
कोटा: राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की लेवल-2 शिक्षक भर्ती परीक्षा के दौरान कोटा में हिजाब पहनने को लेकर विवाद खड़ा हो गया। महावीर नगर स्थित तिलक स्कूल परीक्षा केंद्र में दूसरी पारी में महिला अभ्यर्थी अलिशा को कथित तौर पर ड्रेस कोड का हवाला देकर प्रवेश नहीं दिया गया।
ड्रेस कोड पर उठे सवाल
अभ्यर्थी अलिशा सलवार-कमीज और हिजाब पहनकर परीक्षा केंद्र पहुंची थी। उसके पिता बरकतुल्ला ने बताया कि वे दोपहर 1 बजे से पहले ही केंद्र पर मौजूद थे। दस्तावेज सत्यापन और प्रारंभिक जांच के बाद जब अलिशा प्रवेश लेने लगी, तब केंद्राधीक्षक ने ड्रेस कोड का हवाला देते हुए उसे रोक दिया।
परिवार का कहना है कि ड्रेस कोड में सलवार-कमीज, चुन्नी और साड़ी की अनुमति है। अलिशा ने प्री-एग्जाम भी इसी तरह की ड्रेस में दिया था। एडमिट कार्ड की फोटो में भी वह हिजाब में है। परिवार ने यह भी स्पष्ट किया कि अलिशा बुर्का नहीं पहन रही थी, केवल दुपट्टे से चेहरा ढका हुआ था।
मेहनत पर पानी फिरने का आरोप
अलिशा पिछले एक साल से इस परीक्षा की तैयारी कर रही थी। अचानक प्रवेश न मिलने से उसकी पूरी मेहनत बेकार हो गई। सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी वायरल हुआ है, जिसमें अलिशा आरोप लगाती नजर आ रही हैं कि हिजाब पहनने की वजह से उसे परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं मिला।
सख्त सुरक्षा व्यवस्था के बीच परीक्षा संपन्न
परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए। अभ्यर्थियों को दोपहर 1 बजे से 2 बजे तक प्रवेश दिया गया, जबकि परीक्षा शुरू होने से एक घंटा पहले गेट बंद कर दिए गए। जवानों ने मेटल डिटेक्टर से जांच की और केंद्र के बाहर जैकेट, मेटल बटन वाले स्वेटर उतरवाए, जूते खोलकर तलाशी ली गई।
पहली पारी सुबह 10 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक आयोजित हुई, जिसमें 93.32 प्रतिशत अभ्यर्थी उपस्थित रहे। दूसरी पारी दोपहर 3 बजे से शाम 5:30 बजे तक चली, जिसमें कुल 16,462 अभ्यर्थियों में से 14,820 ने परीक्षा दी। इस पारी में उपस्थिति 90.03 प्रतिशत रही।
हिजाब को लेकर पहले भी हो चुका है विवाद
राजस्थान में हिजाब पहनने को लेकर इससे पहले भी विवाद सामने आ चुका है। पिछले साल अगस्त में टोंक जिले के जनाना अस्पताल में एक लेडी डॉक्टर और इंटर्न छात्रा के बीच हिजाब पहनने को लेकर बहस का वीडियो वायरल हुआ था। इस मसले पर तब राजनीतिक बहस भी हुई थी।