
उमरिया: विश्वप्रसिद्ध बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में बाघों की सुरक्षा को लेकर गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है। पिछले 20 दिनों में चौथा बाघ मरा है। मंगलवार को मानपुर बफर जोन के कुचवाही बीट के पास लगभग 5 वर्षीय मादा बाघ का शव मिलने की सूचना मिली। पार्क प्रबंधन ने प्रारंभिक तौर पर इसे आपसी संघर्ष से हुई मौत बताया है।
जांच और सुरक्षा प्रक्रिया:
क्षेत्र संचालक डॉ. अनुपम सहाय ने बताया कि सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और डॉग स्क्वॉड के माध्यम से आसपास का क्षेत्र सर्च किया गया। मृत बाघ का पंचनामा तैयार कर स्थल को सुरक्षित किया गया और मेटल डिटेक्टर से भी परीक्षण किया गया।
पोस्टमार्टम और आगे की कार्रवाई:
सक्षम वन्य चिकित्सकों की निगरानी में विस्तृत पोस्टमार्टम किया गया। आवश्यक नमूने संकलित कर अधिकृत प्रयोगशाला भेजे गए हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मृत्यु के सही कारणों का पता चलेगा।
वन विभाग में बढ़ी चिंता:
गौरतलब है कि 20 दिनों में चार बाघों की मौत हो चुकी है। वन्यजीव प्रेमियों और पर्यावरण विशेषज्ञों ने वन विभाग की लापरवाही पर चिंता जताई है। यदि इसी तरह घटनाएं होती रही, तो भविष्य में बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व का नाम बाघों के घनत्व के लिए याद नहीं, बल्कि मृत्युदर के लिए लिया जाएगा।