Thursday, January 22

तेल से आगे बढ़ा रूस, भारत को रिकॉर्ड मात्रा में सोना बेचा यूक्रेन जंग पर ट्रंप की रणनीति को लगा झटका

 

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मॉस्को: यूक्रेन युद्ध को लेकर अमेरिका और पश्चिमी देशों के कड़े प्रतिबंधों के बावजूद रूस ने भारत के साथ अपना व्यापारिक रिश्ता बनाए रखा है। अब रूस ने ऊर्जा निर्यात पर बढ़ते दबाव के बीच एक नया रास्ता अपनाया है। तेल की जगह सोने के जरिए भारत के साथ लेनदेन कर रूस ने अमेरिकी प्रतिबंधों की काट खोज ली है।

 

रूस की सरकारी समाचार एजेंसी RIA नोवोस्ती के अनुसार, वर्ष 2025 के पहले दस महीनों में रूस ने भारत को 5 करोड़ डॉलर से अधिक मूल्य का सोना निर्यात किया है। यह आंकड़ा हाल के वर्षों में भारत को किया गया रूस का सबसे बड़ा गोल्ड एक्सपोर्ट माना जा रहा है। यह जानकारी भारत के वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के आंकड़ों के हवाले से दी गई है।

 

रिपोर्ट के मुताबिक, अगस्त 2025 में रूस ने भारत को 2.34 करोड़ डॉलर मूल्य का सोना भेजा, जो 2021 के बाद सबसे बड़ा एकल शिपमेंट था। इसके बाद अक्टूबर में 2.69 करोड़ डॉलर का सोना और निर्यात किया गया।

 

रूसी तेल पर भारत को झेलना पड़ा अमेरिकी टैरिफ

 

गौरतलब है कि अगस्त 2025 में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत द्वारा रूसी तेल खरीदने पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ लगा दिया था। इसके बाद भारत पर कुल अमेरिकी टैरिफ बढ़कर 50 प्रतिशत तक पहुंच गया, जो दुनिया में सबसे ऊंचे टैरिफ में से एक है। अमेरिका का तर्क है कि रूसी तेल की खरीद से मॉस्को को यूक्रेन युद्ध के लिए वित्तीय मदद मिलती है।

 

हालांकि, रिपोर्टों के अनुसार टैरिफ के बाद भारत ने रूसी तेल की खरीद में कुछ कमी जरूर की है, लेकिन रूस ने इसके बदले सोने के जरिए व्यापार को बढ़ावा देकर अपनी स्थिति मजबूत बनाए रखी है।

 

रूस बेच रहा गोल्ड और विदेशी मुद्रा भंडार

 

इसी बीच रूसी मीडिया में आई खबरों के मुताबिक, रूस अपने नेशनल वेल्थ फंड (NWF) से विदेशी मुद्रा और सोने की बिक्री तेज करने जा रहा है। रूसी वित्त मंत्रालय ने 16 जनवरी से 5 फरवरी के बीच रोजाना 16.5 करोड़ डॉलर मूल्य के चीनी युआन और सोने की बिक्री की योजना बनाई है। कुल मिलाकर यह बिक्री 2.48 अरब डॉलर तक पहुंच सकती है।

 

रिपोर्टों में यह भी बताया गया है कि बीते चार वर्षों में रूस अपने फंड से लगभग 60 प्रतिशत सोना बेच चुका है। तेल और गैस निर्यात से होने वाली आय में गिरावट के बाद रूस यह कदम उठा रहा है।

 

विशेषज्ञों का मानना है कि भारत को सोने का बढ़ता निर्यात रूस की उस रणनीति का हिस्सा है, जिसके जरिए वह पश्चिमी प्रतिबंधों के बावजूद अपनी अर्थव्यवस्था को संभाले रखना चाहता है।

 

 

 

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