Tuesday, January 27

“भगवा पर सवाल नहीं, हरे रंग पर क्यों?” वारिस पठान के बयान का मौलाना साजिद रशीदी ने किया समर्थन

 

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नई दिल्ली: ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी ने एआईएमआईएम नेता वारिस पठान के मुंबई और देश को ‘हरे रंग’ में बदलने वाले बयान का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि पार्टी विस्तार में कोई बुराई नहीं है और हरे रंग को इस्लाम से जोड़कर बदनाम करने की कोशिश की जा रही है।

 

रशीदी ने सवाल उठाया कि जिन लोगों ने ‘राम को लाने’ और भगवा फहराने की बात कही, उन पर कोई कार्रवाई नहीं होती, जबकि हरे रंग के बयान पर विवाद खड़ा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसी भी दल का यह अधिकार है कि वह अपनी पार्टी का विस्तार करे।

 

यूजीसी के नए नियमों पर भी मौलाना ने चिंता जताई। उनका कहना है कि इससे बेगुनाह नौजवान फंस सकते हैं और सरकार को कानून बनाते समय ऐसे हाथों में यह अधिकार देना चाहिए जो सही और न्यायसंगत निर्णय लें।

 

शंकराचार्य से जुड़े विवाद पर रशीदी ने कहा कि किसी अधिकारी का इस्तीफा देना गलत है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि देश विकास और तरक्की की राह पर है, और नफरत फैलाने वाली घटनाओं को नजरअंदाज कर इसे सकारात्मक दिशा में देखा जाना चाहिए।

 

मौलाना ने कांग्रेस पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मुसलमान आजाद हैं और अपनी पसंद के अनुसार वोट दे सकते हैं। कांग्रेस अब मुसलमानों की आवाज को सड़कों पर नहीं उठाती, जबकि कई मुसलमान भाजपा और अन्य पार्टियों को वोट दे रहे हैं। उनके अनुसार, अगर कांग्रेस सच में वोट चाहती है तो उसे मुसलमानों के लिए सक्रिय होकर संघर्ष करना होगा।

 

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