Wednesday, January 21

इंदौर: पानी पीने से हुई मौतों के बाद हटाए गए कमिश्नर को मिला बड़ा पद, हाईकोर्ट में वकील बोले – ‘ये सजा नहीं, रिवॉर्ड’

 

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इंदौर: भागीरथपुरा में दूषित पानी से हुई 15 मौतों के मामले में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच में मंगलवार को जोरदार बहस हुई। याचिकाकर्ता के वकील अजय बागड़िया ने तत्कालीन नगर निगम कमिश्नर दिलीप कुमार यादव की नई नियुक्ति को ‘रिवॉर्ड पोस्टिंग’ करार दिया।

 

मध्य प्रदेश सरकार ने पूर्व IMC आयुक्त यादव को एमपी स्टेट टूरिज्म डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (MPSTDC) का प्रबंध निदेशक नियुक्त किया। वकील अजय बागड़िया ने अदालत को बताया कि भागीरथपुरा त्रासदी के बाद यादव को हटाने का दावा सरकार ने किया था, लेकिन वास्तविकता में उन्हें दंड नहीं, बल्कि बड़े पद पर नियुक्त किया गया।

 

इस दौरान वकील ने दिल्ली के उपहार सिनेमा अग्निकांड और बेंगलुरु के आरसीबी समारोह भगदड़ का उदाहरण देते हुए बताया कि अन्य राज्यों में ऐसे मामलों में वरिष्ठ अधिकारियों को निलंबन जैसी कार्रवाई तुरंत की जाती है। उन्होंने मध्य प्रदेश में ऐसा नहीं होने की निंदा की।

 

राज्य सरकार ने भागीरथपुरा जल संदूषण की जांच के लिए एक राज्य-स्तरीय समिति का गठन किया है, जिसमें अतिरिक्त मुख्य सचिव संजय कुमार शुक्ला की अध्यक्षता में प्रशासनिक, तकनीकी और प्रबंधन खामियों की जांच की जाएगी। वकील ने अदालत को बताया कि समिति का गठन केवल दिखावा है और अधिकारियों को आपराधिक कार्रवाई से बचाने के लिए किया गया।

 

हाईकोर्ट बेंच जनहित याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी, जिनमें आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार अब तक 15 मौतें हुई हैं। अदालत ने याचिकाकर्ता की दलीलों पर फिलहाल कोई टिप्पणी नहीं की।

 

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