाय बनाना एक कला है, और मसालों को डालने का क्रम चाय का स्वाद पूरी तरह बदल देता है। सिर्फ अदरक और इलायची डालने के समय में छोटा सा बदलाव साधारण चाय और परफेक्ट चाय के बीच का अंतर दिखा सकता है।
रोहन की यह तरकीब उन लोगों के लिए वरदान है जो चाय के असली शौकीन हैं और हर घूंट में स्वाद का आनंद लेना चाहते हैं।