
रायपुर।
न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में ईशान किशन ने तूफानी बल्लेबाज़ी कर क्रिकेट प्रेमियों का दिल जीत लिया, लेकिन हैरानी की बात यह है कि इस शानदार प्रदर्शन के बावजूद उनकी भारतीय टीम की प्लेइंग इलेवन में जगह अभी भी पूरी तरह सुरक्षित नहीं मानी जा रही है।
रायपुर में खेले गए इस मुकाबले में ईशान किशन ने महज़ 32 गेंदों में 76 रन की विस्फोटक पारी खेली। उनकी इस पारी में 11 चौके और 4 छक्के शामिल रहे। ईशान ने केवल 21 गेंदों में अर्धशतक पूरा कर अभिषेक शर्मा का रिकॉर्ड भी तोड़ दिया, जिन्होंने पहले टी20 में 22 गेंदों में फिफ्टी लगाई थी।
फॉर्म में होने के बावजूद क्यों खतरे में है ईशान की जगह?
भले ही ईशान किशन इस समय बेहतरीन लय में हों, लेकिन टीम मैनेजमेंट की रणनीति उनके लिए मुश्किलें खड़ी कर सकती है। दरअसल, तिलक वर्मा की संभावित वापसी ईशान के लिए सबसे बड़ा खतरा मानी जा रही है।
तिलक वर्मा भारतीय टीम में नंबर 3-4 पर रेगुलर बल्लेबाज हैं और उन्होंने हाल के वर्षों में कई अहम मुकाबलों में टीम को जीत दिलाई है। यदि तिलक चौथे टी20 तक फिट होकर लौटते हैं, तो चयनकर्ताओं का भरोसा उन्हीं पर जाना लगभग तय माना जा रहा है। ऐसी स्थिति में ईशान किशन को एक बार फिर बेंच पर बैठना पड़ सकता है।
चोट के कारण बाहर हैं तिलक वर्मा
तिलक वर्मा को टेस्टिकुलर टॉर्शन की गंभीर समस्या के कारण सर्जरी करानी पड़ी थी, जिसकी वजह से वे न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच मैचों की टी20 सीरीज के शुरुआती तीन मुकाबलों से बाहर रहे। फिलहाल वे बेंगलुरु स्थित बीसीसीआई के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में रिहैब से गुजर रहे हैं।
तिलक ने सोशल मीडिया के जरिए संकेत दिए हैं कि वे जल्द ही मैदान पर वापसी के लिए पूरी तरह तैयार होंगे।
टी20 में तिलक वर्मा का शानदार रिकॉर्ड
तिलक वर्मा का टी20 अंतरराष्ट्रीय करियर बेहद प्रभावशाली रहा है।
उन्होंने अब तक 40 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 1183 रन बनाए हैं, जिसमें 2 शतक और 6 अर्धशतक शामिल हैं। उनका स्ट्राइक रेट 144 का है, जबकि औसत लगभग 50 के आसपास है—जो उन्हें मौजूदा दौर के सबसे भरोसेमंद टी20 बल्लेबाजों में शामिल करता है।
चयनकर्ताओं के सामने कठिन फैसला
अब चयनकर्ताओं के सामने सबसे बड़ी चुनौती यही है कि शानदार फॉर्म में चल रहे ईशान किशन को मौका दिया जाए या फिट होकर लौट रहे तिलक वर्मा को उनकी नियमित जगह वापस सौंपी जाए। यह फैसला आने वाले मुकाबलों में भारतीय टीम की बल्लेबाज़ी की दिशा तय कर सकता है।