
नई दिल्ली: प्राकृतिक आपदाओं में लोगों की जान बचाने और राहत पहुंचाने में राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) ने पिछले 20 वर्षों में अभूतपूर्व काम किया है। आज एनडीआरएफ अपना 21वां स्थापना दिवस मना रहा है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जवानों की बहादुरी और समर्पण की जमकर तारीफ की है।
पीएम मोदी की सराहना:
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संदेश में कहा, “एनडीआरएफ के जवान संकट के समय सबसे आगे रहते हैं, लोगों की जान बचाते हैं, राहत प्रदान करते हैं और उम्मीद की किरण जगाते हैं।”
भारतीय सेना का बधाई संदेश:
भारतीय सेना के अतिरिक्त महानिदेशक जन सूचना ने भी एनडीआरएफ को बधाई दी। उन्होंने लिखा, “आपदा सेवा सदैव सर्वत्र। एनडीआरएफ के सभी जवानों और उनके परिवारों को 21वें स्थापना दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।”
एनडीआरएफ की स्थापना और संरचना:
एनडीआरएफ की स्थापना 2006 में आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत की गई। इसमें कुल 16 बटालियन हैं, जिनमें प्रत्येक में लगभग 1200 जवान तैनात हैं। वर्तमान में बल के महानिदेशक IPS पीयूष आनंद हैं।
मुख्यालय: नई दिल्ली
मोटो: आपदा सेवा सदैव सर्वत्र
उपलब्धि: अब तक 1.5 लाख से अधिक जानें बचाई, लाखों लोगों को सुरक्षित निकाला
एनडीआरएफ का काम:
एनडीआरएफ प्राकृतिक और मानव निर्मित आपदाओं जैसे बाढ़, भूकंप, भूस्खलन, चक्रवात और बिल्डिंग गिरने के समय राहत और बचाव कार्य करता है। इसके अलावा बल स्वच्छ भारत अभियान, स्वास्थ्य जागरूकता और कुपोषण जैसी सामाजिक अभियानों में भी योगदान देता है।
देश और विदेश में बड़ी उपलब्धियां:
स्थापना के बाद एनडीआरएफ ने देश के साथ-साथ विदेशों में भी कई राहत कार्य किए हैं।
अब तक 1,59,293 से अधिक लोगों की जान बचाई और 8,64,316 से ज्यादा फंसे लोगों को सुरक्षित निकाला।
विदेशी मिशन:
2011: जापान में आपदा राहत
2015: नेपाल भूकंप
2023: तुर्की भूकंप
2025: म्यांमार भूकंप
भारत में प्रमुख ऑपरेशन:
सिल्क्यारा टनल ऑपरेशन, नवंबर 2023
केरल बाढ़, 2018
चेन्नई बाढ़, 2015
उत्तराखंड बाढ़/भूस्खलन, 2013 (ऑपरेशन सूर्या होप)
एनडीआरएफ की तीव्र प्रतिक्रिया, कठोर प्रशिक्षण और आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल इन्हें वैश्विक स्तर पर प्रशंसा दिलाता है। पिछले 20 सालों में यह बल आपदा राहत और बचाव के क्षेत्र में भारत का गौरव बन चुका है।