
नई दिल्ली: दिल्ली हाई कोर्ट ने एयरफोर्स के एक रिटायर्ड अधिकारी की विकलांगता पेंशन से जुड़ी याचिका पर सुनवाई करते हुए महत्वपूर्ण टिप्पणी की है। न्यायमूर्ति वी. कामेश्वर राव और न्यायमूर्ति मनमीत पीएस अरोड़ा की पीठ ने कहा कि हाई ब्लड प्रेशर को केवल जीवनशैली से संबंधित स्वास्थ्य समस्या बताना पेंशन देने से इनकार करने का पर्याप्त कारण नहीं हो सकता।
पीठ ने सशस्त्र बल न्यायाधिकरण के आदेश को बरकरार रखते हुए केंद्र की याचिका खारिज कर दी, जिसमें एयरफोर्स अधिकारी को विकलांगता पेंशन देने के आदेश को चुनौती दी गई थी। कोर्ट ने कहा, “हर व्यक्ति की जीवनशैली अलग होती है। केवल यह कहना कि बीमारी जीवनशैली से संबंधित है, विकलांगता पेंशन देने से इनकार करने के लिए पर्याप्त नहीं है, जब तक कि चिकित्सा बोर्ड ने व्यक्ति की विधिवत जांच और संबंधित जानकारी दर्ज न की हो।”
केंद्र सरकार की दलील:
अधिकारी अक्टूबर 1981 में भारतीय वायुसेना में शामिल हुए थे और मार्च 2019 में 37 साल, पांच महीने और चार दिन सेवा पूरी करने के बाद सेवानिवृत्त हुए। केंद्र सरकार ने विकलांगता पेंशन देने का विरोध करते हुए कहा कि हाई ब्लड प्रेशर शांतिपूर्ण क्षेत्र में तैनाती के दौरान उत्पन्न हुआ और यह सैन्य सेवा से संबंधित नहीं था। चिकित्सा बोर्ड की रिपोर्ट में इसे “अज्ञात कारण/जीवनशैली से संबंधित विकार” बताया गया था।
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि चिकित्सा बोर्ड की उचित जांच और निष्कर्ष के बिना पेंशन देने से इनकार नहीं किया जा सकता। इस तरह, अधिकारी को हाई ब्लड प्रेशर के आधार पर विकलांगता पेंशन का अधिकार प्राप्त रहेगा।