Thursday, June 4

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स्टूडेंट लोन की EMI सैलरी से वसूलने का फैसला टला, अमेरिका में 50 लाख छात्रों को बड़ी राहत

वॉशिंगटन।
अमेरिका में उच्च शिक्षा की बढ़ती लागत के बीच स्टूडेंट लोन लेकर पढ़ाई करने वाले लाखों छात्रों के लिए राहत की खबर है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने फिलहाल उस योजना को बदल दिया है, जिसके तहत डिफॉल्ट कर चुके छात्रों की सैलरी या टैक्स रिटर्न से सीधे स्टूडेंट लोन की EMI वसूलने की तैयारी की जा रही थी। इस फैसले से अमेरिका में करीब 50 लाख छात्रों को तत्काल राहत मिली है।

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अमेरिका में हायर एजुकेशन काफी महंगी होने के कारण बड़ी संख्या में छात्र फेडरल स्टूडेंट लोन लेकर पढ़ाई करते हैं। पढ़ाई पूरी होने के बाद इन्हें लोन चुकाना होता है, लेकिन मौजूदा समय में खराब जॉब मार्केट और बढ़ती महंगाई के चलते लाखों छात्र यह भुगतान करने में असमर्थ हो गए हैं।

क्यों बदला गया फैसला

अमेरिकी शिक्षा मंत्रालय ने साफ किया है कि फिलहाल फेडरल स्टूडेंट लोन की जबरन वसूली पर रोक लगाई जा रही है, क्योंकि सरकार इस पूरे सिस्टम को लेकर नई नीति पर काम कर रही है। इससे पहले योजना थी कि जनवरी 2026 से दिवालिया घोषित छात्रों की सैलरी और टैक्स रिफंड से सीधे EMI काटी जाएगी, जिससे छात्रों में भारी चिंता का माहौल था।

सरकार ने दिसंबर में वसूली शुरू करने का ऐलान किया था और पहले चरण में करीब एक हजार छात्रों को नोटिस भी भेजे गए थे, लेकिन अब इस प्रक्रिया को अस्थायी रूप से रोक दिया गया है।

मौजूदा नियम क्या कहते हैं

वर्तमान नियमों के अनुसार, यदि कोई छात्र 270 दिनों तक फेडरल स्टूडेंट लोन की कोई किस्त नहीं चुकाता, तो उसे डिफॉल्ट या दिवालिया घोषित कर दिया जाता है। इसके बाद सरकार उसकी सैलरी, टैक्स रिफंड या अन्य सरकारी भुगतान से लोन की राशि वसूल सकती है।

कोविड-19 महामारी के दौरान इस तरह की वसूली पर रोक लगा दी गई थी, लेकिन हाल ही में इसे दोबारा शुरू करने की घोषणा की गई थी, जिसे अब फिर टाल दिया गया है।

कितने छात्र हैं संकट में

शिक्षा मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, अमेरिका में 50 लाख से अधिक छात्र ऐसे हैं, जो स्टूडेंट लोन चुकाने में असफल रहे हैं और डिफॉल्ट की श्रेणी में आ चुके हैं। इसके अलावा लाखों छात्र ऐसे भी हैं, जो भुगतान में काफी पीछे चल रहे हैं और इस साल उनके भी दिवालिया घोषित होने की आशंका है।

विशेषज्ञों का कहना है कि कमजोर जॉब मार्केट और जीवनयापन की बढ़ती लागत ने हालात और मुश्किल बना दिए हैं, जिससे नए ग्रेजुएट्स के लिए लोन चुकाना चुनौती बन गया है।

आगे क्या करेगी सरकार

ट्रंप प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि स्टूडेंट लोन रिकवरी को लेकर नई और संतुलित नीति जुलाई 2026 तक सामने लाई जा सकती है। सरकार का कहना है कि वह छात्रों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ डाले बिना समाधान निकालने की कोशिश कर रही है।

निष्कर्ष

सरकार के इस कदम को छात्रों और शिक्षा विशेषज्ञों ने राहत भरा फैसला बताया है। हालांकि, स्थायी समाधान के लिए नई नीति का इंतजार किया जा रहा है, जिससे स्टूडेंट लोन की समस्या का दीर्घकालिक और व्यावहारिक हल निकल सके।

 

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