
भोपाल: राजधानी भोपाल के खामखेड़ा गांव में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत बनी सड़क भ्रष्टाचार और लापरवाही की कहानी बयां कर रही है। सड़क के बीचों-बीच करीब 5 फीट चौड़ा और 7 फीट गहरा गड्ढा पिछले चार महीनों से पड़ा हुआ है। बारिश के मौसम में धंसी यह पुलिया अब राहगीरों और वाहनों के लिए जानलेवा खतरा बन गई है। टूट-फूट का भय: स्थानीय लोगों के अनुसार, यह सड़क तीन-चार महीने पहले बारिश के दौरान क्षतिग्रस्त हुई थी। इस दो किलोमीटर लंबी सड़क के बीच बना यह गड्ढा दोपहिया वाहनों के लिए खतरनाक है। चारपहिया वाहन भी इसमें फंस सकते हैं या संतुलन खोकर पलट सकते हैं। एक्सीडेंट की आशंका: गांव के जिला पंचायत उपाध्यक्ष मोहन सिंह जाट ने सड़क का निरीक्षण करते हुए वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट किया। वीडियो में दिखाया गया कि एक व्यक्ति मोटरसाइकिल से गड्ढे में गिरने से बाल-बाल बचा। लोग इस सड़क पर लगातार होने वाले हादसों को लेकर चिंतित हैं और इसे नोएडा में हुई हालिया घटना के समान खतरनाक बता रहे हैं, जिसमें गड्ढे में गिरी कार दुर्घटना का कारण बनी थी। शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं: गांव के लोग लगातार अधिकारियों से शिकायत कर रहे हैं, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। मोहन सिंह जाट ने जिला पंचायत की आम सभा में भी इस मुद्दे को उठाया और जल्द सुधार का वादा लिया गया। सांसद ने लिया संज्ञान: भोपाल के लोकसभा सांसद आलोक शर्मा ने मीडिया के माध्यम से इस मामले की जानकारी मिलने के बाद खुद निरीक्षण का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि वे PMGSY योजना की देखरेख करने वाले अधिकारियों के साथ सड़क का दौरा करेंगे और आवश्यक कदम उठाएंगे। PWD भोपाल जोन के मुख्य अभियंता संजय मुश्के से संपर्क नहीं हो सका, क्योंकि उनका मोबाइल फोन खराब था। स्थानीय लोगों की चिंता: गांव वाले डरते हैं कि अगर जल्द सुधार नहीं हुआ तो कोई बड़ा हादसा हो सकता है। उनका कहना है कि चार महीनों से बनी यह टूटी सड़क दिन-प्रतिदिन खतरे को बढ़ा रही है और राहगीरों तथा वाहन चालकों की जान जोखिम में डाल रही है